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Bareilly News: घर में अकेले सेवानिवृत्त सैन्य अफसर को लकवा मारा
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बरेली। सिल्वर एस्टेट कॉलोनी में सेना से सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर को बाथरूम में पैरालिसिस अटैक (लकवा) आ गया। देर तक घर बंद देखकर पड़ोसियों ने पुलिस बुलाई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा सका। परिजनों को सूचना देने के लिए उनके फोन का नंबर लॉक नहीं खुल रहा है।
वारंट ऑफिसर श्यामपाल सिंह राठौर अपने आवास में अकेले रहते हैं। सोमवार शाम तक उनके घर का दरवाजा बंद रहा तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इज्जतनगर थाना पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो बुजुर्ग श्यामपाल बाथरूम में मिले। उन्हें लकवा मारा था। देखा तो उनकी सांस चल रही थी। तब पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
पड़ोसियों से पूछताछ की तो पता लगा कि श्यामपाल सिंह के बेटे बाहर रहते हैं। पड़ोसियों को उनके नाम पते या नंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि श्यामपाल सिंह के बेटों को सूचना देने में दिक्कत आ रही है क्योंकि श्यामपाल के मोबाइल फोन में नंबर लॉक लगा है। पुलिस अन्य स्रोतों से बेटों का नंबर जुटाने का प्रयास कर रही है, श्यामपाल सिंह के सही होने का भी इंतजार किया जा रहा है। अमर उजाला ब्यूरो
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बुजुर्ग ये रखें सावधानी
नजदीकी थाने में दर्ज कराएं अपना मोबाइल नंबर
मोबाइल फोन में कम से कम कॉल के आइकन पर लॉक न रखें
दूर रह रहे परिजनों से रोज संवाद करने का करें प्रयास
आसपास के लोगों से अच्छे संबंध रखें
अपनी आयु वर्ग के लोगों का समूह बनाकर भी सक्रिय रह सकते हैं
112 और 108 नंबर मोबाइल में पिन कर लें ताकि तुरंत मदद पा सकें
बीमारी से संबंधित दवाएं व इन्हेलर आदि बिस्तर के पास ही रखें।
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वारंट ऑफिसर श्यामपाल सिंह राठौर अपने आवास में अकेले रहते हैं। सोमवार शाम तक उनके घर का दरवाजा बंद रहा तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इज्जतनगर थाना पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो बुजुर्ग श्यामपाल बाथरूम में मिले। उन्हें लकवा मारा था। देखा तो उनकी सांस चल रही थी। तब पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
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पड़ोसियों से पूछताछ की तो पता लगा कि श्यामपाल सिंह के बेटे बाहर रहते हैं। पड़ोसियों को उनके नाम पते या नंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि श्यामपाल सिंह के बेटों को सूचना देने में दिक्कत आ रही है क्योंकि श्यामपाल के मोबाइल फोन में नंबर लॉक लगा है। पुलिस अन्य स्रोतों से बेटों का नंबर जुटाने का प्रयास कर रही है, श्यामपाल सिंह के सही होने का भी इंतजार किया जा रहा है। अमर उजाला ब्यूरो
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बुजुर्ग ये रखें सावधानी
नजदीकी थाने में दर्ज कराएं अपना मोबाइल नंबर
मोबाइल फोन में कम से कम कॉल के आइकन पर लॉक न रखें
दूर रह रहे परिजनों से रोज संवाद करने का करें प्रयास
आसपास के लोगों से अच्छे संबंध रखें
अपनी आयु वर्ग के लोगों का समूह बनाकर भी सक्रिय रह सकते हैं
112 और 108 नंबर मोबाइल में पिन कर लें ताकि तुरंत मदद पा सकें
बीमारी से संबंधित दवाएं व इन्हेलर आदि बिस्तर के पास ही रखें।