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Bareilly News: विवादित स्थल के इर्दगिर्द 200 मीटर तक आवाजाही पर रोक
Sun, 29 Sep 2024 03:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 29 Sep 2024 03:26 AM IST
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नवाबगंज। क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव केलाडांडी में उपद्रव के बाद दूसरे दिन शनिवार को भी तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी दिनभर गांव में डेरा डाले रहे। विवादित स्थल की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही उसके इर्दगिर्द 200 मीटर तक लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है। गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कई परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। पुलिस खुराफातियों को चिह्नित कर रही है।
केलाडांडी में शुक्रवार को खुराफातियों ने एक विवादित स्थल की दीवार को उस समय गिरा दिया था, जब दूसरे समुदाय के लोग दूसरे गांव में नमाज पढ़ने गए थे। सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों को भी पीट दिया था। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। पुलिस ने दीवार का निर्माण शुरू कराया तो हालात और बिगड़ गए। विधायक डॉ. एमपी आर्या धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद पुलिस को काम रुकवाना पड़ा था। शनिवार को एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय, एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा, सीओ हर्ष मोदी फोर्स के साथ गांव में डटे रहे। फोर्स की मौजूदगी के कारण ग्रामीण घरों से नहीं निकल रहे हैं।
गांव में विवादित स्थल को लेकर दो माह से चिंगारी सुलग रही थी। उस समय एक समुदाय के लोगों ने पुराने भवन का रंग-रोगन कराकर वहां इबादत शुरू कर दी थी। उस समय भी दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। तत्कालीन एसडीएम मल्लिका नैन ने निर्माण रुकवाकर स्थल को सील करा दिया था। इसके बाद से यथास्थिति थी, लेकिन इसके बाद भी दूसरे समुदाय के लोग गुपचुप तरीके से अंदर ही अंदर काम कराते रहे। इंस्पेक्टर परमेश्वरी की उस समय भी क्योलड़िया में ही तैनाती थी। इसके बावजूद पुलिस गांव का माहौल भांपने में नाकाम रही।
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विवाद के बाद पुलिस ने शुक्रवार रात एक पक्ष के 12 लोगों को हिरासत में ले लिया था। शनिवार को सभी 12 लोगों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके भरवाकर छोड़ा गया। गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें गुस्सा दौड़ गया। पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि दो महीने पहले भी ऐसा ही किया गया था। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर परमेश्वरी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनको हटाने की मांग की है। शुक्रवार को धरने के दौरान विधायक डॉ. एमपी आर्या से भी इंस्पेक्टर को हटवाने, पुलिस द्वारा बनवाई गई दीवार फिर से गिराने और हिरासत में लिए गए 12 लोगों को छोड़ने की मांग की थी।
सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। खुराफातियों को चिह्नित किया जा रहा है। उच्चाधिकारी हालात की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। गांव में हालात सामान्य हैं। - हर्ष मोदी सीओ, नवाबगंज
ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने खुराफातियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों पर जुल्म-ज्यादती होगी तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद शाम को केलाडांडी से मौलाना फिदा हुसैन, अल्ताफ हुसैन, इसहाक अहमद, शमसुल हसन, इकरार अहमद सहित अन्य लोग मौलाना अदनान से मिलने बरेली पहुंचे थे।
ग्राम प्रधान अयूब के घर के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे का रुख दूसरे समुदाय के धर्मस्थल की ओर होने को लेकर हुए विवाद के बाद गांव मिलक इमामगंज में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। एहतियातन अब भी गांव में पुलिस तैनात है। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया था। थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा ने बताया गांव में अब किसी तरह का विवाद नहीं है। अगर कोई माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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केलाडांडी में शुक्रवार को खुराफातियों ने एक विवादित स्थल की दीवार को उस समय गिरा दिया था, जब दूसरे समुदाय के लोग दूसरे गांव में नमाज पढ़ने गए थे। सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों को भी पीट दिया था। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। पुलिस ने दीवार का निर्माण शुरू कराया तो हालात और बिगड़ गए। विधायक डॉ. एमपी आर्या धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद पुलिस को काम रुकवाना पड़ा था। शनिवार को एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय, एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा, सीओ हर्ष मोदी फोर्स के साथ गांव में डटे रहे। फोर्स की मौजूदगी के कारण ग्रामीण घरों से नहीं निकल रहे हैं।
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गांव में विवादित स्थल को लेकर दो माह से चिंगारी सुलग रही थी। उस समय एक समुदाय के लोगों ने पुराने भवन का रंग-रोगन कराकर वहां इबादत शुरू कर दी थी। उस समय भी दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। तत्कालीन एसडीएम मल्लिका नैन ने निर्माण रुकवाकर स्थल को सील करा दिया था। इसके बाद से यथास्थिति थी, लेकिन इसके बाद भी दूसरे समुदाय के लोग गुपचुप तरीके से अंदर ही अंदर काम कराते रहे। इंस्पेक्टर परमेश्वरी की उस समय भी क्योलड़िया में ही तैनाती थी। इसके बावजूद पुलिस गांव का माहौल भांपने में नाकाम रही।
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विवाद के बाद पुलिस ने शुक्रवार रात एक पक्ष के 12 लोगों को हिरासत में ले लिया था। शनिवार को सभी 12 लोगों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके भरवाकर छोड़ा गया। गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें गुस्सा दौड़ गया। पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि दो महीने पहले भी ऐसा ही किया गया था। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर परमेश्वरी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनको हटाने की मांग की है। शुक्रवार को धरने के दौरान विधायक डॉ. एमपी आर्या से भी इंस्पेक्टर को हटवाने, पुलिस द्वारा बनवाई गई दीवार फिर से गिराने और हिरासत में लिए गए 12 लोगों को छोड़ने की मांग की थी।
सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। खुराफातियों को चिह्नित किया जा रहा है। उच्चाधिकारी हालात की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। गांव में हालात सामान्य हैं। - हर्ष मोदी सीओ, नवाबगंज
ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने खुराफातियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों पर जुल्म-ज्यादती होगी तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद शाम को केलाडांडी से मौलाना फिदा हुसैन, अल्ताफ हुसैन, इसहाक अहमद, शमसुल हसन, इकरार अहमद सहित अन्य लोग मौलाना अदनान से मिलने बरेली पहुंचे थे।
ग्राम प्रधान अयूब के घर के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे का रुख दूसरे समुदाय के धर्मस्थल की ओर होने को लेकर हुए विवाद के बाद गांव मिलक इमामगंज में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। एहतियातन अब भी गांव में पुलिस तैनात है। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया था। थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा ने बताया गांव में अब किसी तरह का विवाद नहीं है। अगर कोई माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।