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Bareilly News: रुविवि के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने हासिल किया 90 फीसदी प्लेसमेंट
Thu, 25 Jun 2026 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:17 AM IST
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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 में 90 फीसदी प्लेसमेंट दर हासिल की है। इस उपलब्धि के तहत छात्रों का चयन देश की प्रमुख कंपनियों में हुआ है। यह विभाग वर्ष 1998 में स्थापित हुआ था।
यह विभाग रुहेलखंड क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का एक प्रमुख स्तंभ रहा है। इसने अपनी सुसज्जित प्रयोगशालाओं और उद्योग-अनुकूल पाठ्यक्रम के दम पर उत्कृष्टता साबित की है। इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों को दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. केपी सिंह के नेतृत्व और विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस करुणा के परिश्रम की इसमें मुख्य भूमिका रही है। प्रो. केपी सिंह ने कहा कि 90 फीसदी की यह प्लेसमेंट दर शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने डॉ. करुणा के छात्र-केंद्रित नेतृत्व की सराहना की। डॉ. करुणा ने इसे पूरे विभाग के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर विश्वास और सही दिशा देने से वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस करुणा ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से ढाला। उन्होंने छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया। उद्योग भ्रमण और अतिथि व्याख्यान भी आयोजित किए गए। कॅरिअर परामर्श से विद्यार्थियों को व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार किया गया।
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यह विभाग रुहेलखंड क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का एक प्रमुख स्तंभ रहा है। इसने अपनी सुसज्जित प्रयोगशालाओं और उद्योग-अनुकूल पाठ्यक्रम के दम पर उत्कृष्टता साबित की है। इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों को दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. केपी सिंह के नेतृत्व और विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस करुणा के परिश्रम की इसमें मुख्य भूमिका रही है। प्रो. केपी सिंह ने कहा कि 90 फीसदी की यह प्लेसमेंट दर शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने डॉ. करुणा के छात्र-केंद्रित नेतृत्व की सराहना की। डॉ. करुणा ने इसे पूरे विभाग के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर विश्वास और सही दिशा देने से वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।
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विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस करुणा ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से ढाला। उन्होंने छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया। उद्योग भ्रमण और अतिथि व्याख्यान भी आयोजित किए गए। कॅरिअर परामर्श से विद्यार्थियों को व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार किया गया।
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