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संदिग्ध हालात में झुलसे बसपा नेता की मौत
बरेली
Updated Fri, 30 Oct 2015 02:01 AM IST
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फरीदपुर। बसपा के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी रहे और जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी डॉ. राजेश कुमार सिंह बुधवार रात अपने घर में संदिग्ध हालात में गंभीर रूप से झुलस गए। गुरुवार को बरेली में एक निजी अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
नगर के मोहल्ला शांतिनगर निवासी बसपा के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी रहे डॉ. राजेश कुमार सिंह जिला पंचायत के आरक्षित वार्ड संख्या 49 से बसपा के टिकट पर सदस्य पद के प्रत्याशी थे। उनके वार्ड में तीसरे चरण में मतदान हो चुका है। वह अब मतगणना की तैयारी कर रहे थे। बुधवार रात आठ बजे राजेश अपने ही घर में बुरी तरह झुलस गए। उस वक्त घर में उनके पुत्र प्रदीप मौजूद थे। प्रदीप ने ही पिता के झुलसने की जानकारी पड़ोसियों को दी। रात में ही राजेश को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रात डेढ़ बजे उनकी मौत हो गई। राजेश की मौत की खबर मिलने पर उनकी पत्नी इंदिरा और बेटी पूनम जलालाबाद से पहुंच गईं। पुलिस भी मौके पर आ गई। जिस कमरे में राजेश झुलसे थे, उसमें ताला लटका था। पुलिस ने घरवालों की अनुमति पर ताला खोलने की बात कही और लौट गई। चर्चा है कि राजेश की किसी बात पर प्रदीप से कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए और फिर कुछ देर बाद ही कमरे से आग की लपटें उठने लगीं। प्रदीप ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुल गए। बता दें कि राजेश ने दो शादी की थीं। पहली पत्नी इंदिरा अपनी बेटी पूनम के साथ जलालाबाद में रहती हैं और बेटा प्रदीप तथा उसकी पत्नी फरीदपुर स्थित घर में रहते हैं। राजेश की दूसरी पत्नी चंद्रकला की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। वह फरीदपुर सीएचसी में एएनएम थीं। चंद्रकला से राजेश का एक बेटा मून है जो राजेश के साथ ही रहता है।
राजेश की मौत पर उठ रहे तमाम सवाल
फरीदपुर। बसपा नेता राजेश की मौत कई सवाल छोड़ गई है। मामला आत्महत्या का है या कुछ और, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। सवाल यह भी है कि पुलिस के पहुंचने से पहले राजेश के कमरे में ताला क्यों लगा दिया गया। घर में कई स्थानों पर झुलसी त्वचा के टुकड़े बिखरे थे। राजेश के शव का बरेली में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव फरीदपुर नहीं लाया गया। कोतवाल देवेंद्र चौधरी ने बताया कि थाने में राजेश की मृत्यु से संबंधित कोई सूचना नहीं आई है। पोस्टमार्टम भी बरेली पुलिस ने कराया है। उन्होंने राजेश के घर हलका दरोगा को भेजा लेकिन वहां कोई नहीं मिला।
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नगर के मोहल्ला शांतिनगर निवासी बसपा के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी रहे डॉ. राजेश कुमार सिंह जिला पंचायत के आरक्षित वार्ड संख्या 49 से बसपा के टिकट पर सदस्य पद के प्रत्याशी थे। उनके वार्ड में तीसरे चरण में मतदान हो चुका है। वह अब मतगणना की तैयारी कर रहे थे। बुधवार रात आठ बजे राजेश अपने ही घर में बुरी तरह झुलस गए। उस वक्त घर में उनके पुत्र प्रदीप मौजूद थे। प्रदीप ने ही पिता के झुलसने की जानकारी पड़ोसियों को दी। रात में ही राजेश को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रात डेढ़ बजे उनकी मौत हो गई। राजेश की मौत की खबर मिलने पर उनकी पत्नी इंदिरा और बेटी पूनम जलालाबाद से पहुंच गईं। पुलिस भी मौके पर आ गई। जिस कमरे में राजेश झुलसे थे, उसमें ताला लटका था। पुलिस ने घरवालों की अनुमति पर ताला खोलने की बात कही और लौट गई। चर्चा है कि राजेश की किसी बात पर प्रदीप से कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए और फिर कुछ देर बाद ही कमरे से आग की लपटें उठने लगीं। प्रदीप ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुल गए। बता दें कि राजेश ने दो शादी की थीं। पहली पत्नी इंदिरा अपनी बेटी पूनम के साथ जलालाबाद में रहती हैं और बेटा प्रदीप तथा उसकी पत्नी फरीदपुर स्थित घर में रहते हैं। राजेश की दूसरी पत्नी चंद्रकला की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। वह फरीदपुर सीएचसी में एएनएम थीं। चंद्रकला से राजेश का एक बेटा मून है जो राजेश के साथ ही रहता है।
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राजेश की मौत पर उठ रहे तमाम सवाल
फरीदपुर। बसपा नेता राजेश की मौत कई सवाल छोड़ गई है। मामला आत्महत्या का है या कुछ और, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। सवाल यह भी है कि पुलिस के पहुंचने से पहले राजेश के कमरे में ताला क्यों लगा दिया गया। घर में कई स्थानों पर झुलसी त्वचा के टुकड़े बिखरे थे। राजेश के शव का बरेली में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव फरीदपुर नहीं लाया गया। कोतवाल देवेंद्र चौधरी ने बताया कि थाने में राजेश की मृत्यु से संबंधित कोई सूचना नहीं आई है। पोस्टमार्टम भी बरेली पुलिस ने कराया है। उन्होंने राजेश के घर हलका दरोगा को भेजा लेकिन वहां कोई नहीं मिला।
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