फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Sarus cranes are finding the climate of Rohilkhand agreeable; Shahjahanpur has emerged as their largest stronghold.

Bareilly News: सारस को भा रही रुहेलखंड की आबोहवा, शाहजहांपुर बना सबसे बड़ा गढ़

Wed, 08 Jul 2026 01:41 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 08 Jul 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
Sarus cranes are finding the climate of Rohilkhand agreeable; Shahjahanpur has emerged as their largest stronghold.
बरेली। उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड जोन में राजकीय पक्षी सारस की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, रुहेलखंड जोन (बरेली) की ग्रीष्मकालीन सारस गणना 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 107 सारसों की बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि में शाहजहांपुर जिला पूरे जोन में सारसों का सबसे बड़ा आशियाना बनकर उभरा है। यह दर्शाता है कि स्थानीय पर्यावरण और आर्द्रभूमि सारसों के संरक्षण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
विज्ञापन


वर्ष 2025 में रुहेलखंड जोन में सारसों की कुल संख्या 1878 थी, जो इस साल बढ़कर 1985 हो गई है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वयस्क सारसों के साथ-साथ उनके नवजात बच्चों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में जोन में 1689 वयस्क और 296 सारस के बच्चे हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या क्रमशः 1619 और 259 थी। अकेले शाहजहांपुर प्रभाग में 1097 सारस पाए गए हैं, जो पिछले साल 1085 थे। बरेली प्रभाग में इनकी संख्या पिछले साल के 357 से बढ़कर 372 हो गई है। बदायूं में भी यह आंकड़ा 137 पर पहुंच गया है, जिससे पूरे बरेली वृत्त का कुनबा मजबूत हुआ है।
विज्ञापन



पीलीभीत और मुरादाबाद में भी बढ़ोतरी

पीलीभीत सामाजिक वानिकी प्रभाग में सारसों की संख्या 95 से बढ़कर 108 हो गई है। मुरादाबाद क्षेत्र में यह संख्या पिछले साल के 232 से बढ़कर इस बार 271 तक पहुंच गई है। इसमें बिजनौर प्रभाग का सबसे बड़ा योगदान रहा, जहां 183 सारस (125 वयस्क और 58 बच्चे) दर्ज किए गए। पिछले साल अमरोहा में एक भी सारस नहीं था, लेकिन इस बार वहां भी दो सारस देखे गए हैं। वन अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव वन विभाग की मुस्तैदी और स्थानीय किसानों व ग्रामीणों की बढ़ती जागरूकता का परिणाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन



2024 में कराई गई गणना--

जिला----- वयस्क सारस----बच्चे----कुल

बरेली---290---58---348

बदायूं---110---06---116

शाहजहांपुर---868---144---1012

कुल--1268---208---1476

2023 की ग्रीष्मकालीन गणना

जिला----- वयस्क सारस----बच्चे----कुल

बरेली---275---48---323

बदायूं---107---08---117

शाहजहांपुर---1254---391---1645

कुल--1626---447---2073
सारस की बढ़ती संख्या बेहद सकारात्मक संकेत है। आर्द्रभूमि क्षेत्रों में ऑर्गेनिक खेती को मिल रहा प्रोत्साहन, वन विभाग की लगातार निगरानी और स्थानीय किसानों व ग्रामीणों की बढ़ती जागरूकता इसका सबसे बड़ा कारण है। सभी के साझे प्रयासों ने सारसों को एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल दिया है, जिससे उनका कुनबा लगातार फल-फूल रहा है। - पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed