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ईपीएफ-जीएसटी की रकम हड़पने वाली ठेका फर्मों की तलाश शुरू

Thu, 03 Dec 2020 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 01:20 AM IST
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Search begins for contract firms to grab EPF-GST amount
ईपीएफ - फोटो : demo pics

सभी एक्सईएन से मांगी गई रिपोर्ट, करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका

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बरेली। संविदा कर्मियों के ईपीएफ खातों में जमा होने वाला धन ज्यादातर ठेकेदारों की जेब में चला गया है। एक वर्ष पुराने घोटाले मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से पावर कॉरपोरेशन में ठेका लेने वाली फर्मों में अफरातफरी मची हुई। साथ ही इस धंधे में शामिल अफसर भी परेशान दिखे। इस बीच अधीक्षण अभियंता ने जिले के सभी एक्सईएन को पत्र लिखकर आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म के ठेकों का ब्योरा तलब किया है। उन्होंने पत्र में ईपीएफ और जीएसटी जमा होने की जानकारी भी मांगी है।
बहेड़ी विद्युत वितरण खंड स्थित कताई मिल उपकेंद्र पर कार्यरत में संविदा कर्मियों ने पिछले साल शिकायत की थी कि उनका ठेकेदार ईपीएफ राशि खातों में जमा नहीं करा रहा है। इस पर तत्कालीन एक्सईएन अनुज गुप्ता ने ठेकेदार फर्म आदर्श इंटरप्राइजेज प्रबंधक (मालिक) ललित कुमार को लिखित चेतावनी दी थी। मगर ठेकेदार फर्म ने अनसुना कर दिया और ईपीएफ जमा नहीं कराया। बताया जाता है कि फर्म ने जीएसटी जमा होने को भी ब्योरा नहीं दिया था। इस पर एक्सईएन गुप्ता ने आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म के मालिक पर एफआईआर दर्ज करा दी। इसके बाद अफसरों और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से फर्म संचालक पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पायी। अब सरकार ने प्रदेश भर में पुराने दर्ज मामलों की समीक्षा शुरू कराई तो इस अभियान के तहत ही एएसपी सत्यनारायण प्रजापत ने आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म संचालक ललित कुमार को धर दबोचा। इससे पावर कॉरपोरेशन में हेराफेरी करने वाले अन्य ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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अफसर भी बेचैन, रिपोर्ट मांगी

पावर कॉरपोरेशन में ईपीएफ और जीएसटी जमा नहीं होने का खुलासा होने पर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। करोड़ों रुपये के घोटाले में कुछ अधिकारी भी फंस सकते हैं क्योंकि यह सारा खेल उनकी जानकारी में हो रहा है। इससे पहले एक विधायक ने फर्जी जीएसटी पंजीकरण नंबर पर काम करने और ठेकेदारों द्वारा जीएसटी जमा नहीं करने का मामला उठाया था। लेकिन इस बार पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई कर दी, इससे अफसर भी बेचैन हैं। इसलिए अधीक्षण अभियंता एसटी जलील ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सभी एसक्सईएन को पत्र लिखकर आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म द्वारा किए जा रहे काम, जीएसटी और ईपीएफ जमा होने की जानकारी तलब की है। बताया जाता है कि निजीकरण के विरोध आंदोलन से जुड़े कई अफसर और संगठन नेता ईपीएफ और जीएसटी घोटाले में शामिल ठेकेदारों की पैरवी कर रहे हैं।
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