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Bareilly News: रोडवेज की एसी बसें छुड़ा रहीं यात्रियों का पसीना
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बरेली। रोडवेज की एसी बसें यात्रियों का पसीना छुड़ा रहीं हैं। ज्यादा किराया देकर लोग खटारा बसों से सफर कर रहे हैं। कई बसें सिर्फ कहने के लिए एसी हैं। भीतर कूलिंग न होने से यात्री परेशान हो रहे हैं। टूटी और गंदी सीटों के साथ ही खिड़कियों पर लगे बदबूदार पर्दे भी यात्रियों को बेचैन कर रहे हैं। परिक्षेत्र में कुल 31 एसी बसों का संचालन हो रहा है। इनमें 25 बसें 2x2 और बाकी छह 3x2 हैं। इनकी मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जा रही है। नतीजा, भीषण गर्मी में बरेली परिक्षेत्र की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है। यात्री भी निजी बसों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। शनिवार को की गई पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। संवाद
समय : सुबह 11:11 बजे
सेटेलाइट बस अड्डे पर रुहेलखंड डिपो की एसी बस (यूपी 25सीटी 1467) दिल्ली जाने के लिए तैयार खड़ी थी। बस में जाकर देखा तो उसका एसी चल रहा था, लेकिन कूलिंग नहीं हो रही थी। सीट नंबर पांच पर बैठे यात्री कुलदीप ने पसीना पोछते हुए बताया कि एसी की जगह पंखा लगाया हुआ है।
समय : सुबह 11:20 बजे
लखनऊ जाने वाली रुहेलखंड डिपो की बस (यूपी 32एमएन 9847) में लोग सवार हो रहे थे। यात्री प्रशांत ने कहा कि सीट पर गंदगी है। बस चालक और परिचालक ऐसे ढाबों पर बस रोकते हैं, जो रोडवेज से अनुबंधित नहीं हैं। अधिकतर बस को सीतापुर पहुंचने से 10 मिनट पहले रोका जाता है। वहां भी करीब 30 मिनट खर्च हो जाते हैं।
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समय सुबह 11:37 बजे
सेटेलाइट बस अड्डे पर दिल्ली रूट की दूसरी बस यूपी (32 एमएन 9899) लगी थी। बस में कोई यात्री नहीं था। बस में साफ-सफाई थी, लेकिन एसी की शिकायत चालक ने ही कर दी। कहा कि एसी कट मार देता है। मिस्त्री को कई बार दिखाया जा चुका है, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
समय सुबह 11:48 बजे
कौशांबी जाने वाली पीलीभीत डिपो की बस (यूपी 25 टी 6262) सेटेलाइट बस अड्डे पर आई। बस की सीटें टूटी थीं। चालक ने बताया कि हैंडल और सीट को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन मिस्त्री उन्हें दुरुस्त ही नहीं करता है। बस में साफ-सफाई भी नहीं थी। चालक ने बताया कि सफाई हमारा कर्मचारी करता है। उससे नियमित सफाई के लिए कहा जाएगा।
किराये के नाम पर ढीली हो रही जेब, नहीं मिल रहीं सुविधाएंमैं अक्सर दिल्ली की यात्रा करता हूं। निजी बस में सीट नहीं मिली तो इसमें आए हैं। रोडवेज बसों से यात्रा करने में जेब ढीली होती है, सुविधाएं भी नहीं मिलतीं। - मोहम्मद मुस्लिम
बसें साफ-सुथरी नहीं हैं। जैसे तैसे सफर पूरा होता है। ये बसें ऐसे ढाबों पर रुकती हैं, जहां न तो ढंग का खाना मिलता है, न ही शौचालय आदि की व्यवस्था होती है। - आकाश
मिस्त्री नहीं करते मरम्मत
हैंडल और सीट की मरम्मत के लिए मिस्त्री से कहा जाता है, लेकिन वह मना कर देता है। इनकी आवाज से यात्री परेशान होते हैं। - मोहित, बस चालक
एसी कूलिंग नहीं कर रहा है। शिकायत के बावजूद ठीक नहीं हुआ। यात्री शिकायत करते हैं, तो उन्हें समझाकर शांत कराया जाता है। - जालिम सिंह, बस चालक
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अधिकतर 2x2 बसों में परेशानी सामने आती है। इसकी सीट कपड़े की होती है, उसमें डस्ट चिपकती है। अभी 10 बसों की मरम्मत कराई है। बृहस्पतिवार को इसकी समीक्षा हुई है। बाकी बसों को भी ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लगभग 10 दिन का समय और लगेगा। - धनजी राम, सेवा प्रबंधक
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समय : सुबह 11:11 बजे
सेटेलाइट बस अड्डे पर रुहेलखंड डिपो की एसी बस (यूपी 25सीटी 1467) दिल्ली जाने के लिए तैयार खड़ी थी। बस में जाकर देखा तो उसका एसी चल रहा था, लेकिन कूलिंग नहीं हो रही थी। सीट नंबर पांच पर बैठे यात्री कुलदीप ने पसीना पोछते हुए बताया कि एसी की जगह पंखा लगाया हुआ है।
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समय : सुबह 11:20 बजे
लखनऊ जाने वाली रुहेलखंड डिपो की बस (यूपी 32एमएन 9847) में लोग सवार हो रहे थे। यात्री प्रशांत ने कहा कि सीट पर गंदगी है। बस चालक और परिचालक ऐसे ढाबों पर बस रोकते हैं, जो रोडवेज से अनुबंधित नहीं हैं। अधिकतर बस को सीतापुर पहुंचने से 10 मिनट पहले रोका जाता है। वहां भी करीब 30 मिनट खर्च हो जाते हैं।
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समय सुबह 11:37 बजे
सेटेलाइट बस अड्डे पर दिल्ली रूट की दूसरी बस यूपी (32 एमएन 9899) लगी थी। बस में कोई यात्री नहीं था। बस में साफ-सफाई थी, लेकिन एसी की शिकायत चालक ने ही कर दी। कहा कि एसी कट मार देता है। मिस्त्री को कई बार दिखाया जा चुका है, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
समय सुबह 11:48 बजे
कौशांबी जाने वाली पीलीभीत डिपो की बस (यूपी 25 टी 6262) सेटेलाइट बस अड्डे पर आई। बस की सीटें टूटी थीं। चालक ने बताया कि हैंडल और सीट को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन मिस्त्री उन्हें दुरुस्त ही नहीं करता है। बस में साफ-सफाई भी नहीं थी। चालक ने बताया कि सफाई हमारा कर्मचारी करता है। उससे नियमित सफाई के लिए कहा जाएगा।
किराये के नाम पर ढीली हो रही जेब, नहीं मिल रहीं सुविधाएंमैं अक्सर दिल्ली की यात्रा करता हूं। निजी बस में सीट नहीं मिली तो इसमें आए हैं। रोडवेज बसों से यात्रा करने में जेब ढीली होती है, सुविधाएं भी नहीं मिलतीं। - मोहम्मद मुस्लिम
बसें साफ-सुथरी नहीं हैं। जैसे तैसे सफर पूरा होता है। ये बसें ऐसे ढाबों पर रुकती हैं, जहां न तो ढंग का खाना मिलता है, न ही शौचालय आदि की व्यवस्था होती है। - आकाश
मिस्त्री नहीं करते मरम्मत
हैंडल और सीट की मरम्मत के लिए मिस्त्री से कहा जाता है, लेकिन वह मना कर देता है। इनकी आवाज से यात्री परेशान होते हैं। - मोहित, बस चालक
एसी कूलिंग नहीं कर रहा है। शिकायत के बावजूद ठीक नहीं हुआ। यात्री शिकायत करते हैं, तो उन्हें समझाकर शांत कराया जाता है। - जालिम सिंह, बस चालक
अधिकतर 2x2 बसों में परेशानी सामने आती है। इसकी सीट कपड़े की होती है, उसमें डस्ट चिपकती है। अभी 10 बसों की मरम्मत कराई है। बृहस्पतिवार को इसकी समीक्षा हुई है। बाकी बसों को भी ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लगभग 10 दिन का समय और लगेगा। - धनजी राम, सेवा प्रबंधक