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हक का रास्ता दिखाती है इमाम हुसैन की कुर्बानी
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बरेली। गढैया के इमामबाड़ा हकीम आगा साहब में नकवी परिवार की ओर से ख्वातीन की मजलिस आयोजित की गई। इसमें शहीदाने कर्बला को याद करते हुए नोहाख्वानी भी की गई।
इस मौके पर जाकिरा सरताज कानपुरी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की इस्लाम को बचाने के लिए दी गई कुर्बानी हमें हक की राह पर चलने का रास्ता दिखाती है। साथ ही अमन और इंसानियत का पैगाम देती है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में हर जगह जिक्रे कर्बला किया जा रहा है और इमाम हुसैन की सदा गूंज रही है।
इस दौरान मरसिया ख्वानी ततहीर नकवी ने की और नोहाख्वानी माहिरा नकवी के साथ मरियम जैदी और फिशा जैदी ने की। औरतों की अंजुमन ने भी नोहा पढ़े। इसमें शाभी नकवी, फरहत नकवी, रेशमा नकवी, मीनू नकवी, राजिया नकवी, गाशिया नकवी आदि मौजूद रहीं। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि इसी तरह दूसरे इमामबाड़ों में मर्दानी मजलिस का सिलसिला जारी रहा। ब्यूरो
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इस मौके पर जाकिरा सरताज कानपुरी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की इस्लाम को बचाने के लिए दी गई कुर्बानी हमें हक की राह पर चलने का रास्ता दिखाती है। साथ ही अमन और इंसानियत का पैगाम देती है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में हर जगह जिक्रे कर्बला किया जा रहा है और इमाम हुसैन की सदा गूंज रही है।
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इस दौरान मरसिया ख्वानी ततहीर नकवी ने की और नोहाख्वानी माहिरा नकवी के साथ मरियम जैदी और फिशा जैदी ने की। औरतों की अंजुमन ने भी नोहा पढ़े। इसमें शाभी नकवी, फरहत नकवी, रेशमा नकवी, मीनू नकवी, राजिया नकवी, गाशिया नकवी आदि मौजूद रहीं। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि इसी तरह दूसरे इमामबाड़ों में मर्दानी मजलिस का सिलसिला जारी रहा। ब्यूरो
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