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शिमागो रैंकिंग : इस बार रुविवि की ग्लोबल स्तर पर 8813वीं रैंक
Fri, 06 Mar 2026 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:22 AM IST
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बरेली। अंतरराष्ट्रीय संस्था शिमागो इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग (एससीआईएमएजीओ) ने अपनी रैंकिंग 2026 के लिए जारी कर दी है। रिसर्च व डेवलपमेंट के क्षेत्र में राष्ट्रीय, राज्य व अंतरराष्ट्रीय स्तर रुहेलखंड विश्वविद्यालय की रैंकिंग प्रभावित हुई है। ओवरऑल रैंकिंग में पिछले दो सालों की तुलना में रुविवि की ग्लोबल रैंक लगातार गिरी है, 2026 में ये रैंक घटकर 8813वीं रैंक रही है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर 274वां स्थान व उत्तर प्रदेश में 5वां स्थान प्राप्त किया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 2024 में शिमागो इंस्टिट्यूशन्स की ओर से जारी रैकिंग में वर्ष 2024 में ग्लोबल स्तर पर 6838 वीं रैंक प्राप्त की थी, राष्ट्रीय स्तर पर 150-200 के बीच रैंक रही, वर्ष 2025 में ग्लोबल स्तर पर 7110 वीं रैंक प्राप्त की थी, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश स्तर पर 163 वीं व प्रदेश स्तर पर तीसरी रैंक प्राप्त की थी।
2026 में ग्लोबल स्तर पर 8813 वीं रैंक के कई मानक-
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शिमागो इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में इस वर्ष ओवरऑल पर्सेंटाइल में 82वां स्थान प्राप्त किया है, जो संस्थान की अकादमिक और शोध गतिविधियों पर आधारित है। शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 71 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो स्कॉलरली पब्लिकेशन्स, साइटेशन इम्पैक्ट व अकादमिक उत्पादकता में निरंतर वृद्धि को रेखांकित करता है। इसी प्रकार नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 89 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, पेटेंट, उद्योगों के साथ सहयोग व एप्लाइड रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करता है। वहीं, सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 59 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है, जो सामाजिक सरोकारों, सामुदायिक कार्यक्रमों, आउटरीच गतिविधियों और जनसहभागिता में विश्वविद्यालय की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
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एक समेकित सूचकांक के आधार पर हुई रैंकिंग-
शिमागो इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग विश्वभर के शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों का मूल्यांकन एक समेकित सूचकांक के आधार पर करती है। इसमें रिसर्च (50 प्रतिशत), इनोवेशन (30 प्रतिशत) और सोसाइटल इम्पैक्ट (20 प्रतिशत) जैसे प्रमुख मानकों को शामिल हैं। यह मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त बिब्लियोमेट्रिक डेटा और वेब परफॉर्मेंस संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिससे संस्थानों की वास्तविक शैक्षणिक और सामाजिक प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 2024 में शिमागो इंस्टिट्यूशन्स की ओर से जारी रैकिंग में वर्ष 2024 में ग्लोबल स्तर पर 6838 वीं रैंक प्राप्त की थी, राष्ट्रीय स्तर पर 150-200 के बीच रैंक रही, वर्ष 2025 में ग्लोबल स्तर पर 7110 वीं रैंक प्राप्त की थी, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश स्तर पर 163 वीं व प्रदेश स्तर पर तीसरी रैंक प्राप्त की थी।
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2026 में ग्लोबल स्तर पर 8813 वीं रैंक के कई मानक-
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शिमागो इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में इस वर्ष ओवरऑल पर्सेंटाइल में 82वां स्थान प्राप्त किया है, जो संस्थान की अकादमिक और शोध गतिविधियों पर आधारित है। शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 71 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो स्कॉलरली पब्लिकेशन्स, साइटेशन इम्पैक्ट व अकादमिक उत्पादकता में निरंतर वृद्धि को रेखांकित करता है। इसी प्रकार नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 89 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, पेटेंट, उद्योगों के साथ सहयोग व एप्लाइड रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करता है। वहीं, सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 59 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है, जो सामाजिक सरोकारों, सामुदायिक कार्यक्रमों, आउटरीच गतिविधियों और जनसहभागिता में विश्वविद्यालय की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
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एक समेकित सूचकांक के आधार पर हुई रैंकिंग-
शिमागो इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग विश्वभर के शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों का मूल्यांकन एक समेकित सूचकांक के आधार पर करती है। इसमें रिसर्च (50 प्रतिशत), इनोवेशन (30 प्रतिशत) और सोसाइटल इम्पैक्ट (20 प्रतिशत) जैसे प्रमुख मानकों को शामिल हैं। यह मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त बिब्लियोमेट्रिक डेटा और वेब परफॉर्मेंस संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिससे संस्थानों की वास्तविक शैक्षणिक और सामाजिक प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।