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कृषि कानून के विरोध में सड़क पर उतरे सपाई, पुलिस ने लिया हिरासत में
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कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करते सपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
महानगर कमेटी के कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक पर दिया धरना, पार्टी दफ्तर के पास धक्कामुक्की के बाद गिरफ्तार
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बहेड़ी जाते जिलाध्यक्ष पीलीभीत बाईपास पर कार्यकर्ताओं संग लिए गए हिरासत में
पुलिस ने सुबह से ही घरों में नेताओं को नजरबंद करना किया शुरू, बाद में ले गए थाने
बरेली। कृषि कानून रद करने की मांग कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को सपाई प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने सीबीगंज के गांव रोठा और बहेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे महानगर अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष समेत कुल 209 सपाइयों को हिरासत में ले लिया। कुछ नेताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया गया, जबकि घर के नजदीक धरने पर बैठे पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार को प्रेमनगर थाने ले जाकर दोपहर से शाम तक बैठाए रखा।
सपा ने शृंखलाबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। सोमवार को महानगर कमेटी ने अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की अगुवाई में रोठा गांव में आयोजित गोष्ठी के लिए सपाई रामपुर बाग की हाइडिल कॉलोनी में इकट्ठे होना शुरू हुए। वहां पुलिस को आते देखकर वे बरेली कॉलेज के सामने पहुंच गए। बरेली कॉलेज गेट से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने सभी को पटेल चौक पर रोक लिया तो वे वहीं बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के कहने पर सपाई मिशन कंपाउंड स्थित पार्टी कार्यालय चले गए। वहां बैठक की, इसमें महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि केंद्र की जनविरोधी सरकार को अन्नदाता से कोई मतलब नहीं है। भाजपा सरकार उद्योगपति घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किसान विरोधी बिल लेकर आई है।
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बैठक के बाद चकमा देकर सपाई रोठा जाने को निकल पड़े। मगर पुलिस ने उससे पहले ही मिशन कंपाउंड के मुख्य गेट (लोहिया गेट) को बंद कर दिया। इस पर सपाइयों ने फिर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। यहां पुलिस के साथ सपाइयों की धक्कामुक्की भी हुई। स्थिति का पता चलने पर प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह, एसपी सिटी रविंद्र कुमार. सीओ सिटी दिलीप सिंह के साथ पहुंच गए और कई थानों की पुलिस बुला ली। मजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। इसके बाद यहां से साढ़े 12 बजे पुलिस 57 सपाइयों को दो बसों से पुलिस लाइन लेकर गई। गिरफ्तारी देने वालों में महानगर अध्यक्ष, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, महानगर महासचिव गौरव सक्सेना, पार्षद शमीम अहमद, जफर बेग, मोहम्मद कलीमुद्दीन, दीप्ति पांडे समेत अन्य कई कार्यकर्ता शामिल रहे। शाम पांच बजे सभी को छोड़ दिया गया।
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जिलाध्यक्ष अगम मौर्य के नेतृत्व में सपाइयों को बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र से यात्रा की शुरूआत करना थी। इसके लिए जिलाध्यक्ष पीलीभीत बाईपास रोड पर फनसिटी के स्थित अपने मकान से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ करीब साढ़े दस बजे रवाना हुए। तभी पुलिस ने कुछ ही दूरी पर सपाइयों को रोक लिया। सपाई वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह किसानों के हित में लड़ाई लड़ रहे हैं। मगर सरकार उन्हें रोक रही है, उन्होंने इसे लोकतंत्र पर गहरा आघात बताया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, किसानों के हित में लड़ाई लड़ना सभी का अधिकार है और इसमें समाजवादी पार्टी गलत नहीं कर रही है। यहां से इज्जतनगर थाना पुलिस 50 सपाइयों को गिरफ्तार कर भोजीपुरा थाने में बनाई गई अस्थायी जेल ले गई। गिरफ्तारी देने वालों में जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, शुभलेश यादव, पुरुषोत्तम गंगवार, रविंदर यादव, आदेश यादव, मयंक शुक्ला मोंटी, भूपेंद्र कुर्मी, हरीश सागर, भारती चौहान समेत अन्य काफी कार्यकर्ता शामिल रहे।
इससे पहले पुलिस ने पार्टी के बड़े नेताओं को घरों पर नजरबंद करना शुरू कर दिया। पूर्व मंत्री भगवत सरन अपने आवास से निकलकर दोपहर 12 बजे श्रीकृष्ण लीला स्थल के पास सड़क पहुंचे तो वहां प्रेमनगर इंस्पेक्टर अवनीश कुमार ने उन्हें रोक लिया। पता लगा कि पूर्व मंत्री किसान आंदोलन में जा रहे हैं तो इंस्पेक्टर ने उन्हें जाने से मना कर दिया। पुलिस के न मानने पर पूर्व मंत्री सड़क पर ही गद्दे डलवाकर धरना देने बैठ गए। कुछ देर धरने की औपचारिकता के बाद इंस्पेक्टर उन्हें थाने ले गए। वहां बैठाकर शाम को छोड़ दिया गया। उनके साथ योगेश यादव, ललित शर्मा समेत छह लोग नजरबंद रहे।
मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के निवर्तमान प्रदेश सचिव आशु खान और उनके सहयोगी आमिर खान, महानगर कोषाध्यक्ष संदीप सिंह बग्गा फरहान, मुन्ना, अरहान मिर्जा को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। इन पदाधिकारियों के आंदोलन में शामिल होने की सूचना बारादरी पुलिस को मिली थी। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा फोर्स के साथ आशु खान के घर पहुंच गए और सभी को नजरबंद कर दिया। फरीदपुर में जिला सचिव मोहम्मद तारिक को घर में नजरबंद किया गया।
किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे 57 सपाइयों को पुलिस लाइन तो बाकी को अलग अलग थाने ले जाकर बैठाया गया। इनकी नजरबंदी का रिकॉर्ड पुलिस ने जीडी में तस्करा के रूप में दर्ज किया किया है। शाम को सभी को घर भेज दिया गया। - डॉ. संसार सिंह, प्रभारी एसएसपी
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बहेड़ी जाते जिलाध्यक्ष पीलीभीत बाईपास पर कार्यकर्ताओं संग लिए गए हिरासत में
पुलिस ने सुबह से ही घरों में नेताओं को नजरबंद करना किया शुरू, बाद में ले गए थाने बरेली। कृषि कानून रद करने की मांग कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को सपाई प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने सीबीगंज के गांव रोठा और बहेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे महानगर अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष समेत कुल 209 सपाइयों को हिरासत में ले लिया। कुछ नेताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया गया, जबकि घर के नजदीक धरने पर बैठे पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार को प्रेमनगर थाने ले जाकर दोपहर से शाम तक बैठाए रखा।
सपा ने शृंखलाबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। सोमवार को महानगर कमेटी ने अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की अगुवाई में रोठा गांव में आयोजित गोष्ठी के लिए सपाई रामपुर बाग की हाइडिल कॉलोनी में इकट्ठे होना शुरू हुए। वहां पुलिस को आते देखकर वे बरेली कॉलेज के सामने पहुंच गए। बरेली कॉलेज गेट से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने सभी को पटेल चौक पर रोक लिया तो वे वहीं बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के कहने पर सपाई मिशन कंपाउंड स्थित पार्टी कार्यालय चले गए। वहां बैठक की, इसमें महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि केंद्र की जनविरोधी सरकार को अन्नदाता से कोई मतलब नहीं है। भाजपा सरकार उद्योगपति घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किसान विरोधी बिल लेकर आई है।
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बैठक के बाद चकमा देकर सपाई रोठा जाने को निकल पड़े। मगर पुलिस ने उससे पहले ही मिशन कंपाउंड के मुख्य गेट (लोहिया गेट) को बंद कर दिया। इस पर सपाइयों ने फिर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। यहां पुलिस के साथ सपाइयों की धक्कामुक्की भी हुई। स्थिति का पता चलने पर प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह, एसपी सिटी रविंद्र कुमार. सीओ सिटी दिलीप सिंह के साथ पहुंच गए और कई थानों की पुलिस बुला ली। मजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। इसके बाद यहां से साढ़े 12 बजे पुलिस 57 सपाइयों को दो बसों से पुलिस लाइन लेकर गई। गिरफ्तारी देने वालों में महानगर अध्यक्ष, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, महानगर महासचिव गौरव सक्सेना, पार्षद शमीम अहमद, जफर बेग, मोहम्मद कलीमुद्दीन, दीप्ति पांडे समेत अन्य कई कार्यकर्ता शामिल रहे। शाम पांच बजे सभी को छोड़ दिया गया।
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जिलाध्यक्ष अगम मौर्य के नेतृत्व में सपाइयों को बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र से यात्रा की शुरूआत करना थी। इसके लिए जिलाध्यक्ष पीलीभीत बाईपास रोड पर फनसिटी के स्थित अपने मकान से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ करीब साढ़े दस बजे रवाना हुए। तभी पुलिस ने कुछ ही दूरी पर सपाइयों को रोक लिया। सपाई वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह किसानों के हित में लड़ाई लड़ रहे हैं। मगर सरकार उन्हें रोक रही है, उन्होंने इसे लोकतंत्र पर गहरा आघात बताया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, किसानों के हित में लड़ाई लड़ना सभी का अधिकार है और इसमें समाजवादी पार्टी गलत नहीं कर रही है। यहां से इज्जतनगर थाना पुलिस 50 सपाइयों को गिरफ्तार कर भोजीपुरा थाने में बनाई गई अस्थायी जेल ले गई। गिरफ्तारी देने वालों में जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, शुभलेश यादव, पुरुषोत्तम गंगवार, रविंदर यादव, आदेश यादव, मयंक शुक्ला मोंटी, भूपेंद्र कुर्मी, हरीश सागर, भारती चौहान समेत अन्य काफी कार्यकर्ता शामिल रहे।
इससे पहले पुलिस ने पार्टी के बड़े नेताओं को घरों पर नजरबंद करना शुरू कर दिया। पूर्व मंत्री भगवत सरन अपने आवास से निकलकर दोपहर 12 बजे श्रीकृष्ण लीला स्थल के पास सड़क पहुंचे तो वहां प्रेमनगर इंस्पेक्टर अवनीश कुमार ने उन्हें रोक लिया। पता लगा कि पूर्व मंत्री किसान आंदोलन में जा रहे हैं तो इंस्पेक्टर ने उन्हें जाने से मना कर दिया। पुलिस के न मानने पर पूर्व मंत्री सड़क पर ही गद्दे डलवाकर धरना देने बैठ गए। कुछ देर धरने की औपचारिकता के बाद इंस्पेक्टर उन्हें थाने ले गए। वहां बैठाकर शाम को छोड़ दिया गया। उनके साथ योगेश यादव, ललित शर्मा समेत छह लोग नजरबंद रहे।
मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के निवर्तमान प्रदेश सचिव आशु खान और उनके सहयोगी आमिर खान, महानगर कोषाध्यक्ष संदीप सिंह बग्गा फरहान, मुन्ना, अरहान मिर्जा को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। इन पदाधिकारियों के आंदोलन में शामिल होने की सूचना बारादरी पुलिस को मिली थी। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा फोर्स के साथ आशु खान के घर पहुंच गए और सभी को नजरबंद कर दिया। फरीदपुर में जिला सचिव मोहम्मद तारिक को घर में नजरबंद किया गया।
किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे 57 सपाइयों को पुलिस लाइन तो बाकी को अलग अलग थाने ले जाकर बैठाया गया। इनकी नजरबंदी का रिकॉर्ड पुलिस ने जीडी में तस्करा के रूप में दर्ज किया किया है। शाम को सभी को घर भेज दिया गया। - डॉ. संसार सिंह, प्रभारी एसएसपी