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संजीव गर्ग हत्याकांडः दो और सुपारी किलर पुलिस के कब्जे में आए
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बरेली। प्लाइवुड उद्यमी संजीव गर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने राजस्थान और हरियाणा के दो अन्य सुपारी किलर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ करके वारदात के दौरान लूटा गया बाकी सोना और नकदी बरामद करने का प्रयास कर रही है। वहीं, मंगलवार को गिरफ्तार किए गए उनके साढ़ू के बेटे सोनू, मोनू के अलावा कूर्मांचलनगर निवासी विकास कश्यप उर्फ विकास भल्ला, जयपुर (राजस्थान) के थाना कालडेरा की कुमावतों की धानी निवासी शुभम कुमावत को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रेमनगर में दिव्य प्रकाश प्रेस वाली गली में रहने वाले महावीर प्लाइवुड इंडस्ट्रीज के मालिक संजीव गर्ग की 20 जनवरी की रात फतेहगंज पश्चिमी में रॉड और धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। हत्या से पहले बदमाशों ने जान बख्श देने की शर्त पर बदमाशों ने उनके घर से कई किलो सोना और करोड़ों रुपये मंगाकर भी लूट लिए। मंगलवार को पुलिस ने सोनू, मोनू, विकास भल्ला और शुभम कुमावत को गिरफ्तार कर इस बहुचर्चित मामले का खुलासा कर दिया था।
वारदात में शामिल चार अन्य बदमाश थाना कांठ (मुरादाबाद) के गांव देहरी जुम्मन निवासी दयाराम उर्फ विकास, जयपुर (राजस्थान) के थाना शाहपुरा के तहत वार्ड 16 सैनी कॉलोनी निवासी दीपक सोनी उर्फ दीपक रॉयल, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के थाना नारनौल के गांव रघुनाथपुर निवासी राजवीर सिंह उर्फ सरपंच और जयपुर (राजस्थान) के थाना कोटपुतली के गांव बसई निवासी मनीष मीणा उर्फ ठाकुर को पुलिस ने फरार बताया था। बताया जाता है कि इनमें से राजस्थान और हरियाणा के दो अन्य सुपारी किलर को पुलिस ने पकड़ लिया है। उनसे पूछताछ करके पुलिस वारदात के दौरान लूटा गया बाकी सोना और जेवरात बरामद करने का प्रयास कर रही है।
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संजीव का एक और रिश्तेदार संदेह के घेरे में - इस मामले में पुलिस ने संजीव के साढ़ू के बेटे सोनू और मोनू को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। मगर सुपारी किलर से पूछताछ में उनके एक अन्य रिश्तेदार का नाम भी सामने आया है। बताया जाता है कि वह भी संजीव से रंजिश रखता था और इस हत्याकांड की पटकथा लिखने में भी शामिल था। पुलिस उसके बारे में भी सबूत जुटा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि बदमाश उसे किसी अन्य रंजिश के चलते तो इस मामले में नहीं फंसा रहे हैं।
आयकर विभाग ने भी शुरू की जांच - इस मामले में पुलिस ने 20 किलो सोना और एक करोड़ से ज्यादा नकदी लूटने की बात कही थी। वहीं चर्चा 35 किलो सोना और दस करोड़ रुपयों की थी। इसमें से गिरफ्तार हुए बदमाशों से आठ किलो सोना और 13 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। पुलिस ने इसे मालखाने में जमा कराने के साथ ही आयकर विभाग को भी सूचना दी है। अब आयकर विभाग ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
दूसरे राज्यों में भेजी गई टीमें - हरियाणा और राजस्थान के बदमाशों ने अब तक बाकी सोने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इस वजह से पुलिस की टीमें उन्हें लेकर दोनों प्रदेशों में उनके ठिकानों और परिचितों की तलाश में लगी है। वहीं, एक टीम मुरादाबाद के सराफ की तलाश में भी भेजी गई है।
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प्रेमनगर में दिव्य प्रकाश प्रेस वाली गली में रहने वाले महावीर प्लाइवुड इंडस्ट्रीज के मालिक संजीव गर्ग की 20 जनवरी की रात फतेहगंज पश्चिमी में रॉड और धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। हत्या से पहले बदमाशों ने जान बख्श देने की शर्त पर बदमाशों ने उनके घर से कई किलो सोना और करोड़ों रुपये मंगाकर भी लूट लिए। मंगलवार को पुलिस ने सोनू, मोनू, विकास भल्ला और शुभम कुमावत को गिरफ्तार कर इस बहुचर्चित मामले का खुलासा कर दिया था।
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वारदात में शामिल चार अन्य बदमाश थाना कांठ (मुरादाबाद) के गांव देहरी जुम्मन निवासी दयाराम उर्फ विकास, जयपुर (राजस्थान) के थाना शाहपुरा के तहत वार्ड 16 सैनी कॉलोनी निवासी दीपक सोनी उर्फ दीपक रॉयल, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के थाना नारनौल के गांव रघुनाथपुर निवासी राजवीर सिंह उर्फ सरपंच और जयपुर (राजस्थान) के थाना कोटपुतली के गांव बसई निवासी मनीष मीणा उर्फ ठाकुर को पुलिस ने फरार बताया था। बताया जाता है कि इनमें से राजस्थान और हरियाणा के दो अन्य सुपारी किलर को पुलिस ने पकड़ लिया है। उनसे पूछताछ करके पुलिस वारदात के दौरान लूटा गया बाकी सोना और जेवरात बरामद करने का प्रयास कर रही है।
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संजीव का एक और रिश्तेदार संदेह के घेरे में - इस मामले में पुलिस ने संजीव के साढ़ू के बेटे सोनू और मोनू को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। मगर सुपारी किलर से पूछताछ में उनके एक अन्य रिश्तेदार का नाम भी सामने आया है। बताया जाता है कि वह भी संजीव से रंजिश रखता था और इस हत्याकांड की पटकथा लिखने में भी शामिल था। पुलिस उसके बारे में भी सबूत जुटा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि बदमाश उसे किसी अन्य रंजिश के चलते तो इस मामले में नहीं फंसा रहे हैं।
आयकर विभाग ने भी शुरू की जांच - इस मामले में पुलिस ने 20 किलो सोना और एक करोड़ से ज्यादा नकदी लूटने की बात कही थी। वहीं चर्चा 35 किलो सोना और दस करोड़ रुपयों की थी। इसमें से गिरफ्तार हुए बदमाशों से आठ किलो सोना और 13 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। पुलिस ने इसे मालखाने में जमा कराने के साथ ही आयकर विभाग को भी सूचना दी है। अब आयकर विभाग ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
दूसरे राज्यों में भेजी गई टीमें - हरियाणा और राजस्थान के बदमाशों ने अब तक बाकी सोने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इस वजह से पुलिस की टीमें उन्हें लेकर दोनों प्रदेशों में उनके ठिकानों और परिचितों की तलाश में लगी है। वहीं, एक टीम मुरादाबाद के सराफ की तलाश में भी भेजी गई है।