{"_id":"6a9c78461bb8aa2c630a64d1","slug":"selection-of-a-student-and-a-teacher-for-the-tecc-scholarship-bareilly-news-c-4-bly1015-961047-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: एक छात्रा और शिक्षिका का टीईसीसी छात्रवृत्ति के लिए चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: एक छात्रा और शिक्षिका का टीईसीसी छात्रवृत्ति के लिए चयन
Sun, 06 Sep 2026 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:45 AM IST
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से ताइपे आर्थिक व सांस्कृतिक केंद्र (टीईसीसी) की छात्रवृत्ति के लिए एक छात्रा और एक शिक्षिका का चयन हुआ है। बहुभाषी विभाग की छात्रा और आउटसोर्स कर्मचारी गीतांजलि तिवारी को एक वर्ष की छात्रवृत्ति मिली है। शिक्षा विभाग की शिक्षिका मिनाक्षी द्विवेदी का चयन शिक्षकों की श्रेणी में हुआ है।
इस बार केवल एक छात्रा का चयन हुआ है, जबकि पिछले वर्षों में अधिक छात्रों को यह छात्रवृत्ति मिलती थी। एक छात्र ने चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया था, जिसमें विभाग की एक कर्मचारी के चयन को निश्चित बताया गया था।
विभाग प्रभारी अनीता त्यागी ने आरटीआई के जवाब में गीतांजलि के आउटसोर्स कर्मी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीईसीसी सीधे विश्वविद्यालय से नहीं, बल्कि ताइवान से आए शिक्षक से ही संपर्क करता है। शिक्षकों के चयन पर त्यागी ने बताया कि दो शिक्षकों में से बदायूं के शिक्षक आवेदन नहीं कर सके, इसलिए मिनाक्षी द्विवेदी का चयन हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार कम छात्रों का चयन टीईसीसी की बदली हुई नीतियों के कारण हुआ है, इसमें बहुभाषी विभाग की कोई भूमिका नहीं है। कुलपति अनिल कुमार राय ने कहा कि छात्रा का चयन अर्न वाइल यू लर्न नीति के तहत हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि केवल एक शिक्षिका ने आवेदन किया, इसलिए उनका चयन हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बार केवल एक छात्रा का चयन हुआ है, जबकि पिछले वर्षों में अधिक छात्रों को यह छात्रवृत्ति मिलती थी। एक छात्र ने चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया था, जिसमें विभाग की एक कर्मचारी के चयन को निश्चित बताया गया था।
विज्ञापन
विभाग प्रभारी अनीता त्यागी ने आरटीआई के जवाब में गीतांजलि के आउटसोर्स कर्मी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीईसीसी सीधे विश्वविद्यालय से नहीं, बल्कि ताइवान से आए शिक्षक से ही संपर्क करता है। शिक्षकों के चयन पर त्यागी ने बताया कि दो शिक्षकों में से बदायूं के शिक्षक आवेदन नहीं कर सके, इसलिए मिनाक्षी द्विवेदी का चयन हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार कम छात्रों का चयन टीईसीसी की बदली हुई नीतियों के कारण हुआ है, इसमें बहुभाषी विभाग की कोई भूमिका नहीं है। कुलपति अनिल कुमार राय ने कहा कि छात्रा का चयन अर्न वाइल यू लर्न नीति के तहत हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि केवल एक शिक्षिका ने आवेदन किया, इसलिए उनका चयन हुआ।
विज्ञापन