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Bareilly News: मुआवजा न मिलने पर रिंग रोड का काम रोका, दिया धरना
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सीबीगंज। क्षेत्र के पस्तौर गांव के पास बृहस्पतिवार को किसानों ने रिंग रोड में गई भूमि का मुआवजा न मिलने को लेकर प्रदर्शन किया। एनएचएआई की ओर से जिस जगह पर काम कराया जा रहा था, वहां ट्यूबवेल चलाकर पानी भर दिया। यही नहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खड़ा करके वाहनों का आवागमन भी बाधित कर दिया। किसानों ने मुआवजा मिलने से पहले काम शुरू न होने देने की चेतावनी दी है।
एनएचएआई की ओर से करीब 29 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण 800 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। पहले चरण में झुमका तिराहे से बदायूं रोड पर स्थित चौबारी तक काम चल रहा है। रिंग रोड में करीब 20 गांव के किसानों की जमीन आ रही है।
पस्तौर व आसपास के किसानों का कहना है कि एनएचएआई ने अब तक उन्हें भूमि का मुआवजा नहीं दिया है। सिर्फ 20 फीसदी किसानों को ही मुआवजा दिया गया। जिन किसानों के खाते में धनराशि नहीं आई, उनमें से कई की जमीन पर काम भी शुरू हो गया। इसी को लेकर किसान आक्रोशित हैं।
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बृहस्पतिवार को पस्तौर आदि गांवों के किसानों के धरने पर बैठने की सूचना पर भाजपा नेता अनिल कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। एनएचएआई के अधिकारियों को मुआवजा शीघ्र देने को कहा। दूसरी ओर पस्तौर गांव निवासी किसान ज्ञानप्रकाश लोधी, दुर्गा प्रसाद, तोताराम, नेम सिंह का कहना है जब तक मुआवजा नहीं मिलता, हम काम नहीं होने देंगे।
वर्जन :
ज्यादातर किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। बमुश्किल 20 फीसदी भू-स्वामी ही ऐसे हैं, जिनके खाते में धनराशि नहीं पहुंची है। यह ऐसे लोग हैं, जिनका मामला या तो कोर्ट में चल रहा है या बंटवारे का विवाद है। - देश दीपक सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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एनएचएआई की ओर से करीब 29 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण 800 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। पहले चरण में झुमका तिराहे से बदायूं रोड पर स्थित चौबारी तक काम चल रहा है। रिंग रोड में करीब 20 गांव के किसानों की जमीन आ रही है।
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पस्तौर व आसपास के किसानों का कहना है कि एनएचएआई ने अब तक उन्हें भूमि का मुआवजा नहीं दिया है। सिर्फ 20 फीसदी किसानों को ही मुआवजा दिया गया। जिन किसानों के खाते में धनराशि नहीं आई, उनमें से कई की जमीन पर काम भी शुरू हो गया। इसी को लेकर किसान आक्रोशित हैं।
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बृहस्पतिवार को पस्तौर आदि गांवों के किसानों के धरने पर बैठने की सूचना पर भाजपा नेता अनिल कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। एनएचएआई के अधिकारियों को मुआवजा शीघ्र देने को कहा। दूसरी ओर पस्तौर गांव निवासी किसान ज्ञानप्रकाश लोधी, दुर्गा प्रसाद, तोताराम, नेम सिंह का कहना है जब तक मुआवजा नहीं मिलता, हम काम नहीं होने देंगे।
वर्जन :
ज्यादातर किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। बमुश्किल 20 फीसदी भू-स्वामी ही ऐसे हैं, जिनके खाते में धनराशि नहीं पहुंची है। यह ऐसे लोग हैं, जिनका मामला या तो कोर्ट में चल रहा है या बंटवारे का विवाद है। - देश दीपक सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी