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Bareilly News: परिसंपत्ति के सत्यापन में घोटाला, पीडब्ल्यूडी के दो अभियंताओं के खिलाफ चार्जशीट
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बरेली। परिसंपत्तियों के मूल्यांकन के सत्यापन में गड़बड़ी के आरोप से घिरे लोक निर्माण विभाग के दो तत्कालीन अभियंताओं के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है। आरोपों का जवाब मिलने के बाद मुख्यालय को आख्या भेजी जाएगी। अगली कार्रवाई शासन स्तर से होगी।
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है। जमीन पर बनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन एनएचएआई की ओर से नामित निजी फर्म ने किया। मूल्यांकन का सत्यापन लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंताओं ने किया था। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की ओर कराई गई जांच में मूल्यांकन त्रुटिपूर्ण मिला था। अपर आयुक्त प्रशासन प्रीति जायसवाल की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट सितंबर 2024 में शासन को भेजी गई थी तो लोक निर्माण विभाग पीलीभीत के तत्कालीन अधिशासी अभियंता उदयनारायण और सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार कार्रवाई के घेरे में आए।
जांच में 40.41 करोड़ के प्रतिकर भुगतान संबंधी मामले जांच में संदिग्ध पाए गए थे। इसी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर उदयनारायण को मुख्यालय से संबद्ध किया गया। सुरेंद्र कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने सुरेंद्र कुमार की चार्जशीट उनके घर के पते पर भेजने के लिए पीलीभीत स्थित लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को भेजी है। वहीं उदयनारायण की चार्जशीट पीडब्यूडी के मुख्यालय लखनऊ भेजी गई है। मुख्य अभियंता ने बताया कि चार्जशीट प्राप्ति के एक महीने में दोनों अभियंताओं को जवाब देना है। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है। जमीन पर बनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन एनएचएआई की ओर से नामित निजी फर्म ने किया। मूल्यांकन का सत्यापन लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंताओं ने किया था। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की ओर कराई गई जांच में मूल्यांकन त्रुटिपूर्ण मिला था। अपर आयुक्त प्रशासन प्रीति जायसवाल की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट सितंबर 2024 में शासन को भेजी गई थी तो लोक निर्माण विभाग पीलीभीत के तत्कालीन अधिशासी अभियंता उदयनारायण और सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार कार्रवाई के घेरे में आए।
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जांच में 40.41 करोड़ के प्रतिकर भुगतान संबंधी मामले जांच में संदिग्ध पाए गए थे। इसी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर उदयनारायण को मुख्यालय से संबद्ध किया गया। सुरेंद्र कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने सुरेंद्र कुमार की चार्जशीट उनके घर के पते पर भेजने के लिए पीलीभीत स्थित लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को भेजी है। वहीं उदयनारायण की चार्जशीट पीडब्यूडी के मुख्यालय लखनऊ भेजी गई है। मुख्य अभियंता ने बताया कि चार्जशीट प्राप्ति के एक महीने में दोनों अभियंताओं को जवाब देना है। अमर उजाला ब्यूरो
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