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Bareilly News: खुद को उच्चाधिकारियाें का करीबी बताने वाले एसडीई का तबादला
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बरेली। खुद को उच्चाधिकारियों का करीबी बताने वाले उप खंड अभियंता (एसडीई) ओपी कुशवाह को यहां से हटाकर सीतापुर मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन पर सिविल लाइंस में स्थापित ट्रांसफार्मर को बिना अनुमति के शिफ्ट करने का आरोप लगा था।
15 जुलाई 2024 को जिले में नौकरी करने आए एसडीई ओपी कुशवाह के खिलाफ राजेंद्रनगर के पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अभद्रता का आरोप लगाकर शिकायत की थी। उपभोक्ताओं व जनप्रतिनिधियों की कॉल रिसीव नहीं करने के आरोप भी लगे थे।
सर्किट हाउस के पास बिना टेंडर के 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे को शिफ्ट कराने का मामला सबसे चर्चित रहा। इससे विद्युत निगम को सबसे अधिक राजस्व की हानि हुई। शिफ्टिंग के बाद लाखों रुपये का सामान विद्युत उपकेंद्र के स्टोर तक नहीं पहुंचा।
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प्रथम दृष्टया जांच में साफ हुआ कि यह काम ओपी कुशवाह की देखरेख में हुआ था और यह वर्टिकल योजना शुरू होने से पहले किया गया था। मामला उजागर होने के बाद पत्राचार भी हुआ। अभी इसकी जांच उच्चस्तर पर चल रही है। वहीं शिफ्टिंग में निकले लाखों के उपकरणों का कोई अता-पता नहीं है। संवाद
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15 जुलाई 2024 को जिले में नौकरी करने आए एसडीई ओपी कुशवाह के खिलाफ राजेंद्रनगर के पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अभद्रता का आरोप लगाकर शिकायत की थी। उपभोक्ताओं व जनप्रतिनिधियों की कॉल रिसीव नहीं करने के आरोप भी लगे थे।
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सर्किट हाउस के पास बिना टेंडर के 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे को शिफ्ट कराने का मामला सबसे चर्चित रहा। इससे विद्युत निगम को सबसे अधिक राजस्व की हानि हुई। शिफ्टिंग के बाद लाखों रुपये का सामान विद्युत उपकेंद्र के स्टोर तक नहीं पहुंचा।
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प्रथम दृष्टया जांच में साफ हुआ कि यह काम ओपी कुशवाह की देखरेख में हुआ था और यह वर्टिकल योजना शुरू होने से पहले किया गया था। मामला उजागर होने के बाद पत्राचार भी हुआ। अभी इसकी जांच उच्चस्तर पर चल रही है। वहीं शिफ्टिंग में निकले लाखों के उपकरणों का कोई अता-पता नहीं है। संवाद