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चिन्मयानंद प्रकरण: छात्रा के इस कदम से चिंता में विश्वविद्यालय प्रशासन, पीड़िता को लिखा पत्र
Sun, 22 Sep 2019 08:41 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 22 Sep 2019 08:41 AM IST
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chinmayanand
- फोटो : सोशल मीडिया
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सुप्रीम कोर्ट ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा की पढ़ाई के लिए दूसरे लॉ कॉलेज में एडमिशन दिलाया जाए, लेकिन अब तक छात्रा ने एडमिशन के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर विश्वविद्यालय ने छात्रा को पत्र लिखकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने को कहा है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि पीड़ित एलएलएम की छात्रा और उसके भाई का भविष्य महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने इस मामले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि छात्रा की मर्जी के मुताबिक रुहेलखंड विश्वविद्यालय उसकी और उसके भाई की पढ़ाई का इंतजाम कराए।
मगर छात्रा या उसके भाई ने दूसरे कॉलेज में एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय में अब तक आवेदन नहीं किया है। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो पाया है। अब विश्वविद्यालय ने छात्रा को पत्र लिखकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने को लिखा गया है।
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‘विश्वविद्यालय छात्रा को उसकी मर्जी के मुताबिक कॉलेज में एडमिशन दिलाने को तैयार है, लेकिन अभी तक छात्रा ने आवेदन नहीं किया है। हम छात्रा के आवेदन का इंतजार कर रहे हैं।
- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति
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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि पीड़ित एलएलएम की छात्रा और उसके भाई का भविष्य महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने इस मामले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि छात्रा की मर्जी के मुताबिक रुहेलखंड विश्वविद्यालय उसकी और उसके भाई की पढ़ाई का इंतजाम कराए।
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मगर छात्रा या उसके भाई ने दूसरे कॉलेज में एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय में अब तक आवेदन नहीं किया है। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो पाया है। अब विश्वविद्यालय ने छात्रा को पत्र लिखकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने को लिखा गया है।
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‘विश्वविद्यालय छात्रा को उसकी मर्जी के मुताबिक कॉलेज में एडमिशन दिलाने को तैयार है, लेकिन अभी तक छात्रा ने आवेदन नहीं किया है। हम छात्रा के आवेदन का इंतजार कर रहे हैं।
- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति
बिना अनुमति किसी को न मिलने दें: मजिस्ट्रेट
पीड़ित छात्रा के घर के बाहर लगी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेेने मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार सदर पुष्पेंद्र कुमार, चौक कोतवाली इंस्पेक्टर प्रवेश सिंह के साथ दोपहर 2:30 बजे पहुंचे।
उन्होंने छात्रा के घर के सामने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों से ड्यूटी के संबंध में जानकारी ली और कहा कि जब तक परिवार वाले मिलने की अनुमति न दें, तब तक किसी को घर में न जाने दें। साथ ही पुलिस कर्मियों को लापरवाही न करने की हिदायत दी।
पीड़ित छात्रा के घर के बाहर लगी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेेने मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार सदर पुष्पेंद्र कुमार, चौक कोतवाली इंस्पेक्टर प्रवेश सिंह के साथ दोपहर 2:30 बजे पहुंचे।
उन्होंने छात्रा के घर के सामने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों से ड्यूटी के संबंध में जानकारी ली और कहा कि जब तक परिवार वाले मिलने की अनुमति न दें, तब तक किसी को घर में न जाने दें। साथ ही पुलिस कर्मियों को लापरवाही न करने की हिदायत दी।