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सतर्क रहें लोग, रोजाना बढ़ रहा गंगा और रामगंगा का जलस्तर
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बदायूं। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर सीधे तौर पर गंगा और रामगंगा में दिखाई देने लगा है। इनके जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नरौरा से दो दिनों से रोजाना लगातार एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है, वहीं हरिद्वार से छोड़े गए पानी में भी पहले की अपेक्षा बढ़ोतरी हुई है। इसमें जहां गंगा के गेज में वृद्धि हुई है, वहीं रामगंगा का गेज भी, जो शुक्रवार को 159.380 था, वह बढ़कर 159.490 हो गया है। एसडीएम सदर ने कछला गंगा से सटे गांव का निरीक्षण किया, साथ ही लोगों को बाढ़ से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।
पिछले कुछ दिनों से गंगा और रामगंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी बाढ़ विभाग दर्ज कर रहा है। बाढ़ खंड विभाग के रिकार्ड की बात करें तो 12 अगस्त को गंगा का गेज 163.30 नापा गया था, जो शनिवार को बढ़कर 163.55 हो गया। इसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर हो रही बारिश है। यही वजह है कि शुक्रवार को नरौरा से एक लाख 12 हजार 285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि शनिवार को भी एक लाख 12 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से शुक्रवार को 71 हजार 314 क्यूसेक पानी छोड़ा था, जो शनिवार को बढ़कर 85 हजार 266 क्यूसेक पर पहुंच गया। हालांकि बिजनौर से आठ हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा गया। कछला का गेज शुक्रवार को 163.50 नापा गया था, जो शनिवार को बढ़कर 163.55 पहुंच गया। इधर रामगंगा के जल में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को रामगंगा का गेज 159.380 था, जो शनिवार को 159.490 हो गया।
एसडीएम सदर ने ढकनगला, हुसैनपुर गांव का किया दौरा
एडीएम सदर सीपी सरोज शनिवार शाम को कछला से सटे गांव ढकनगला, चंदनपुर और हुसैनपुर खेड़ा पहुंचे। वहां पर उन्होंने बाढ़ संबंधित सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की, साथ ही उनको बाढ़ से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि प्रशासनिक स्तर से अधिकारी, कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी लोग अपनी ओर से भी एहतियात बरतें।
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जिले में बनी है 29 बाढ़ चौकियां
जिले में गंगा और रामगंगा दोनों ही नदियां बह रहीं हैं। सहसवान क्षेत्र में गंगा-महावा नदी पर हर साल बाढ़ अपना असर दिखाती है। जिले की तीन तहसील सदर, सहसवान और दातागंज बाढ़ से प्रभावित रहतीं हैं। विभाग की मानें तो तीनों तहसील में कुल 29 बाढ़ चौकियां हैं। जहां पर सभी कर्मचारी तैनात हैं।
गंगा पहले भी मचा चुकी है तबाही
पिछली बार जैसे हालात न बने, इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां कर ली हैं। पिछले साल गंगा में आई बाढ़ से उसहैत क्षेत्र के गांव जटा में भारी तबाही हुई थी, जिससे किसानों की हजारों एकड़ बीघा में खड़ी धान आदि की फसल डूब गई थी। अब फिर से जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से इस गांव के लोग फिर से चिंतित होने लगे हैं।
कछला गंगाघाट के पास में स्थित गांवों का जायजा लिया था। ग्रामीणों को जानकारी दी है कि वह गंगा के किनारे न जाएं, बाढ़ कार्य से संबंधित सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह लगातार इस ओर निगाह बनाए रखें।
-सीपी सरोज, सदर एसडीएम
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पिछले कुछ दिनों से गंगा और रामगंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी बाढ़ विभाग दर्ज कर रहा है। बाढ़ खंड विभाग के रिकार्ड की बात करें तो 12 अगस्त को गंगा का गेज 163.30 नापा गया था, जो शनिवार को बढ़कर 163.55 हो गया। इसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर हो रही बारिश है। यही वजह है कि शुक्रवार को नरौरा से एक लाख 12 हजार 285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि शनिवार को भी एक लाख 12 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से शुक्रवार को 71 हजार 314 क्यूसेक पानी छोड़ा था, जो शनिवार को बढ़कर 85 हजार 266 क्यूसेक पर पहुंच गया। हालांकि बिजनौर से आठ हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा गया। कछला का गेज शुक्रवार को 163.50 नापा गया था, जो शनिवार को बढ़कर 163.55 पहुंच गया। इधर रामगंगा के जल में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को रामगंगा का गेज 159.380 था, जो शनिवार को 159.490 हो गया।
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एसडीएम सदर ने ढकनगला, हुसैनपुर गांव का किया दौरा
एडीएम सदर सीपी सरोज शनिवार शाम को कछला से सटे गांव ढकनगला, चंदनपुर और हुसैनपुर खेड़ा पहुंचे। वहां पर उन्होंने बाढ़ संबंधित सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की, साथ ही उनको बाढ़ से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि प्रशासनिक स्तर से अधिकारी, कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी लोग अपनी ओर से भी एहतियात बरतें।
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जिले में बनी है 29 बाढ़ चौकियां
जिले में गंगा और रामगंगा दोनों ही नदियां बह रहीं हैं। सहसवान क्षेत्र में गंगा-महावा नदी पर हर साल बाढ़ अपना असर दिखाती है। जिले की तीन तहसील सदर, सहसवान और दातागंज बाढ़ से प्रभावित रहतीं हैं। विभाग की मानें तो तीनों तहसील में कुल 29 बाढ़ चौकियां हैं। जहां पर सभी कर्मचारी तैनात हैं।
गंगा पहले भी मचा चुकी है तबाही
पिछली बार जैसे हालात न बने, इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां कर ली हैं। पिछले साल गंगा में आई बाढ़ से उसहैत क्षेत्र के गांव जटा में भारी तबाही हुई थी, जिससे किसानों की हजारों एकड़ बीघा में खड़ी धान आदि की फसल डूब गई थी। अब फिर से जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से इस गांव के लोग फिर से चिंतित होने लगे हैं।
कछला गंगाघाट के पास में स्थित गांवों का जायजा लिया था। ग्रामीणों को जानकारी दी है कि वह गंगा के किनारे न जाएं, बाढ़ कार्य से संबंधित सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह लगातार इस ओर निगाह बनाए रखें।
-सीपी सरोज, सदर एसडीएम