यूपी: बरेली में नौ गांवों की जमीन पर आकार लेगी सप्तनाथ ईको सिटी, भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे 13.17 अरब रुपये
बरेली में बीडीए बड़ा बाइपास और पीलीभीत बाइपास के बीच सप्तनाथ ईको सिटी विकसित करेगा। इसके लिए नौ गांवों की 267.1443 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। इसके लिए 1317 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
विस्तार
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की तरफ से बड़ा बाइपास और पीलीभीत बाइपास के बीच नौ गांवों की भूमि पर सप्तनाथ ईको सिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए भू-स्वामियों ने सहमति दे दी है। साथ ही, रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-8 शिप्रा एन्क्लेव के पार्ट ले-आउट प्लान में आंशिक संशोधन का निर्णय लिया गया है।
सप्तनाथ ईको सिटी के लिए ग्राम आसपुर खूबचंद, अडूपुरा जागीर, नवदिया कुर्मियान, अहिलादपुर, कुम्हरा, बरकापुर, हरहरपुर, कलापुर व मोहरनिया गांवों की 267.1443 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 11.65 हेक्टेयर जमीन ग्राम समाज की है। शेष भूमि किसानों से आपसी समझौते के तहत क्रय की जानी है। इसके लिए 13.17 अरब रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र
ग्राम समाज की भूमि के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। ईको सिटी की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट व ले-आउट प्लान कंसल्टेंट ड्रीम्स की ओर से तैयार किया गया है। परियोजना को विकसित करने के लिए कृषि भूमि को आवासीय मेंपरिवर्तित कराया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण प्रभाव आकलन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एयर फोर्स आदि विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रस्तावित टाउनशिप में 45 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराने पर एयरफोर्स के अधिकारियों को कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए प्राधिकरण की ओर से भूमि के कोआर्डिनेट सहित अन्य जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
बीडीए के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि नौ गांवों में भूमि अधिग्रहण की शुरुआत की जा रही है। इसको निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। इसके लिए रेरा से भी अनुमति ली जाएगी। साथ ही, रामगंगानगर के शिप्रा एन्क्लेव के ले-आउट में संशोधन का भी निर्णय लिया गया है।
नई टाउनशिप
- 267.1443 हेक्टेयर भूमि की जरूरत।
- 11.65 हेक्टेयर ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध।
- 255.4943 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण।
- 13.17 अरब रुपये से खरीदी जाएगी भूमि ।
शिप्रा एन्क्लेव के ले-आउट में किया बदलाव
प्राधिकरण ने रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-8 शिप्रा एन्क्लेव के पार्ट ले-आउट प्लान में आंशिक संशोधन का भी निर्णय लिया है। विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए 9,297 वर्गमीटर भूमि प्रस्तावित की गई है। इसके लिए पहले साइंस पार्क के लिए आरक्षित 21,599.86 वर्गमीटर भूमि में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए आरक्षित जमीन का क्षेत्रफल बढ़ाकर 8,556.16 वर्गमीटर किया गया है। विद्यालय प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित होगा।
विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला के निर्माण के लिए शासन ने 47.97 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी है। नक्षत्रशाला भवन के निर्माण के साथ पार्किंग, सेटबैक और अन्य सुविधाओं के लिए भी जमीन की जरूरत है। इसके अलावा, फायर स्टेशन, पुलिस स्टेशन, दुकानों और पार्क के लिए प्रस्तावित भूखंडों के आकार व क्षेत्रफल में अंतर और मौके की जरूरतों को देखते हुए ले-आउट प्लान में संशोधन किया जाएगा।