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Bareilly News: कैमरे के सामने नियमों की अनदेखी, क्षमता से ज्यादा भरी जा रहीं सवारियां
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बरेली। किला पुल के नीचे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के कैमरे लगे हैं। इन कैमरों के सामने ही डग्गामार वाहन नियमों को रौंद रहे हैं। यहां से मीरगंज जाने वाली वैन में 16 सवारियां भरी जा रही हैं। यहां सवारी भरने वाली सभी गाड़ियां प्राइवेट नंबर की हैं, लेकिन इनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां पुलिस की पिकेट भी लगती है, लेकिन मिलीभगत के कारण कोई इस ओर नहीं देखता। सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई।
किला में सत्य प्रकाश पार्क के सामने चारों दिशाओं में आईसीसीसी के चार कैमरे लगे हैं। नगर निगम कार्यालय से इन कैमरों के जरिये निगरानी का दावा किया जाता है, लेकिन वहां बैठे कर्मचारी इन डग्गामार वाहनों की मनमानी को नहीं देख पा रहे हैं। मीरगंज जाने के लिए कई वैन व फतेहगंज पश्चिमी जाने के लिए पीले रंग के ऑटो यहीं से सवारियां भरते हैं। आलम ये है कि सात सीटों वाली प्राइवेट वैन में 16 सवारियां बैठाई जा रही हैं। इसके बाद चालक के बैठने के लिए भी जगह नहीं बचती। वह किसी तरह वैन चलाते हैं। वहीं, पीले नंबर प्लेट (देहात परमिट) के ऑटो शहर की सीमा में फर्राटा भर रहे हैं। एक ऑटो में 12 से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं।
इज्जतनगर स्टेशन से बहेड़ी के लिए दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
इज्जतनगर स्टेशन से ओवरलोड मैजिक वाहन बहेड़ी की दौड़ लगा रहे हैं। यहां भी नियमों को ताक पर रखकर 16-18 सवारियाें के साथ सामान भी ढोया जा रहा है। कुछ वाहनों पर दो-तीन सवारियां पीछे लटकी भी नजर आईं। यहां भी कैमरे लगे हैं। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी रहती है, पर कोई ध्यान नहीं देता।
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पीलीभीत व फरीदपुर मार्ग पर भी यही हाल
पीलीभीत व फरीदपुर मार्गों पर भी डग्गामार वाहनों की भरमार है। जिस ई-रिक्शा पर पांच लोगों के बैठने की जगह होती है, उसमें नौ सवारियां ढोई जा रही हैं। ऑटो में भी चार की जगह नौ सवारियों को बैठाया जा रहा है। पीलीभीत रोड पर चलने वाले ऑटो व ई-रिक्शा आगे की सीटों पर महिलाओं को बैठाकर ले जाते देखे गए। कई में तो आगे का शीशा भी नहीं है। यहां डग्गामार वाहनों से लोहे के एंगल भी ढोए जा रहे हैं। फरीदपुर मार्ग पर ऑटो छात्रों को ठूसकर ले जाता दिखा।
ये हैं नियम
- ई-रिक्शा पर आगे एक चालक व पीछे चार सवारियां।
- ऑटो पर आगे चालक व पीछे तीन सवारियां।
- विक्रम पर आगे चालक व पीछे छह सवारियां।
ये है जुर्माने का प्रावधान
- ओवरलोडिंग में प्रति सवारी पर एक हजार रुपये (अधिकतम पांच हजार)।
- डीएल न होने पर पांच हजार रुपये।
- पंजीयन न होने पर पांच हजार रुपये।
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किला में सत्य प्रकाश पार्क के सामने चारों दिशाओं में आईसीसीसी के चार कैमरे लगे हैं। नगर निगम कार्यालय से इन कैमरों के जरिये निगरानी का दावा किया जाता है, लेकिन वहां बैठे कर्मचारी इन डग्गामार वाहनों की मनमानी को नहीं देख पा रहे हैं। मीरगंज जाने के लिए कई वैन व फतेहगंज पश्चिमी जाने के लिए पीले रंग के ऑटो यहीं से सवारियां भरते हैं। आलम ये है कि सात सीटों वाली प्राइवेट वैन में 16 सवारियां बैठाई जा रही हैं। इसके बाद चालक के बैठने के लिए भी जगह नहीं बचती। वह किसी तरह वैन चलाते हैं। वहीं, पीले नंबर प्लेट (देहात परमिट) के ऑटो शहर की सीमा में फर्राटा भर रहे हैं। एक ऑटो में 12 से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं।
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इज्जतनगर स्टेशन से बहेड़ी के लिए दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
इज्जतनगर स्टेशन से ओवरलोड मैजिक वाहन बहेड़ी की दौड़ लगा रहे हैं। यहां भी नियमों को ताक पर रखकर 16-18 सवारियाें के साथ सामान भी ढोया जा रहा है। कुछ वाहनों पर दो-तीन सवारियां पीछे लटकी भी नजर आईं। यहां भी कैमरे लगे हैं। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी रहती है, पर कोई ध्यान नहीं देता।
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पीलीभीत व फरीदपुर मार्ग पर भी यही हाल
पीलीभीत व फरीदपुर मार्गों पर भी डग्गामार वाहनों की भरमार है। जिस ई-रिक्शा पर पांच लोगों के बैठने की जगह होती है, उसमें नौ सवारियां ढोई जा रही हैं। ऑटो में भी चार की जगह नौ सवारियों को बैठाया जा रहा है। पीलीभीत रोड पर चलने वाले ऑटो व ई-रिक्शा आगे की सीटों पर महिलाओं को बैठाकर ले जाते देखे गए। कई में तो आगे का शीशा भी नहीं है। यहां डग्गामार वाहनों से लोहे के एंगल भी ढोए जा रहे हैं। फरीदपुर मार्ग पर ऑटो छात्रों को ठूसकर ले जाता दिखा।
ये हैं नियम
- ई-रिक्शा पर आगे एक चालक व पीछे चार सवारियां।
- ऑटो पर आगे चालक व पीछे तीन सवारियां।
- विक्रम पर आगे चालक व पीछे छह सवारियां।
ये है जुर्माने का प्रावधान
- ओवरलोडिंग में प्रति सवारी पर एक हजार रुपये (अधिकतम पांच हजार)।
- डीएल न होने पर पांच हजार रुपये।
- पंजीयन न होने पर पांच हजार रुपये।