Bareilly News : ओवरटेक करने की कोशिश में कैंटर से टकराई स्कूल वैन, पांच बच्चे और चालक घायल
बरेली के नवाबगंज में शनिवार सुबह ओवरटेक करने के प्रयास में स्कूल वैन कैंटर से टकरा गई। हादसे में पांच बच्चे और चालक घायल हो गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।
विस्तार
बरेली के नवाबगंज में डनलप को ओवरटेक करने के प्रयास में स्कूली बच्चों को लेकर जा रही वैन सामने से आ रहे कैंटर से टकरा गई। हादसे में वैन चालक और पांच बच्चे घायल हो गए। बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। चालक का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, क्षतिग्रस्त वैन से टकराकर एक बाइक सवार को भी चोटें आईं हैं। हादसे का बाद कैंटर का चालक मौके से भाग गया। पुलिस ने वैन और कैंटर को कब्जे में ले लिया है।
बरेली-पीलीभीत हाईवे पर राजघाट पुल के पास बाबा बाधवा सिंह जी विद्या केंद्र स्थित है। शनिवार सुबह आठ बजे स्कूल वैन खाता गांव के जसवंत सिंह की बेटी सहजप्रीति और बेटे जोबनप्रीत सिंह, गजरौला गांव के बलविंदर सिंह के बेटे एकल सिंह, अंश और प्रभसिंह सहित अन्य बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। गाड़ी को ज्योरामंकरदपुर गांव निवासी चालक एवरन सिंह चला रहा था।
कोहरे की वजह से हुआ हादसा
गरगइया गांव के पास वैन चालक ने डनलप को ओवरटेक करने का प्रयास किया। कोहरे की वजह से उसे सामने से आ रहा कैंटर नजर नहीं आया। नजदीक आने पर चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की मगर वैन कैंटर से जा टकराई। वैन के पीछे चल रहे मुड़िया तेली गांव के किसान शिशुपाल की बाइक भी वैन से जा टकराई।
वैन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। राहगीरों ने घायलों को बाहर निकाला। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। हालत गंभीर देख बाइक सवार को सीएचसी पहुंचाया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वैन चालक को परिजन बरेली के निजी अस्पताल ले गए। मौके पर पहुंचे परिजन बच्चों को लेकर अलग-अलग निजी अस्पताल ले गए।
शिकायत के बाद भी नहीं चेते
किसान यूनियन के प्रदेश सचिव सतिंदर सिंह घुम्मन ने बताया कि स्कूल वाहनों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। ज्यादातर स्कूल वाहन टैक्सी परमिट पर चल रहे हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। नौनिहाल इन वाहनों में अपनी जिंदगी खतरे में डालकर सफर कर रहे हैं। सतुईया गांव के जसवंत सिंह ने बताया कि चार महीने पहले भी स्कूली बच्चों को ले जा रही वैन हादसे का शिकार हो गई थी। कई बच्चों को चोटें आईं थीं।
जांच में सामने आया कि वैन स्कूल परमिट की बजाय टैक्सी परमिट पर चल रही थी। स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जो वैन बच्चों को स्कूल लेकर आती थी, वह एक सप्ताह पहले खराब हो गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यह वैन लगाई गई थी। किसी बच्चे को चोट नहीं आई है।