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Bareilly News: टेंडर लेने के लिए श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक ने लगाया फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र
Tue, 04 Aug 2026 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:49 AM IST
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बरेली। नगर निगम की विकास परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा सामने आया है। श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स नाम की ठेकेदार फर्म ने सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम प्रशासन ने फर्म को पांच दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निगम ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर फर्म को काली सूची में डालने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
यह मामला वार्ड संख्या नौ नौमहला रोड पर एसबी इंटर कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण और साइड पटरी निर्माण कार्य से जुड़ा है। इस परियोजना का एस्टीमेट 22.80 लाख रुपये था, जिसे राज्य वित्त आयोग और नगर निगम निधि से स्वीकृत किया गया था। महापौर उमेश गौतम ने 29 जनवरी 2026 को इस कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। इसके बाद 2 फरवरी 2026 को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदा में अर्हता प्राप्त करने के लिए मैसर्स श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने एक अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया था। यह प्रमाण पत्र पंचकूला स्थित जादूनाथ सैनिक इंस्टीट्यूट के लेफ्टिनेंट कर्नल पूरन सिंह यादव के हस्ताक्षर से जारी बताया गया था।
नगर निगम के निर्माण विभाग ने 25 जून को पंजीकृत डाक से प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराई। सैन्य संस्थान ने अपने जवाबी पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने मैसर्स श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स के पक्ष में ऐसा कोई प्रमाण पत्र कभी जारी नहीं किया है। संस्थान ने ठेकेदार फर्म द्वारा जमा किए गए प्रमाण पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया।
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अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी ने इसे सरकारी निविदा प्रक्रिया को गुमराह करने और धोखाधड़ी का गंभीर मामला माना है। उन्होंने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पांच दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। निगम ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर फर्म को काली सूची में डालने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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यह मामला वार्ड संख्या नौ नौमहला रोड पर एसबी इंटर कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण और साइड पटरी निर्माण कार्य से जुड़ा है। इस परियोजना का एस्टीमेट 22.80 लाख रुपये था, जिसे राज्य वित्त आयोग और नगर निगम निधि से स्वीकृत किया गया था। महापौर उमेश गौतम ने 29 जनवरी 2026 को इस कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। इसके बाद 2 फरवरी 2026 को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदा में अर्हता प्राप्त करने के लिए मैसर्स श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने एक अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया था। यह प्रमाण पत्र पंचकूला स्थित जादूनाथ सैनिक इंस्टीट्यूट के लेफ्टिनेंट कर्नल पूरन सिंह यादव के हस्ताक्षर से जारी बताया गया था।
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नगर निगम के निर्माण विभाग ने 25 जून को पंजीकृत डाक से प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराई। सैन्य संस्थान ने अपने जवाबी पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने मैसर्स श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स के पक्ष में ऐसा कोई प्रमाण पत्र कभी जारी नहीं किया है। संस्थान ने ठेकेदार फर्म द्वारा जमा किए गए प्रमाण पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया।
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अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी ने इसे सरकारी निविदा प्रक्रिया को गुमराह करने और धोखाधड़ी का गंभीर मामला माना है। उन्होंने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पांच दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। निगम ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर फर्म को काली सूची में डालने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।