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अपने ईमान व अकीदे की करें हिफाजत: मौलाना आसिफ
Wed, 21 Oct 2026 12:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:19 AM IST
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बरेली। बाजार संदल खां के फिश मार्केट में मंगलवार को जश्न-ए-अहले बैत और सहाबा व मसलक-ए-आला हजरत कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। महफिल में उलमा-ए-किराम की तकरीर और नात-ओ-मनकबत ने माहौल को पुरनूर बना दिया।
अंजुमन आशिकाने मुस्तफा की ओर से आयोजित इस कांफ्रेंस की सरपरस्ती दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा खां कादरी ने की। प्रयागराज से आए खुसूसी मुकर्रिर मौलाना आसिफ रजा सैफी ने अहले बैत-ए-अतहार और सहाबा-ए-किराम से मोहब्बत की अहमियत बयान की। समझाया कि मुसलमानों के लिए मसलक-ए-आला हजरत के दामन से वाबस्ता रहना, दीन की सही रहनुमाई हासिल करना और अपने ईमान व अकीदे की हिफाजत करना कितना जरूरी है।
कांफ्रेंस की सदारत करते हुए सराय वाली मस्जिद के इमाम मुफ्ती गुलाम रब्बानी ने दीन-ए-इस्लाम की तालीमात, अहले बैत व सहाबा-ए-किराम की अजमत और मस्लक-ए-आला हजरत की अहमियत पर रोशनी डाली। तकरीर के साथ महफिल में नात-ओ-मनकबत का नजराना भी पेश किया गया।
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महफिल का समापन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा कादरी की दुआ पर हुआ। उन्होंने मुल्क व मिल्लत की सलामती, अमन-ओ-अमान, मुसलमानों के आपसी इत्तेहाद के लिए दुआ की। इस दौरान परवेज नूरी, शाहिद नूरी, तनवीर रजा, हाजी शकील अहमद, वसीम रजा आदि मौजूद रहे।
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अंजुमन आशिकाने मुस्तफा की ओर से आयोजित इस कांफ्रेंस की सरपरस्ती दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा खां कादरी ने की। प्रयागराज से आए खुसूसी मुकर्रिर मौलाना आसिफ रजा सैफी ने अहले बैत-ए-अतहार और सहाबा-ए-किराम से मोहब्बत की अहमियत बयान की। समझाया कि मुसलमानों के लिए मसलक-ए-आला हजरत के दामन से वाबस्ता रहना, दीन की सही रहनुमाई हासिल करना और अपने ईमान व अकीदे की हिफाजत करना कितना जरूरी है।
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कांफ्रेंस की सदारत करते हुए सराय वाली मस्जिद के इमाम मुफ्ती गुलाम रब्बानी ने दीन-ए-इस्लाम की तालीमात, अहले बैत व सहाबा-ए-किराम की अजमत और मस्लक-ए-आला हजरत की अहमियत पर रोशनी डाली। तकरीर के साथ महफिल में नात-ओ-मनकबत का नजराना भी पेश किया गया।
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महफिल का समापन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा कादरी की दुआ पर हुआ। उन्होंने मुल्क व मिल्लत की सलामती, अमन-ओ-अमान, मुसलमानों के आपसी इत्तेहाद के लिए दुआ की। इस दौरान परवेज नूरी, शाहिद नूरी, तनवीर रजा, हाजी शकील अहमद, वसीम रजा आदि मौजूद रहे।