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रुविवि : कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कक्षाएं शुरू केमिकल इंजीनियरिंग में बेहतर रोजगार
Sat, 29 Aug 2026 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:47 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस वर्ष बीटेक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की कक्षाएं शुरू हुई हैं। प्रवेश के मामले में बीटेक कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी (सीएसआईटी) पाठ्यक्रम की सर्वाधिक मांग है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, सबसे कम सीटों वाले केमिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में रोजगार प्राप्ति का आंकड़ा बेहतर रहा है।
सीएसआईटी पाठ्यक्रम की मांग छात्रों के बीच लगातार अधिक बनी हुई है। इसके बावजूद, केमिकल इंजीनियरिंग रोजगार देने में लगातार आगे रहा है। वर्ष 2024 में केमिकल इंजीनियरिंग में सर्वाधिक रोजगार मिले थे, जब इसमें 66 सीटें थीं। वर्ष 2025 में सीटें घटकर 33 रह गईं, फिर भी रोजगार का प्रतिशत बेहतर रहा। सीएसआईटी ब्रांच में वर्ष 2025 से सीटों की संख्या दोगुनी कर 132 की गई, लेकिन प्लेसमेंट औसत रहा। अन्य ब्रांचों में 66 सीटें उपलब्ध हैं, पर उनमें रोजगार हर वर्ष औसत ही रहा है। प्रशिक्षण एवं रोजगार प्रकोष्ठ प्रभारी प्रोफेसर मनोज कुमार ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव सभी ब्रांचों पर पड़ रहा है। पारंपरिक क्षेत्रों जैसे केमिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल पर इसका असर कम है।
एआई मुख्य रूप से डेटा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि एआई मुख्य रूप से डेटा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि शुरुआती स्तर के कौशल वाले छात्रों को नौकरी में समस्या हो सकती है। इसलिए, पाठ्यक्रम के साथ खुद को एआई में उन्नत करना समय की मांग है। यह बात सभी इंजीनियरिंग ब्रांच के छात्रों पर लागू होती है। कोडिंग की नौकरियां समाप्त हो रही हैं। छात्रों को डेटा संरचना और डेटा प्रबंधन में उन्नत होना होगा। उन्होंने बताया कि तकनीकी उत्पादन भारत में होता है, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कोड भारत में नहीं बनते हैं। इसलिए एआई के क्षेत्र में भारत के लिए बहुत कुछ करने को है, बशर्ते हम तैयार हों। केमिकल ब्रांच में अच्छे प्लेसमेंट को लेकर प्रभारी ने कहा कि विभागीय शिक्षक छात्रों को रोजगार दिलाने के लिए अलग प्रयास करते हैं, जिससे उन्हें अच्छी प्लेसमेंट मिलती है।
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वर्ष । सीएसआईटी । एमई । ईसी । ईई । ईआई । केमिकल
2024। । 13 । 05 । 04 । 05 । 07 । 18
2025 । । 16 । 31 । 00 । 20 । 00 । 05
2026। । 40 । 28 । 50 । 18 । 01 । 15
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
टोटल । 69 । 64 । 54 । 43 । 08 । 38
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सीएसआईटी पाठ्यक्रम की मांग छात्रों के बीच लगातार अधिक बनी हुई है। इसके बावजूद, केमिकल इंजीनियरिंग रोजगार देने में लगातार आगे रहा है। वर्ष 2024 में केमिकल इंजीनियरिंग में सर्वाधिक रोजगार मिले थे, जब इसमें 66 सीटें थीं। वर्ष 2025 में सीटें घटकर 33 रह गईं, फिर भी रोजगार का प्रतिशत बेहतर रहा। सीएसआईटी ब्रांच में वर्ष 2025 से सीटों की संख्या दोगुनी कर 132 की गई, लेकिन प्लेसमेंट औसत रहा। अन्य ब्रांचों में 66 सीटें उपलब्ध हैं, पर उनमें रोजगार हर वर्ष औसत ही रहा है। प्रशिक्षण एवं रोजगार प्रकोष्ठ प्रभारी प्रोफेसर मनोज कुमार ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव सभी ब्रांचों पर पड़ रहा है। पारंपरिक क्षेत्रों जैसे केमिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल पर इसका असर कम है।
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एआई मुख्य रूप से डेटा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि एआई मुख्य रूप से डेटा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि शुरुआती स्तर के कौशल वाले छात्रों को नौकरी में समस्या हो सकती है। इसलिए, पाठ्यक्रम के साथ खुद को एआई में उन्नत करना समय की मांग है। यह बात सभी इंजीनियरिंग ब्रांच के छात्रों पर लागू होती है। कोडिंग की नौकरियां समाप्त हो रही हैं। छात्रों को डेटा संरचना और डेटा प्रबंधन में उन्नत होना होगा। उन्होंने बताया कि तकनीकी उत्पादन भारत में होता है, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कोड भारत में नहीं बनते हैं। इसलिए एआई के क्षेत्र में भारत के लिए बहुत कुछ करने को है, बशर्ते हम तैयार हों। केमिकल ब्रांच में अच्छे प्लेसमेंट को लेकर प्रभारी ने कहा कि विभागीय शिक्षक छात्रों को रोजगार दिलाने के लिए अलग प्रयास करते हैं, जिससे उन्हें अच्छी प्लेसमेंट मिलती है।
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वर्ष । सीएसआईटी । एमई । ईसी । ईई । ईआई । केमिकल
2024। । 13 । 05 । 04 । 05 । 07 । 18
2025 । । 16 । 31 । 00 । 20 । 00 । 05
2026। । 40 । 28 । 50 । 18 । 01 । 15
टोटल । 69 । 64 । 54 । 43 । 08 । 38