Bareilly News: सेटेलाइट फ्लाईओवर किया जाएगा वाईशेप, पीलीभीत बाइपास पर जाम से मिलेगी निजात
मुख्यमंत्री योगी ने कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव पर सेटेलाइट फ्लाईओवर को वाईशेप में बनाए जाने व पीलीभीत बाईपास को फोरलेन में बदले जाने को मंजूरी दे दी है। इससे जाम से निजात मिलेगी। पीलीभीत बाइपास पर आवागमन आसान होगा।
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बरेली में सेटेलाइट फ्लाईओवर को करीब 100 करोड़ रुपये से वाईशेप करने के लिए मुख्यमंत्री ने बुधवार को मंजूरी दे दी। इस पुल के वाईशेप होने से पीलीभीत बाइपास पर जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा और विकास को रफ्तार मिलेगी। यह मंजूरी कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव पर मिली है। विधायक ने बताया कि बस अड्डे के विस्तारीकरण की भी बात कही गई है। कुछ ही समय में यह बस अड्डा दिव्य और भव्य स्वरूप वाला होगा।
वर्ष 2018 में सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी मिली थी। साल 2021 में सेतु निगम ने ईसाइयों की पुलिया से शाहजहांपुर रोड की ओर 597 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया था। उस समय माना जा रहा था कि सेटेलाइट तिराहे पर लगने वाला जाम खत्म होगा, लेकिन यह समस्या अभी भी बनी हुई है। इस फ्लाईओवर के बनने से शाहजहांपुर की तरफ जाने व आने वालों को जरूर बड़ी राहत मिली है।
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विधायक ने बताया कि पीलीभीत रोड पर यातायात का दबाव काफी बढ़ चुका है। बस अड्डे पर रोजाना 200-250 बसों का आवागमन हो रहा है। वर्तमान में देखने में आ रहा है कि शाहजहांपुर रोड से अधिक यातायात अब पीलीभीत मार्ग पर है। चूंकि पीलीभीत मार्ग पर मैरिज हॉल, होटल व काॅलोनियां बसी हैं। इसी क्रम में सेटेलाइट फ्लाईओवर को वाईशेप करने पर अब मुख्यमंत्री ने भी मुहर लगा दी है। बताया जा रहा है कि सेतु निगम ने बस अड्डे पर जाम खत्म करने के लिए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव बनाया था, जिस पर 100 करोड़ से अधिक लागत आने की बात कही गई थी।
35 हजार लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति
महानगर से पीलीभीत बाइपास की तरफ जाने वाले ट्रैफिक के कारण सेटेलाइट बस अड्डे पर जाम रहता है। यहां करीब 200 मीटर तक रास्ता पार करने में आधा घंटा लग जाता है। करीब 35 हजार लोग रोजाना परेशान होते हैं। ईंधन भी फालतू में खर्च होता है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसके अलावा बस अड्डे से लखनऊ की ओर जाने वाली बसें रोडवेज अड्डे के तिराहे पर पुलिस चौकी के आगे पीलीभीत बाइपास से घूमकर निकलती हैं। वाईशेप फ्लाईओवर बनने से महानगर से पीलीभीत बाईपास की तरफ निकलने वाला ट्रैफिक इसी पुल से होकर निकल सकेगा तो सेटेलाइट बस अड्डे पर उसे जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।
चौपुला, सेटेलाइट बस अड्डा, श्यामगंज में फ्लाईओवर बनाए गए हैं। दो आरओबी लाल फाटक व आईवीआरआई के सामने बने हैं। इसके अलावा 15 और फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं, जो उप्र राज्य सेतु निगम की कार्ययोजना में शामिल हैं।
सुभाषनगर अंडरपास...लंबा इंतजार खत्म होने के आसार
सुभाषनगर अंडरपास के लिए दस साल से भी ज्यादा का इंतजार खत्म होने के आसार हैं। अगर कोई अड़चन नहीं आई तो 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच अंडरपास बनाने का शिलान्यास हो सकता है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने शहर के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को इसी अवधि में शिलान्यास कराने की जानकारी दी है।
लोक निर्माण विभाग, रेलवे और प्रशासन के अधिकारियों ने मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के साथ पिछले दिनों निरीक्षण किया था। इसके बाद रेलवे ने 54 करोड़ रुपये का एस्टीमेट सौंपा। लोक निर्माण विभाग ने इसे कार्ययोजना में शामिल किया। रेलवे के मंडलीय अभियंता पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर राज्य सरकार बजट देती ही तो वह निर्माण कराएंगे, लेकिन बजट को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई। इसीलिए कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया। अब जल्दी बजट जारी होने की उम्मीद की जा रही है।
अगर अंडरपास बन जाता है तो लाइन पार रहने वाली बदायूं रोड की डेढ़ लाख से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा। बारिश के दौरान पुलिया के जलभराव के बीच खतरे भरा सफर नहीं करना पड़ेगा।