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Bareilly News: पानी की लाइन में लीकेज से धंसी सड़क

Mon, 10 Aug 2026 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 10 Aug 2026 12:43 AM IST
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Road caved in due to water line leakage.
बरेली। स्मार्ट सिटी की सड़कों के धसने का सिलसिला जारी है। अब अक्षय विहार पार्क के पास पानी की लाइन में लीकेज की वजह से रोड धंस गई। इसका वीडियो बनाकर लोग सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। पाइप लाइन की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के साथ ही लोग जलकल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले 27 जुलाई को नगर आयुक्त के आवास के पास बनी सड़क धंस गई थी।
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स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 167 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई इन सड़कों की दुर्दशा ने निर्माण और मरम्मत कार्यों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलकल विभाग की ओर से ठेकेदारों के माध्यम से बिना किसी निगरानी और मानक के भूमिगत लाइनें बिछाई दी जाती हैं। लीकेज की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति करता है। इससे कुछ ही दिनों बाद उसी स्थान पर फिर रिसाव शुरू हो जाता है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, पाइपेज के जोड़ों और नींव की जांच किए बिना आनन-फानन में काम पूरा करने की होड़ ही इस समस्या की मुख्य वजह है। सड़क धंसने की घटनाओं में संबंधित विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। बरेली कॉलेज के सामने रोड धंसने के मामले में जलकल विभाग ने तकनीकी खामियों को नजरअंदाज करते हुए ठीकरा बिजली निगम के ठेकेदार पर फोड़ दिया था, जबकि मुख्य वजह पाइप लाइन में रिसाव ही था।
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शहर में यूटिलिटीज बिछाने के दौरान अंतर-विभागीय समन्वय की कमी रहती है। कौन सी फर्म काम कर रही है और उसके पास कितना अनुभव है, इसकी सही जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों के पास भी नहीं है। जब तक पूरे मामले की तकनीकी जांच कराकर ठेकेदारों और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक जनता के पैसों की यूं ही बर्बादी होती रहेगी।

अस्थायी पैचवर्क से नहीं होगा स्थायी समाधान

सड़कों की मरम्मत के नाम पर जलकल विभाग की ओर से बार-बार केवल पैबंद लगाए जाते हैं। एक स्थान पर लाइन ठीक होने के कुछ ही दिनों बाद पास में ही दोबारा रिसाव शुरू हो जाता है। घटिया पाइप, कमजोर जोड़ और निर्माण में बरती जा रही ढिलाई के कारण सड़कों की नींव खोखली हो रही है। इससे स्काई वॉक जैसे महत्वपूर्ण ढांचों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

वर्जन
मामले की जानकारी हुई है। अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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