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त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा की कवायद पर अफसरों में भ्रम
बरेली
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:17 AM IST
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बरेली। त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे सर्वे पर दोपहर से लेकर देर शाम तक बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों में भ्रम बना रहा। शाम को अभियंताओं को मौखिक आदेश दे दिए गए कि अब 100 मीटर तक के अवैध भवनों का चिह्नांकन और सर्वे होगा। एक बार विरोध झेलने के बाद फिर से सर्वे के लिए अभियंताओं ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मांगा। दूसरी ओर यह मामला डीएम तक पहुंचा तो रात में निर्देश मिले कि फिलहाल सर्वे 50 मीटर तक रहेगा। तहसीलदार सदर ने अपने स्तर से रिपोर्ट तैयार करके डीएम को सौंप दी है। बीडीए में इस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बीडीए के अधियंता 20 जनवरी से त्रिशूल एयरबेस के आसपास 50 मीटर कर सर्वे कर रहे हैं। उनके स्तर से किए गए सर्वे में अब तक 336 भवन अवैध चिह्नांकित हुए हैं। करीब 175 भवनों का आंशिक हिस्सा चिह्नांकित हुआ है। नगर निगम की ओर से सर्वे रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है, जो कि सोमवार को कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। रक्षा मंत्रालय चाहता है कि त्रिशूल एयरबेस के आसपास 100 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण ध्वस्त हों और भविष्य में अवैध निर्माण न हो। वहीं दूसरी ओर 13 जनवरी को हुई बैठक में कमिश्नर ने तय किया था कि फिलहाल 50 मीटर तक के अवैध निर्माण चिह्नांकित कर लिए जाएं। दूसरे फेज में अगले 50 मीटर के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का नंबर लिया जाएगा। पहले फेज का सर्वे पूरा हुआ तो अभियंताओं ने भ्रम फैलाया कि शनिवार से अब 100 मीटर तक अवैध भवनों का चिह्नांकन होगा।
‘फिलहाल 50 मीटर तक का सर्वे हुआ है, तहसील की रिपोर्ट आ गई है। बीडीए और नगर निगम की ओर से रिपोर्ट आने का इंतजार है।’ गौरव दयाल, डीएम
सिविल डिफेंस भी लगेगा त्रिशूल की सुरक्षा में
बरेली। त्रिशूल की सुरक्षा में सिविल डिफेंस भी लगेगा। वहां के आसपास के गांवों में तरह तरह के ट्रेंड करीब 250 लोगों को लगाया जाएगा। ये लोग आपात स्थिति में एयरबेस की सुरक्षा में मददगार होंगे। यह व्यवस्था नए निर्देश के तहत की जाएगी। इनके लिए गांवों और बरेली शहर में लोग तलाशे जा रहे हैं जो कि वार्डन, उप वार्डन, वायलंटियर आदि पदों पर होंगे।
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सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक कश्मीर सिंह दिवाकर ने बताया कि भर्ती के लिए अभी से लोगों की तलाश है। नए निर्देशों के तहत वायलंटियर वार्डन तथा अन्य पदों का काम देखने वालों को मानदेय भी मिलेगा, उनको बरेली के अलावा दिल्ली और लखनऊ में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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बीडीए के अधियंता 20 जनवरी से त्रिशूल एयरबेस के आसपास 50 मीटर कर सर्वे कर रहे हैं। उनके स्तर से किए गए सर्वे में अब तक 336 भवन अवैध चिह्नांकित हुए हैं। करीब 175 भवनों का आंशिक हिस्सा चिह्नांकित हुआ है। नगर निगम की ओर से सर्वे रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है, जो कि सोमवार को कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। रक्षा मंत्रालय चाहता है कि त्रिशूल एयरबेस के आसपास 100 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण ध्वस्त हों और भविष्य में अवैध निर्माण न हो। वहीं दूसरी ओर 13 जनवरी को हुई बैठक में कमिश्नर ने तय किया था कि फिलहाल 50 मीटर तक के अवैध निर्माण चिह्नांकित कर लिए जाएं। दूसरे फेज में अगले 50 मीटर के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का नंबर लिया जाएगा। पहले फेज का सर्वे पूरा हुआ तो अभियंताओं ने भ्रम फैलाया कि शनिवार से अब 100 मीटर तक अवैध भवनों का चिह्नांकन होगा।
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‘फिलहाल 50 मीटर तक का सर्वे हुआ है, तहसील की रिपोर्ट आ गई है। बीडीए और नगर निगम की ओर से रिपोर्ट आने का इंतजार है।’ गौरव दयाल, डीएम
सिविल डिफेंस भी लगेगा त्रिशूल की सुरक्षा में
बरेली। त्रिशूल की सुरक्षा में सिविल डिफेंस भी लगेगा। वहां के आसपास के गांवों में तरह तरह के ट्रेंड करीब 250 लोगों को लगाया जाएगा। ये लोग आपात स्थिति में एयरबेस की सुरक्षा में मददगार होंगे। यह व्यवस्था नए निर्देश के तहत की जाएगी। इनके लिए गांवों और बरेली शहर में लोग तलाशे जा रहे हैं जो कि वार्डन, उप वार्डन, वायलंटियर आदि पदों पर होंगे।
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सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक कश्मीर सिंह दिवाकर ने बताया कि भर्ती के लिए अभी से लोगों की तलाश है। नए निर्देशों के तहत वायलंटियर वार्डन तथा अन्य पदों का काम देखने वालों को मानदेय भी मिलेगा, उनको बरेली के अलावा दिल्ली और लखनऊ में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।