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त्रिशूल एयरबेस मेें छिपे तेंदुए को खोजेंगे सेंसर युक्त कैमरे
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व से मंगाए गए विशेष कैमरे, आज लगाए जाएंगे
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बरेली। त्रिशूल एयरफोर्स परिसर में बुधवार सुबह घुसकर छिपे तेंदुए को ढूंढने में वन विभाग गुरुवार को नाकाम रहा। दिन भर टीम सीसीटीवी कैमरे से निगरानी करती रही मगर तेंदुआ नजर नहीं आया। लिहाजा, अब वन विभाग ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सेंसर युक्त दस कै मरे मंगाए है। अब इन्हीं की मदद से तेंदुए की तलाश की जाएगी।
गायत्रीनगर के पास एयरफोर्स स्टेशन की चाहरदीवारी किनारे कुछ लोगों ने तेंदुए को देखा था। लोगों की हलचल और फोटो खींचने से तेेंदुआ चाहरदीवारी कूदकर एयरफोर्स परिसर में घुस गया था। इसके बाद से ही एयरफोर्स परिसर में खलबली मची हुई है। अफसरों के मुताबिक, एयरबेस के रनवे (फ्लाइंग प्रैक्टिस एरिया) की तरफ बुधवार शाम तेंदुआ नजर आया था। उस तरफ पूरा खाली मैदान है जो झाड़ियों से ढका हुआ है। ऐसे में तेंदुआ बाद में कहां जाकर छिप गया, यह जानना बेहद मुश्किल है। एयरबेस में जो भी कैमरे लगे हैं उनमें भी गुरुवार को तेंदुआ नजर नहीं आया। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से भी एयरबेस में टीम ज्यादा खोजबीन नहीं कर पा रही हैं। निर्धारित क्षेत्र में ही ढूंढने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरुवार को दूसरे दिन भी डीएफओ भरतलाल टीम के साथ एयरफोर्स परिसर में काफी देर तक रहे। तेेंदुए के चहलकदमी पर निगरानी के लिए वन विभाग की टीमोें की ड्यूटी दिन और रात दोनों ही समय लगाई गई है। बृहस्पतिवार को भी तेंदुए की कोई लोकेशन न मिलने के बाद डीएफओ भरतलाल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व से 10 सीसीटीवी कैमरे मंगवाए हैं। बरेली डिवीजन के रेंजर वैभव चौधरी के मुताबिक इन कैमरों को शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर लगाया जाएगा।
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गायत्रीनगर के पास एयरफोर्स स्टेशन की चाहरदीवारी किनारे कुछ लोगों ने तेंदुए को देखा था। लोगों की हलचल और फोटो खींचने से तेेंदुआ चाहरदीवारी कूदकर एयरफोर्स परिसर में घुस गया था। इसके बाद से ही एयरफोर्स परिसर में खलबली मची हुई है। अफसरों के मुताबिक, एयरबेस के रनवे (फ्लाइंग प्रैक्टिस एरिया) की तरफ बुधवार शाम तेंदुआ नजर आया था। उस तरफ पूरा खाली मैदान है जो झाड़ियों से ढका हुआ है। ऐसे में तेंदुआ बाद में कहां जाकर छिप गया, यह जानना बेहद मुश्किल है। एयरबेस में जो भी कैमरे लगे हैं उनमें भी गुरुवार को तेंदुआ नजर नहीं आया। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से भी एयरबेस में टीम ज्यादा खोजबीन नहीं कर पा रही हैं। निर्धारित क्षेत्र में ही ढूंढने के निर्देश दिए गए हैं।
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गुरुवार को दूसरे दिन भी डीएफओ भरतलाल टीम के साथ एयरफोर्स परिसर में काफी देर तक रहे। तेेंदुए के चहलकदमी पर निगरानी के लिए वन विभाग की टीमोें की ड्यूटी दिन और रात दोनों ही समय लगाई गई है। बृहस्पतिवार को भी तेंदुए की कोई लोकेशन न मिलने के बाद डीएफओ भरतलाल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व से 10 सीसीटीवी कैमरे मंगवाए हैं। बरेली डिवीजन के रेंजर वैभव चौधरी के मुताबिक इन कैमरों को शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर लगाया जाएगा।
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पिंजड़े में बंधे बकरे का नहीं किया शिकार
तेंदुआ अब एयरबेस परिसर मेें है या नहीं इसे लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को पिंजड़े में बंधे गए बकरे का शिकार न करने से तेंदुए के कहीं और चले जाने का अनुमान भी लगाया गया। वहीं 14 फीट ऊंची चाहरदीवारी को पार करना भी मुश्किल है, इसलिए वन विभाग के अफसर तेंदुए के पकड़े जाने तक एयरबेस में डेरा डाले हुए हैं।खतरा बरकरार... उड़ानें फिर प्रभावित
एयरबेस के रनवे की ओर तेंदुए की बुधवार को मिली लोकेशन के चलते गुरुवार को उसकी मौजूदगी को लेकर खलबली मची रही। कहीं कोई घटना न हो जाए इसलिए एहतियातन उड़ाने प्रभावित रहीं। अफसरों के मुताबिक लोकेशन ट्रेस न होने से तेंदुए की मौजूदगी की आशंका से इनकार नहीं कर सकते।दिन भर रेस्क्यू के लिए टीम तैयार रही मगर लोकेशन न मिलने से असमंजस की स्थिति रही। पीलीभीत से सेंसर युक्त कैमरे मांगे गए हैं। जितने भी कैमरे मिलेंगे वे सभी लगाए जाएंगे ताकि तेंदुए को पकड़ने का काम तेजी से पूरा हो। -भरतलाल, डीएफओ