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जीवन में एक बार श्रीमद्भागवत जरूर सुनें: योगेश ब्रजवासी
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बरेली। सनातन धर्म मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर कलश यात्रा निकाली गई। मॉडल टाउन से निकली कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसके बाद कथा व्यास योगेश ब्रजवासी की श्रीमद्भागवत शुरू हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने से कष्ट नहीं आते, इसे जीवन में एक बार अवश्य सुनना चाहिए।
रामायण मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा हरि मंदिर, दरगाह मंदिर होते हुए सनातन धर्म मंदिर पर समाप्त हुई। कलश यात्रा में सबसे आगे राधा-कृष्ण के स्वरूप बने बच्चे, उनके पीछे 108 महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। सनातन धर्म मंदिर के सेवादार कीर्तन कर रहे थे। सबसे पीछे रथ पर सवार कथा व्यास योगेश ब्रजवासी सबको आशीर्वाद दे रहे थे। कलश यात्रा का जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। सनातन धर्म मंदिर में कलश यात्रा समाप्त होने के बाद कथा व्यास योगेश ब्रजवासी की श्रीमद्भागवत शुरू हुई। उन्होंने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा सुनने से कष्ट दूर होते हैं। व्यक्ति को जीवन में एक बार भागवत कथा जरूर सुननी चाहिए। कलश यात्रा में ओम प्रकाश आनंद, नीलम कोचर, अनीता गुप्ता, प्रेमलता अरोरा, संजीव चांदना, प्रेम धवन, अजय अरोरा, मनमोहन सब्बरवाल, तिलक राज, हरीश कुमार आदि ने सहयोग किया।
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रामायण मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा हरि मंदिर, दरगाह मंदिर होते हुए सनातन धर्म मंदिर पर समाप्त हुई। कलश यात्रा में सबसे आगे राधा-कृष्ण के स्वरूप बने बच्चे, उनके पीछे 108 महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। सनातन धर्म मंदिर के सेवादार कीर्तन कर रहे थे। सबसे पीछे रथ पर सवार कथा व्यास योगेश ब्रजवासी सबको आशीर्वाद दे रहे थे। कलश यात्रा का जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। सनातन धर्म मंदिर में कलश यात्रा समाप्त होने के बाद कथा व्यास योगेश ब्रजवासी की श्रीमद्भागवत शुरू हुई। उन्होंने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा सुनने से कष्ट दूर होते हैं। व्यक्ति को जीवन में एक बार भागवत कथा जरूर सुननी चाहिए। कलश यात्रा में ओम प्रकाश आनंद, नीलम कोचर, अनीता गुप्ता, प्रेमलता अरोरा, संजीव चांदना, प्रेम धवन, अजय अरोरा, मनमोहन सब्बरवाल, तिलक राज, हरीश कुमार आदि ने सहयोग किया।
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