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ईद पर गरीबों-जरूरतमंदों को याद रखें
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सैलानी में लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन ने मुसलमानों से की अपील
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सुब्हानी मियां ने कोरोना के खात्मे के लिए की खुसूसी दुआ
बरेली। आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान सुब्हानी मियां ने दुनिया से कोरोना वायरस जैसी मूजी बीमारी के खात्मे की खुसूसी दुआ करते हुए मुसलमानों से अपील की है कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए ईद घरों में रहते हुए सादगी के साथ मनाएं, साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों का भी खास ख्याल रखें। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसन मियां ने भी इस्लाम की यह नसीहत याद रखने को कहा है कि दौलतमंदों की दौलत पर जरूरतमंदों का भी हक है।
सज्जादानशीन अहसन मियां ने कहा है कि अल्लाह पूरे तीस रोजों का इनाम अपने बंदों को ईद के तौर पर देता है। ईद पर उन लोगों को अल्लाह खुशी और मुसर्रत से भरपूर अपनी नवाजिशें और इनामात फरमाते हैं जिन्होंने पूरे महीने खुद को रजा-ए-इलाही हासिल करने को खाने-पीने जैसी चीजों से रोके रखा। उन्होंने कहा कि ईद हमें यह तालीम भी देती है कि अपने रब की रजामंदी और खुशनूदी के लिए उसकी इबादत करें। ईद उल फितर मजहबी त्योहार होने के साथ उन एहसासों का भी त्योहार है जो इंसानियत के लिए बेहद जरूरी है। दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि ईद की नमाज़ दरगाह पर दरगाह प्रमुख समेत वही लोग अदा करेंगे जितने लोग अब तक अदा करते आ रहे है बाकी लोग अपने अपने घरों में रहकर चाश्त की नमाज अदा करें ।
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सुब्हानी मियां ने कोरोना के खात्मे के लिए की खुसूसी दुआ बरेली। आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान सुब्हानी मियां ने दुनिया से कोरोना वायरस जैसी मूजी बीमारी के खात्मे की खुसूसी दुआ करते हुए मुसलमानों से अपील की है कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए ईद घरों में रहते हुए सादगी के साथ मनाएं, साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों का भी खास ख्याल रखें। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसन मियां ने भी इस्लाम की यह नसीहत याद रखने को कहा है कि दौलतमंदों की दौलत पर जरूरतमंदों का भी हक है।
सज्जादानशीन अहसन मियां ने कहा है कि अल्लाह पूरे तीस रोजों का इनाम अपने बंदों को ईद के तौर पर देता है। ईद पर उन लोगों को अल्लाह खुशी और मुसर्रत से भरपूर अपनी नवाजिशें और इनामात फरमाते हैं जिन्होंने पूरे महीने खुद को रजा-ए-इलाही हासिल करने को खाने-पीने जैसी चीजों से रोके रखा। उन्होंने कहा कि ईद हमें यह तालीम भी देती है कि अपने रब की रजामंदी और खुशनूदी के लिए उसकी इबादत करें। ईद उल फितर मजहबी त्योहार होने के साथ उन एहसासों का भी त्योहार है जो इंसानियत के लिए बेहद जरूरी है। दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि ईद की नमाज़ दरगाह पर दरगाह प्रमुख समेत वही लोग अदा करेंगे जितने लोग अब तक अदा करते आ रहे है बाकी लोग अपने अपने घरों में रहकर चाश्त की नमाज अदा करें ।
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