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सुरक्षा के लिए छात्राओं का विवि में हंगामा
बरेली।
Updated Wed, 19 Apr 2017 01:21 AM IST
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सुरक्षा के लिए छात्राओं का विवि में हंगामा
- फोटो : Schoolgirl for the sake of security
पांच दिन पहले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमबीए की छात्रा पर हमले की घटना के बाद छात्राएं दहशत में हैं। विवि प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था से खिन्न छात्राओं ने मंगलवार को कैंपस में जमकर हंगामा किया। कुलसचिव का घेराव कर कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बेरोकटोक आने वाले बाहरी लोगों पर लगाम लगाने की मांग की।
इस पर विवि प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। छात्रों को अब बिना आईडी कार्ड कैंपस में एंट्री नहीं दी जाएगी। कर्मचारी और छात्रों को छोड़कर बाकी लोगों की एंट्री केवल मुख्य गेट से ही होगी और गाड़ियों के नंबर गेट पर ही नोट किए जाएंगे। कुलसचिव ने कहा कि जल्द छात्रों को गले में आईकार्ड डालने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। जो आईकार्ड डालकर नहीं आएगा उसको एंट्री नहीं दी जाएगी।
दो ग्रुपों में आई छात्राएं
दो दिन से यूनिवर्सिटी में अवकाश था, लिहाजा छात्राएं खामोश रहीं। मंगलवार को उनका गुस्सा फूट पड़ा। बीस छात्राएं अंबेडकर छात्र सभा के जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह के साथ कुलसचिव कार्यालय पहुंची। छात्राओं का कहना था कि हर बार घटना होने के बाद विवि प्रशासन को सुरक्षा की बात याद आती है। बाहरी लोगों के कारण कई बार घटनाएं हो चुकी है। दूसरा ग्रुप सछास के गजेंद्र सिंह के साथ पहुुंचा। छात्राओं का कहना था कि लाखों रुपये सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च होने के बावजूद कैंपस में अकेले निकलने में डर लगता है। इस मौके पर अवंतिका, शीला, मिथलेश और शिखा गुप्ता समेत काफी छात्राएं मौजूद रहीं।
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एक करोड़ से ज्यादा होता है सुरक्षा पर खर्च
रुहेलखंड विश्वविद्यालय हर साल सुरक्षा पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करता है। कैंपस और हॉस्टल में मिलाकर करीब 150 गार्ड तैनात किए जाते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। आए दिन मारपीट और झगड़े होते हैं। बाहरी छात्र खुलेआम कैंपस में घूमते रहते हैं। उन पर कोई लगाम नहीं लग सकी है।
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इस पर विवि प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। छात्रों को अब बिना आईडी कार्ड कैंपस में एंट्री नहीं दी जाएगी। कर्मचारी और छात्रों को छोड़कर बाकी लोगों की एंट्री केवल मुख्य गेट से ही होगी और गाड़ियों के नंबर गेट पर ही नोट किए जाएंगे। कुलसचिव ने कहा कि जल्द छात्रों को गले में आईकार्ड डालने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। जो आईकार्ड डालकर नहीं आएगा उसको एंट्री नहीं दी जाएगी।
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दो ग्रुपों में आई छात्राएं
दो दिन से यूनिवर्सिटी में अवकाश था, लिहाजा छात्राएं खामोश रहीं। मंगलवार को उनका गुस्सा फूट पड़ा। बीस छात्राएं अंबेडकर छात्र सभा के जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह के साथ कुलसचिव कार्यालय पहुंची। छात्राओं का कहना था कि हर बार घटना होने के बाद विवि प्रशासन को सुरक्षा की बात याद आती है। बाहरी लोगों के कारण कई बार घटनाएं हो चुकी है। दूसरा ग्रुप सछास के गजेंद्र सिंह के साथ पहुुंचा। छात्राओं का कहना था कि लाखों रुपये सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च होने के बावजूद कैंपस में अकेले निकलने में डर लगता है। इस मौके पर अवंतिका, शीला, मिथलेश और शिखा गुप्ता समेत काफी छात्राएं मौजूद रहीं।
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एक करोड़ से ज्यादा होता है सुरक्षा पर खर्च
रुहेलखंड विश्वविद्यालय हर साल सुरक्षा पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करता है। कैंपस और हॉस्टल में मिलाकर करीब 150 गार्ड तैनात किए जाते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। आए दिन मारपीट और झगड़े होते हैं। बाहरी छात्र खुलेआम कैंपस में घूमते रहते हैं। उन पर कोई लगाम नहीं लग सकी है।