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बीएड काउंसलिंग : 1.17 लाख विद्यार्थियों को सीटें आवंटित
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बरेली। बीएड काउंसलिंग के चारों चरणों के 1.17 लाख विद्यार्थियों को सीटों का शुक्रवार को आवंटन कर दिया गया। काउंसलिंग में 1.31 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन तमाम विद्यार्थियों ने काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लिया। इसका कारण तलाशा जा रहा है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि पूल और डायरेक्ट काउंसलिंग में दो लाख से अधिक विद्यार्थी हिस्सा लेंगे, तभी सभी सीटें भर जाएंगी।
प्रदेश भर के 1500 से अधिक बीएड कॉलेजों में 2.39 लाख सीटें हैं। विश्वविद्यालय की ओर कराई गई काउंसलिंग में 1.17 लाख विद्यार्थियों ने सीटें लॉक की थीं। उन्हें कॉलेजों में दाखिला मिल गया है। अब बाकी सीटें भरने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुछ दूसरे विश्वविद्यालय के स्नातक के परिणामों में देरी हो रही है, इससे छात्र काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सके। यह विद्यार्थी अब पूल काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे।
डायरेक्ट दाखिले में मनमुताबिक नियम बनाते हैं छात्र
बताते हैं कि हर बार बीएड काउंसलिंग में शुरूआत के चरणों में छात्र कम दाखिला लेते हैं लेकिन डायरेक्ट काउंसलिंग में अधिक छात्र भाग लेते हैं। छात्र अपनी शर्तों के मुताबिक यह कार्य करते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। पिछले वर्षों में ऐसे उदाहरण सामने भी आए हैं। कई ऐसे भी केस पहले आए हैं कि छात्र परीक्षा देने ही कॉलेजों में पहुंचते हैं।
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बीएड काउंसलिंग के तहत 1.17 लाख विद्यार्थियों को कॉलेजों में सीटों का आवंटन कर दिया गया है। पूल और डायरेक्ट काउंसलिंग में विद्यार्थी काफी संख्या में शामिल हो सकते हैं, जिससे सीटें फुल हो जाएंगी। - डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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प्रदेश भर के 1500 से अधिक बीएड कॉलेजों में 2.39 लाख सीटें हैं। विश्वविद्यालय की ओर कराई गई काउंसलिंग में 1.17 लाख विद्यार्थियों ने सीटें लॉक की थीं। उन्हें कॉलेजों में दाखिला मिल गया है। अब बाकी सीटें भरने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुछ दूसरे विश्वविद्यालय के स्नातक के परिणामों में देरी हो रही है, इससे छात्र काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सके। यह विद्यार्थी अब पूल काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे।
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डायरेक्ट दाखिले में मनमुताबिक नियम बनाते हैं छात्र
बताते हैं कि हर बार बीएड काउंसलिंग में शुरूआत के चरणों में छात्र कम दाखिला लेते हैं लेकिन डायरेक्ट काउंसलिंग में अधिक छात्र भाग लेते हैं। छात्र अपनी शर्तों के मुताबिक यह कार्य करते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। पिछले वर्षों में ऐसे उदाहरण सामने भी आए हैं। कई ऐसे भी केस पहले आए हैं कि छात्र परीक्षा देने ही कॉलेजों में पहुंचते हैं।
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बीएड काउंसलिंग के तहत 1.17 लाख विद्यार्थियों को कॉलेजों में सीटों का आवंटन कर दिया गया है। पूल और डायरेक्ट काउंसलिंग में विद्यार्थी काफी संख्या में शामिल हो सकते हैं, जिससे सीटें फुल हो जाएंगी। - डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय