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Bareilly News: मानक तार-तार...पेट्रोल पंप और पटाखा फैक्टरी की एक ही दीवार
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बरेली। कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में धमाके के बाद प्रदेशभर में आतिशबाजी गोदामों व फैक्टरियों की जांच के आदेश दिए गए हैं। बरेली में मानक पहले से ही तार-तार हो रहे हैं। जिले के प्रमुख आतिशबाजी निर्माता की फैक्टरी व पेट्रोल पंप की दीवार एक ही है। फैक्टरी के लाइसेंस की मियाद पांच महीने पहले ही खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद उसका संचालन हो रहा है।
जिले में पिछले साल तक निर्माण इकाइयों के चार लाइसेंस थे। इनमें फरीदपुर के पचौमी में वैभव सिंघल, रिठौरा में इकराम अली, इज्जतनगर के भगवानपुर धिमरी में नन्हे बख्श व सखावत हुसैन के नाम शामिल हैं। मौजूदा वक्त में आतिशबाजी निर्माण के तीन ही लाइसेंस जिले में बचे हैं। वैभव सिंघल के लाइसेंस की मियाद 31 मार्च 2026 तक ही थी। इसके बावजूद वहां आतिशबाजी का बड़ा भंडार मौजूद है। ऑर्डर के हिसाब से उसकी बिक्री भी की जा रही है।
हाईवे किनारे जिस जगह आतिशबाजी की निर्माण इकाई व गोदाम है, उससे लगी दीवार हरियाली बाजार व पेट्रोल पंप की है। अगल-बगल ही बारूद और पेट्रोल पंप जैसी ज्वलनशील इकाइयों के निर्माण को किन परिस्थिति में मंजूरी मिली, यह जांच का विषय है। अब तक इस पर किसी तरह की कार्रवाई न होना भी दाल में काला होने की गवाही दे रहा है।
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एसडीएम ने किया निरीक्षण
फरीदपुर। एसडीएम विदुषी सिंह ने बुधवार को पचौमी स्थित इस आतिशबाजी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्टरी में आतिशबाजी का भंडारण पाया। हालांकि उन्हें आतिशबाजी का निर्माण होता नहीं मिला। उन्होंने वहां मिले कर्मचारियों से फैक्टरी का लाइसेंस व भंडारण की जानकारी तलब की है। एसडीएम ने बताया कि रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाने के बाद आगे कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
फैक्टरी मालिक बोले- डीएम दफ्तर में है एनओसी की फाइल
लाइसेंस धारक वैभव सिंघल के पिता व फर्म के मालिक अंबरीश अग्रवाल ने बताया कि वह फरीदपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं और करीब 39 साल से पटाखा निर्माण व बिक्री कर रहे हैं। लाइसेंस के नवीनीकरण की सारी औपचारिकता पूरी हो चुकी है। फीस भी जमा कर दी है। एनओसी की फाइल काफी समय से डीएम दफ्तर में अटकी है। बताया गया है कि जल्दी जारी हो जाएगी। पड़ोस में पेट्रोल पंप के सवाल पर कहा कि उनकी फैक्टरी पहले से लगी है, पंप बाद में बना। उन्होंने उसका विरोध नहीं किया। मानक पूरे होंगे, तभी पंप को यहां अनुमति मिली होगी।
हल्की आतिशबाजी का काम शुरू
रिठौरा। इकराम अली खां आतिशबाज का कारखाना आबादी से दूर जंगल में बना है। बुधवार दोपहर वहां चार कामगार हल्की आतिशबाजी बनाने की तैयारी में जुटे मिले। इकराम के बड़े भाई सरताज खान मौके पर थे। बताया गया उनके यहां फुलझड़ी एवं छोटे पटाखे बनाकर बेचे जाते हैं। संवाद
आबादी से घिरने लगा सखावत का कारखाना
इज्जतनगर के गांव भगवानपुर धिमरी में नन्हे बख्श और सखावत हुसैन नाम से दो लाइसेंस हैं। नन्हे बख्श शहर से तैयार पटाखे लाकर बेचते हैं, जबकि सखावत हुसैन के यहां फुलझड़ी व हल्की आतिशबाजी तैयार कर त्योहार और समारोह में बेची जाती है। फिलहाल बरसात की वजह से दोनों जगह काम बंद मिला। ग्रामीणों ने दिखाया कि सखावत की फैक्टरी पहले खेतों में थी, लेकिन अब आबादी के बीच आ गई है।
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जिले में पिछले साल तक निर्माण इकाइयों के चार लाइसेंस थे। इनमें फरीदपुर के पचौमी में वैभव सिंघल, रिठौरा में इकराम अली, इज्जतनगर के भगवानपुर धिमरी में नन्हे बख्श व सखावत हुसैन के नाम शामिल हैं। मौजूदा वक्त में आतिशबाजी निर्माण के तीन ही लाइसेंस जिले में बचे हैं। वैभव सिंघल के लाइसेंस की मियाद 31 मार्च 2026 तक ही थी। इसके बावजूद वहां आतिशबाजी का बड़ा भंडार मौजूद है। ऑर्डर के हिसाब से उसकी बिक्री भी की जा रही है।
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हाईवे किनारे जिस जगह आतिशबाजी की निर्माण इकाई व गोदाम है, उससे लगी दीवार हरियाली बाजार व पेट्रोल पंप की है। अगल-बगल ही बारूद और पेट्रोल पंप जैसी ज्वलनशील इकाइयों के निर्माण को किन परिस्थिति में मंजूरी मिली, यह जांच का विषय है। अब तक इस पर किसी तरह की कार्रवाई न होना भी दाल में काला होने की गवाही दे रहा है।
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एसडीएम ने किया निरीक्षण
फरीदपुर। एसडीएम विदुषी सिंह ने बुधवार को पचौमी स्थित इस आतिशबाजी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्टरी में आतिशबाजी का भंडारण पाया। हालांकि उन्हें आतिशबाजी का निर्माण होता नहीं मिला। उन्होंने वहां मिले कर्मचारियों से फैक्टरी का लाइसेंस व भंडारण की जानकारी तलब की है। एसडीएम ने बताया कि रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाने के बाद आगे कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
फैक्टरी मालिक बोले- डीएम दफ्तर में है एनओसी की फाइल
लाइसेंस धारक वैभव सिंघल के पिता व फर्म के मालिक अंबरीश अग्रवाल ने बताया कि वह फरीदपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं और करीब 39 साल से पटाखा निर्माण व बिक्री कर रहे हैं। लाइसेंस के नवीनीकरण की सारी औपचारिकता पूरी हो चुकी है। फीस भी जमा कर दी है। एनओसी की फाइल काफी समय से डीएम दफ्तर में अटकी है। बताया गया है कि जल्दी जारी हो जाएगी। पड़ोस में पेट्रोल पंप के सवाल पर कहा कि उनकी फैक्टरी पहले से लगी है, पंप बाद में बना। उन्होंने उसका विरोध नहीं किया। मानक पूरे होंगे, तभी पंप को यहां अनुमति मिली होगी।
हल्की आतिशबाजी का काम शुरू
रिठौरा। इकराम अली खां आतिशबाज का कारखाना आबादी से दूर जंगल में बना है। बुधवार दोपहर वहां चार कामगार हल्की आतिशबाजी बनाने की तैयारी में जुटे मिले। इकराम के बड़े भाई सरताज खान मौके पर थे। बताया गया उनके यहां फुलझड़ी एवं छोटे पटाखे बनाकर बेचे जाते हैं। संवाद
आबादी से घिरने लगा सखावत का कारखाना
इज्जतनगर के गांव भगवानपुर धिमरी में नन्हे बख्श और सखावत हुसैन नाम से दो लाइसेंस हैं। नन्हे बख्श शहर से तैयार पटाखे लाकर बेचते हैं, जबकि सखावत हुसैन के यहां फुलझड़ी व हल्की आतिशबाजी तैयार कर त्योहार और समारोह में बेची जाती है। फिलहाल बरसात की वजह से दोनों जगह काम बंद मिला। ग्रामीणों ने दिखाया कि सखावत की फैक्टरी पहले खेतों में थी, लेकिन अब आबादी के बीच आ गई है।