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Bareilly News: नौकरी कर छोटे भाई-बहन को पढ़ा रही थी शिवानी
Tue, 01 Aug 2023 02:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 01 Aug 2023 02:07 AM IST
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भोजीपुरा। नैनीताल हाईवे पर रविवार देर रात हुए हादसे में जान गंवाने वाली शिवानी अपने परिवार में इकलौती कमाने वाली थी। परिवार में सबसे बड़ी होने के बाद भी उसने खुद शादी करने की जगह पहले मंझली बहन की शादी कराई। नौकरी कर वह अपने छोटे भाई और बहन को पढ़ाने के साथ परिवार का खर्च भी उठा रही थी।
शिवानी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को उसके घर के बाहर जमा हो गया। हर कोई गमगीन था। गांव वालों ने बताया कि शिवानी के पिता गेंदन लाल मजदूरी करते थे। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा था। करीब 11 साल पहले उनकी मौत हो गई। सबसे छोटा बेटा अमन उस समय करीब सात महीने का था।
गेंदन लाल की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सबसे बड़ी बेटी शिवानी पर आ गई। पिता की मौत के बाद शिवानी ने गांव में ही रहकर मजदूरी करने के साथ पढ़ाई जारी रखी। दोनों बहनों और भाई को भी पढ़ाया। पिछले दो साल से वह रुद्रपुर में रहकर नौकरी कर रही थी। छोटे भाई को वह अपने साथ रखकर रुद्रपुर में ही पढ़ा रही थी।
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परिवार में सबसे बड़ी होने की वजह से घरवालों ने उससे कई बार शादी करने के लिए कहा मगर उसने दोनों बहनों की शादी कराने के बाद ही खुद शादी करने की बात कही। कुछ समय पहले उसने मंझली बहन की शादी करा दी। छोटी बहन के लिए भी वह रिश्ता देख रही थी। गांव वालों ने बताया कि शिवानी अक्सर कहती थी कि अमन पढ़-लिखकर जब अच्छी नौकरी करने लगेगा तब उसके परिवार की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी। इससे पहले ही हादसे में दोनों भाई-बहनों की मौत हो गई।
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शिवानी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को उसके घर के बाहर जमा हो गया। हर कोई गमगीन था। गांव वालों ने बताया कि शिवानी के पिता गेंदन लाल मजदूरी करते थे। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा था। करीब 11 साल पहले उनकी मौत हो गई। सबसे छोटा बेटा अमन उस समय करीब सात महीने का था।
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गेंदन लाल की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सबसे बड़ी बेटी शिवानी पर आ गई। पिता की मौत के बाद शिवानी ने गांव में ही रहकर मजदूरी करने के साथ पढ़ाई जारी रखी। दोनों बहनों और भाई को भी पढ़ाया। पिछले दो साल से वह रुद्रपुर में रहकर नौकरी कर रही थी। छोटे भाई को वह अपने साथ रखकर रुद्रपुर में ही पढ़ा रही थी।
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परिवार में सबसे बड़ी होने की वजह से घरवालों ने उससे कई बार शादी करने के लिए कहा मगर उसने दोनों बहनों की शादी कराने के बाद ही खुद शादी करने की बात कही। कुछ समय पहले उसने मंझली बहन की शादी करा दी। छोटी बहन के लिए भी वह रिश्ता देख रही थी। गांव वालों ने बताया कि शिवानी अक्सर कहती थी कि अमन पढ़-लिखकर जब अच्छी नौकरी करने लगेगा तब उसके परिवार की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी। इससे पहले ही हादसे में दोनों भाई-बहनों की मौत हो गई।