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Bareilly News: वार्डों में 24 करोड़ की लागत से बनेंगी सड़कें और नालियां

Wed, 31 Jan 2024 03:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 31 Jan 2024 03:47 AM IST
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Roads and drains will be built in the wards at a cost of Rs 24 crore.
बरेली। शहर में पार्षदों की संस्तुति से मार्च 2024 तक 24 करोड़ रुपये खर्च कर सड़कों और नालियों का निर्माण होगा। प्रस्तावित कार्यों के टेंडर सात दिन में निकलेंगे। इसके साथ ही नगरिया परीक्षित और कंजादासपुर में 6000 घरों को पेयजल के लिए निशुल्क कनेक्शन दिए जाएंगे। व्यय नगर निगम उठाएगा।
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इन अहम निर्णयों के साथ नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने 687 करोड़ रुपये केे पुनरीक्षित बजट पर मुहर लगा दी। इसमें 573 करोड़ की आमदनी और इतने ही व्यय का प्रावधान है। वहीं 114 करोड़ रुपये बचेंगे जो अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्थानांतरित हो जाएंगे। हालांकि निगम के खजाने में फिलहाल 212 करोड़ रुपये हैं। अभी राज्य वित्त और पंद्रहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों में बजट आएगा। इससे खर्च के लक्ष्य पूरे हो जाएंगे। नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और विकास कार्यों पर 300 करोड़ रुपये से अधिक 31 मार्च तक व्यय होंगे। सफाई, पेयजल और सीवर व्यवस्था के बजट में दो करोड़ रुपये की वृद्धि को मंजूरी दी गई है। बैठक की अध्यक्षता महापौर उमेश गौतम ने की। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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ये अहम फैसले भी हुए
- सुंदरासी में 500 पशुओं और परसाखेड़ा में 1500 की क्षमता का गो-आश्रय स्थल बनेगा।
- हराभरा शहर बनाने के लिए वन विभाग को 8 करोड़ रुपये नगर निगम देगा, पौधे लगेंंगे।
- दो करोड़ रुपये से सीलिंग की जमीन पर फैंसिंग होगी ताकि पौधे सुरक्षित बने रहें।
- प्रत्येक वार्ड में 30-30 लाख रुपये के काम पार्षदों की संस्तुति पर सुनिश्चित होंगे।


भ्रष्टाचार के इन मामलों में होगी जांच

- गांधी उद्यान में आम और लीची की फसल का ठेका लेने के लिए ठेकेदारों ने जमानत राशि जमा की। न ठेका मिला और न जमानत राशि वापस मिली। कुछ कर्मचारियों ने फसल बेच ली। निगम खजाने में रुपये भी जमा नहीं किए गए।
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- नगर निगम की दुकानों का प्रत्येक तीन वर्ष में किराया बढ़ना था, लेकिन किराया बढ़ा नहीं और कई किरायेदारों की फाइलें गायब हो गईं।
- निगम ने पार्किंग के ठेके नहीं दिए। वसूली में घपलेबाजी हो रही है। साक्ष्य होने के बाद भी जांच नहीं हुई।

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कोट-
कार्यकारिणी की ओर से पारित पुनरीक्षित ऐतिहासिक बजट पर सदन की मुहर लग गई। विकास को रफ्तार मिलेगी। अब बजट की कोई कमी नहीं है।-उमेश गौतम
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