{"_id":"642201c4e22b6a292406da64","slug":"shrirams-nature-is-gentler-than-all-the-gods-bareilly-news-c-4-1-109624-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: श्रीराम का स्वभाव सभी देवताओं से कोमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: श्रीराम का स्वभाव सभी देवताओं से कोमल
Tue, 28 Mar 2023 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 28 Mar 2023 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। खुशहाली फाउंडेशन की ओर से मॉडल टाउन स्थित श्रीहरि मंदिर में संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन सोमवार को संत विजय कौशल महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम का अर्थ समझाया। उन्होंने भागवान के स्वरूपों का भी वर्णन किया। इस दौरान श्रीराम के जयकारे लगाए गए।
रविवार से शुरू हुई राम कथा के दूसरे दिन कथाव्यास ने कहा कि भगवान राम का स्वभाव सभी देवताओं से कोमल और सरल है। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने मर्यादा से समझौता नहीं किया और वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहलाए गए। भगवान राम ने शत्रुओं के बीच भी एक अमिट लकीर खींची। इसलिए उनके शत्रु भी उनका यशोगान करते हैं। मनुष्य को समस्त व्यस्तताओं के बावजूद भी श्रीराम कथा श्रवण का अवसर नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि रामकथा न केवल दुखों को दूर करती है। साथ ही जीवन के सभी प्रकार के संशय को भी दूर करती है। संशय ग्रंथ पढ़ने से दूर नहीं होता वरन सत्संग से होता है।
भगवान के स्वभाव के गुणगान को ही राम कथा कहते हैं। यह हमें दो बातों का बोध कराती है। पहली की भगवान कौन है और दूसरी की भगवान कैसे हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से सौ डिग्री ताप पर गर्म होने के बाद ही पानी भाप बनता है। उसी तरह पूरी श्रद्धा व भक्ति से कठिन तपस्या करने के बाद ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। सत्य पर चलने का मार्ग कठिन तो है पर सफलता अवश्य मिलती है।
विज्ञापन
संत विजय कौशल महाराज ने कभी राम बनके कभी श्याम बनके भजन के साथ कथा का समापन किया। कथा का संचालन डॉक्टर ब्रजेश यादव ने किया। विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, श्याम बिहारी लाल, राजीव अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ कृष्ण गोपाल, धर्मेंद्र, अशोक, ओमवीर आदि ने कथा व्यास का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. विनोद पागरानी, समिति अध्यक्ष अतुल खंडेलवाल, समीर मोहन, अमित अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति रश्मि पटेल, दुर्विजय सिंह शाक्य, विष्णु अग्रवाल, आदित्य प्रकाश उपस्थित रहे।
विज्ञापन
रविवार से शुरू हुई राम कथा के दूसरे दिन कथाव्यास ने कहा कि भगवान राम का स्वभाव सभी देवताओं से कोमल और सरल है। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने मर्यादा से समझौता नहीं किया और वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहलाए गए। भगवान राम ने शत्रुओं के बीच भी एक अमिट लकीर खींची। इसलिए उनके शत्रु भी उनका यशोगान करते हैं। मनुष्य को समस्त व्यस्तताओं के बावजूद भी श्रीराम कथा श्रवण का अवसर नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि रामकथा न केवल दुखों को दूर करती है। साथ ही जीवन के सभी प्रकार के संशय को भी दूर करती है। संशय ग्रंथ पढ़ने से दूर नहीं होता वरन सत्संग से होता है।
विज्ञापन
भगवान के स्वभाव के गुणगान को ही राम कथा कहते हैं। यह हमें दो बातों का बोध कराती है। पहली की भगवान कौन है और दूसरी की भगवान कैसे हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से सौ डिग्री ताप पर गर्म होने के बाद ही पानी भाप बनता है। उसी तरह पूरी श्रद्धा व भक्ति से कठिन तपस्या करने के बाद ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। सत्य पर चलने का मार्ग कठिन तो है पर सफलता अवश्य मिलती है।
विज्ञापन
संत विजय कौशल महाराज ने कभी राम बनके कभी श्याम बनके भजन के साथ कथा का समापन किया। कथा का संचालन डॉक्टर ब्रजेश यादव ने किया। विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, श्याम बिहारी लाल, राजीव अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ कृष्ण गोपाल, धर्मेंद्र, अशोक, ओमवीर आदि ने कथा व्यास का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. विनोद पागरानी, समिति अध्यक्ष अतुल खंडेलवाल, समीर मोहन, अमित अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति रश्मि पटेल, दुर्विजय सिंह शाक्य, विष्णु अग्रवाल, आदित्य प्रकाश उपस्थित रहे।