फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Saints are not wrong, there are wrong people in the nature of the monk

साधु गलत नहीं होते, साधु के भेष में गलत लोग होते हैं

Sat, 23 Sep 2017 02:06 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Sat, 23 Sep 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
Saints are not wrong, there are wrong people in the nature of the monk
श्‍ांकराचायऱ्र्य

विज्ञापन
कोई साधु कैसे गलत हो सकता है, गलत तो वो लोग होते हैं जो अपने स्वार्थ के लिए साधु का भेष अपना लेते हैं। अखाड़ा परिषद ने हाल ही में जिनका निष्कासन किया है, वे भी साधु के भेष में गलत लोग थे। छद्म भेष में रहने वाले लोगों के कारण साधुओं को न बदनाम किया जाए। महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकान्तानंद सरस्वती जी ने शुक्रवार को पत्रकारों की ओर से  पूछे गए सवालों पर ये बातें कहीं। 
श्री बांके बिहारी मंदिर में रविवार से शुरू हो रही संगीतमय राम कथा और प्रवचन करने आए स्वामी जी ने कहा संन्यासी एक विस्तृत परंपरा है। कोई भी यकायक संन्यासी नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि देश में 13 अखाड़े हैं। इनमें सात अखाड़े संन्यासियों के हैं जबकि छह वैष्णव संतों के हैं। उन्होंने कहा कि अगर संन्यासी समुदाय में अगर कुछ गलत हो रहा है तो अखाड़ा परिषद आवाज तो उठाएगा ही। इसमें अस्वाभाविक क्या है। 
विज्ञापन

महामंडलेश्वर ने बाबा राम रहीम के सवाल पर कहा कि वह कहां से साधु है। वह भी तो छद्म भेषधारी है। देश के राजनेताओं पर उन्होंने टिप्पणी की कि नेताओं को समाज की परख होनी चाहिए। देश विश्व समुदाय में इस समय कहां खड़ा है और कहां जा रहा है, यह समझने की योग्यता तो फिलहाल किसी में नहीं है। उन्होंने नेताओं को नैतिकता का पाठ भी जरूर पढ़ाया जाना चाहिए। महामंडलेश्वर ने कहा कि चरित्र चिंतन से ही बनता है और आज चिंतन हर ओर अभाव है। राम मंदिर के सवाल पर बोले, मंदिर तो अवश्य बनना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन



संगीतमय रामकथा कल से 
बरेली। शाश्वत परिवार बरेली और सहयोगी संस्था पूजा सेवा संस्थान की ओर से बांके बिहारी मंदिर में संगीतमय रामकथा 24 सितंबर से शुरू होगी। कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकान्तानंद सरस्वती जी महाराज रामकथा का गुणगान करेंगे। राम कथा शाम साढ़े पांच से रात साढ़े आठ बजे तक होगी। रामकथा का समापन 29 सितंबर को होगा। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकान्तानंद सरस्वती देश-विदेश में कथा वाचन कर चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने मारीशस में राम कथा का वाचन किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed