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Bareilly News: उपकरण की कमी, तीन सौ बेड अस्पताल में ही नेत्र रोग ओपीडी
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बरेली। जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है, लेकिन जांच उपकरण तीन सौ बेड अस्पताल में स्थापित किए जाने से मरीज भटक रहे हैं। मंगलवार को आंख की जांच कराने पहुंची नन्ही पर्चा लेकर भटकती रहीं। स्वास्थ्यकर्मियों ने तीन सौ बेड अस्पताल भेज दिया।
कोरोना महामारी थमने के बाद तीन सौ बेड अस्पताल में जिला अस्पताल के सहयोग से ओपीडी का संचालन शुरू हुआ। वर्ष 2022-23 में नेत्र, दांत संबंधी रोगों की जांच के लिए उपकरण जिला अस्पताल से हटाकर तीन सौ बेड में लगा दिए गए। तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जानकारी पर आंखों की समस्या लेकर मरीज पहुंचने लगे, लेकिन जांच उपकरण न होने से इलाज नहीं मिल सका। उन्हें तीन सौ बेड अस्पताल में ही जांच को भेजा गया। मंगलवार को भी नन्हीं देवी आंखों में जलन, चुभन और धुंधलेपन की जांच कराने पहुंची थी।
मामले पर एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित का कहना है कि एडी हेल्थ और सीएमओ के साथ बैठक की गई। करीब चार साल से तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में आंखों के मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। इसलिए नवागत नेत्र रोग विशेषज्ञ भी ओपीडी में रोस्टर के तहत मरीज देखेंगे।
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कोरोना महामारी थमने के बाद तीन सौ बेड अस्पताल में जिला अस्पताल के सहयोग से ओपीडी का संचालन शुरू हुआ। वर्ष 2022-23 में नेत्र, दांत संबंधी रोगों की जांच के लिए उपकरण जिला अस्पताल से हटाकर तीन सौ बेड में लगा दिए गए। तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जानकारी पर आंखों की समस्या लेकर मरीज पहुंचने लगे, लेकिन जांच उपकरण न होने से इलाज नहीं मिल सका। उन्हें तीन सौ बेड अस्पताल में ही जांच को भेजा गया। मंगलवार को भी नन्हीं देवी आंखों में जलन, चुभन और धुंधलेपन की जांच कराने पहुंची थी।
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मामले पर एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित का कहना है कि एडी हेल्थ और सीएमओ के साथ बैठक की गई। करीब चार साल से तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में आंखों के मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। इसलिए नवागत नेत्र रोग विशेषज्ञ भी ओपीडी में रोस्टर के तहत मरीज देखेंगे।
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