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Bareilly News: निलंबन के लिए सोमवार को भेजी जाएगी शासन को रिपोर्ट
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बरेली। सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बिल पास कराने के लिए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेजी जाएगी। शनिवार को अवकाश होने की वजह से पुलिस की रिपोर्ट नहीं मिली।
प्रशासनिक अधिकारी के पकड़े जाने के बाद सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर चल रहे खेल का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार विभाग के प्रत्येक पटल पर हर कार्य की दरें तय हैं। बीते साल उच्चाधिकारियों के खेल को लेकर चिकित्सकों के ग्रुप में चर्चाएं चली थीं। इसका स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद शासन स्तर से जांच टीम बरेली पहुंची थी। टीम के बयान दर्ज करने से पहले ही उच्चाधिकरियों ने बैठक कर डॉक्टरों के बयान लिखवा लिए थे। उसे टीम को सौंपकर गर्दन बचाई गई थी। प्रकरण में तत्कालीन एडी हेल्थ और सीएमओ भी घिरते नजर आए थे।
चिकित्सकों ने सोशल प्लेटफार्म पर लिखा था कि विभाग में प्रत्येक कार्य के रेट तय हैं। स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं समेत चिकित्सकों के ट्रांसफर, पोस्टिंग, नोटिस जारी करने, निर्माण कार्यों के टेंडर, उपकरण की खरीद, दवाओं की लोकल खरीद में भी खेल होता है।
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वायरल ऑडियो में भी मांगा गया था 40 फीसदी कमीशन
बीते वर्ष सीएमओ कार्यालय के ही एक बाबू का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें बाबू निर्माण कार्य के एक ठेके के लिए संबंधित ठेकेदार से 40 फीसदी कमीशन मांग रहा था। उसने मना किया और 25 फीसदी देने की बात कही तो उन्होंने साफ इन्कार करते हुए कहा था कि वह दिन पुराने हो गए और 40 फीसदी ही आखिरी रियायत है। रुपया ऊपर तक पहुंचने की बात कही थी। ऑडियो की जांच हुई पर कोई धरपकड़ नहीं हुई। ब्यूरो
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प्रशासनिक अधिकारी के पकड़े जाने के बाद सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर चल रहे खेल का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार विभाग के प्रत्येक पटल पर हर कार्य की दरें तय हैं। बीते साल उच्चाधिकारियों के खेल को लेकर चिकित्सकों के ग्रुप में चर्चाएं चली थीं। इसका स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद शासन स्तर से जांच टीम बरेली पहुंची थी। टीम के बयान दर्ज करने से पहले ही उच्चाधिकरियों ने बैठक कर डॉक्टरों के बयान लिखवा लिए थे। उसे टीम को सौंपकर गर्दन बचाई गई थी। प्रकरण में तत्कालीन एडी हेल्थ और सीएमओ भी घिरते नजर आए थे।
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चिकित्सकों ने सोशल प्लेटफार्म पर लिखा था कि विभाग में प्रत्येक कार्य के रेट तय हैं। स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं समेत चिकित्सकों के ट्रांसफर, पोस्टिंग, नोटिस जारी करने, निर्माण कार्यों के टेंडर, उपकरण की खरीद, दवाओं की लोकल खरीद में भी खेल होता है।
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वायरल ऑडियो में भी मांगा गया था 40 फीसदी कमीशन
बीते वर्ष सीएमओ कार्यालय के ही एक बाबू का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें बाबू निर्माण कार्य के एक ठेके के लिए संबंधित ठेकेदार से 40 फीसदी कमीशन मांग रहा था। उसने मना किया और 25 फीसदी देने की बात कही तो उन्होंने साफ इन्कार करते हुए कहा था कि वह दिन पुराने हो गए और 40 फीसदी ही आखिरी रियायत है। रुपया ऊपर तक पहुंचने की बात कही थी। ऑडियो की जांच हुई पर कोई धरपकड़ नहीं हुई। ब्यूरो