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Bareilly: माउंट एवरेस्ट फतह करने पिलखुआ से पैदल यात्रा पर निकलीं रिजवाना, बरेली में लोगों ने किया स्वागत
Fri, 15 Mar 2024 04:42 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 15 Mar 2024 04:42 PM IST
सार
पर्वतारोही रिजवाना शुक्रवार को बरेली पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने रिजवाना का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। रिजवाना अब तक लगभग 230 किमी का सफर पैदल चलकर तय कर चुकी है। उनका ये सफर लगभग 1000 किमी का है।
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पर्वतारोही रिजवाना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हापड़ के पिलखुआ के मोहल्ला छिद्दापुरी की पर्वतारोही रिजवाना सैफी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के लिए पिलखुआ से काठमांडू (नेपाल) तक पैदल यात्रा पर निकली हैं। रिजवाना शुक्रवार बरेली पहुंचीं। यहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। रिजवाना ने बताया कि वह अब तक 6000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाली कई पहाड़ी व 12000 फीट तक की ऊंचाई के कई विंटर ट्रैक पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। जिला स्तरीय 21 व 25 किलोमीटर की मैराथन में गोल्ड और सिल्वर मेडल प्राप्त कर चुकी हैं।
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रिजवाना ने लगभग तीन साल तक माउंटेनरिंग इंस्टीट्यूट में गेस्ट इंसेक्टर के पद पर भी कार्य किया है। अब रिजवाना का सपना दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराना है, जिसके लिए वह पिलखुआ से काठमांडू तक पैदल पदयात्रा करने के लिए सात मार्च को रवाना हो गई थी। वह प्रतिदिन लगभग 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं।
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शुक्रवार को पर्वतारोही रिजवाना बरेली पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने रिजवाना का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। बरेली से नवाब अली, संजय कुमार, नफीस अहमद, मुज़फ्फर अली, धीरज , शादाब इत्यादि पर्वतारोही की पदयात्रा में शामिल हुए। रिजवाना अब तक लगभग 230 किमी का सफर पैदल चलकर तय कर चुकी है। उनका ये सफर लगभग 1000 किमी का है।
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रिजवाना का कहना है कि जब आपको रास्ते नहीं मिले तब आपको रास्ता खुद बनाना पड़ता है। इस सफर में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा लेकिन मैं हार नहीं मानूंगी। उन्होंने देशवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आप सभी मेरे इस सफर में साथ देना ताकि माउंट एवरेस्ट पर जाकर तिरंगा फहराकर अपने देश और नारी समाज का नाम रोशन कर सकूं।