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साक्षी-अजितेश प्रकरणः शातिर निकला विकास तिवारी, जांच शुरू होने से पहले ही अकाउंट डिलीट

Tue, 16 Jul 2019 01:28 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 16 Jul 2019 01:28 AM IST
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sakshi-Ajitesh Case: Vikas Tiwari deleted his Facebook account
sakshi and ajitesh - फोटो : social media

फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के व्हाट्सएप अकाउंट पर हुई चैट को वायरल करने वाले विकास तिवारी ने इस मामले में जांच शुरू होने से पहले ही पुलिस को गच्चा दे दिया। सोमवार को पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने अकाउंट का यूआरएल ही डिलीट कर दिया है। पुलिस अब विकास तिवारी नाम के शख्स का पता लगाने के लिए अमेरिका में व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करेगी। हालांकि फिर भी इसके जरिये विकास तिवारी का पता लगने की अब न के बराबर उम्मीद मानी जा रही है।

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विकास तिवारी नाम के शख्स की रविवार को फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी लाल के नाम के अकाउंट पर हुई चैट वायरल की गई थी। इस चैटिंग में बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के प्रकरण में बातचीत की गई थी। विकास तिवारी ने इसमें फरीदपुर विधायक पर साक्षी और अजितेश की शादी प्रकरण में साजिश का आरोप लगाया था तो फरीदपुर विधायक की ओर से पप्पू भरतौल और विकास तिवारी को धमकियां दी गई थीं। बातचीत में दोनों ओर से जमकर अपशब्दों और गालियों का भी इस्तेमाल किया गया था। यह मामला जानकारी में आने के बाद विधायक श्याम बिहारी एसएसपी से मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी व्हाट्सएप चैटिंग वायरल कर उन्हें बदनाम करने के साथ विधायक राजेश मिश्रा के साथ दुश्मनी कराने की साजिश रची गई है। देर रात इस मामले में फरीदपुर विधायक के प्रतिनिधि की ओर से तहरीर दी गई, जिस पर थाना बारादरी में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
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एसएसपी के आदेश पर साइबर सेल ने सोमवार को इस मामले में छानबीन शुरू की तो पता चला कि विकास तिवारी ने अपने एकाउंट का यूआरएल यानी यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर ही डिलीट कर दिया है। इसके बाद पुलिस की जांच रुक गई है। बताया जा रहा है कि अब पुलिस के पास विकास तिवारी का पता लगाने के लिए व्हाट्सएप मुख्यालय संपर्क करने का ही विकल्प रह गया है, हालांकि व्हाट्सएप मुख्यालय से कोई जानकारी मिलने की उम्मीद न के बराबर ही है। फरीदपुर विधायक के जिस फर्जी अकाउंट पर चैट की गई थी उसका इस्तेमाल किसने किया, पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है।

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