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सपा को बड़ा झटका: बदायूं से पांच बार के सांसद रहे सलीम शेरवानी ने छोड़ा पद, अखिलेश पर लगाया ये आरोप

Sun, 18 Feb 2024 04:47 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 18 Feb 2024 04:47 PM IST
सार

बदायूं लोकसभा सीट से पांच बार के सांसद रहे सलीम शेरवानी ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। वह राजीव गांधी के करीबी रहे हैं। पहली बार कांग्रेस के टिकट पर ही बदायूं से सांसद बने थे। 

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saleem sherwani left post president general secretary of samajwadi party
सलीम शेरवानी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) को एक और बड़ा झटका लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद रविवार को सलीम इकबाल शेरवानी ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वह राज्यसभा के चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज थे। 

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बदायूं लोकसभा सीट से पांच बार के सांसद रहे सलीम शेरवानी ने अपने इस्तीफे को लेकर अखिलेश यादव को लिखे गए पत्र में मुसलमानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। लिखा कि सपा में मुसलमानों की उपेक्षा से परेशान होकर महासचिव पद से इस्तीफा दे रहा हूं। जल्द ही भविष्य को लेकर फैसला लूंगा।
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उन्होंने कहा कि मुसलमान लगातार उपेक्षित महसूस कर रहा है, राज्यसभा के चुनाव में भी किसी मुसलमान को नहीं भेजा गया। बेशक मेरे नाम पर विचार नहीं होता लेकिन किसी मुसलमान को भी यह सीट मिलनी चाहिए थी। मुसलमान एक सच्चे रहनुमा की तलाश में हैं। 
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सलीम शेरवानी ने आरोप लगाया कि जिस तरह से आपने (अखिलेश यादव) पीडीए का नाम लिया, लेकिन राज्यसभा के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट को देखकर लगता है कि आप खुद ही पीडीए को कोई महत्व नहीं देते। 

कौन हैं सलीम शेरवानी
सलीम शेरवानी बदायूं लोकसभा सीट से पांच बार के सांसद रह चुके हैं। वह चार बार सपा के टिकट पर चुनाव जीते, जबकि पहली बार कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे। सलीम शेरवानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी रहे। उनके कहने पर उन्होंने 1984 में पहला चुनाव लड़ा था। 

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सलीम शेरवानी सपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस के टिकट पर बदायूं से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद वह सपा में वापस आ गए थे। एक साल पहले ही उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। 
 
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