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पितरों की शांति के लिए अस्थि कलश आज होंगे विसर्जित
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बरेली। जिन पितरों को उनके अपनों ने शवदाह के बाद मुड़कर नहीं देखा उनके अस्थि कलशों का आज एक सामाजिक संस्था विसर्जन करेगी। अमर उजाला की मुहिम पर अस्थियों के विसर्जन के लिए बुधवार को महिला जागृति मंच की देखरेख में सिटी श्मशान भूमि पर करीब चार सौ अस्थि कलशों को इकट्ठा किया गया। सुबह सात बजे मंच और श्मशान भूमि से दो लोग अस्थियों के विसर्जन के लिए कछला रवाना होंगे।
मंच की अध्यक्ष मनु नीरज ने बताया कि बुधवार की दोपहर से शाम तक वर्षों पुराने करीब चार सौ अस्थि कलशों को बाहर निकालकर उन्हें मैजिक पर लादकर विसर्जन के लिए तैयार किया गया। बताया कि सालों पुराने अस्थि कलश होने से उनमें कीड़े लग गए थे। साथ ही वे मिट्टी में तब्दील होने लगे थे, जिस कोठरी में ये रखे थे, वहां खड़ा होना भी दूभर हो गया था, लेकिन पितरों की मुक्ति के लिए अस्थि कलशों को निकाला गया। कहा, वे सुबह छह से सात बजे के बीच अस्थि कलशों से भरे मैजिक के साथ कछला जाएंगी और वहां पर विधि विधान से विसर्जन की सारी प्रक्रियाएं पूरी कर गंगा में अस्थियों का विसर्जन करेंगी। इसके बाद ब्राह्मण भोज भी कराया जाएगा। दूसरी ओर गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट समिति की ओर से श्मशान में लंबे समय से रखे गए अस्थि कलशों का विसर्जन 28 सितंबर को कछला में किया जाएगा।
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मंच की अध्यक्ष मनु नीरज ने बताया कि बुधवार की दोपहर से शाम तक वर्षों पुराने करीब चार सौ अस्थि कलशों को बाहर निकालकर उन्हें मैजिक पर लादकर विसर्जन के लिए तैयार किया गया। बताया कि सालों पुराने अस्थि कलश होने से उनमें कीड़े लग गए थे। साथ ही वे मिट्टी में तब्दील होने लगे थे, जिस कोठरी में ये रखे थे, वहां खड़ा होना भी दूभर हो गया था, लेकिन पितरों की मुक्ति के लिए अस्थि कलशों को निकाला गया। कहा, वे सुबह छह से सात बजे के बीच अस्थि कलशों से भरे मैजिक के साथ कछला जाएंगी और वहां पर विधि विधान से विसर्जन की सारी प्रक्रियाएं पूरी कर गंगा में अस्थियों का विसर्जन करेंगी। इसके बाद ब्राह्मण भोज भी कराया जाएगा। दूसरी ओर गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट समिति की ओर से श्मशान में लंबे समय से रखे गए अस्थि कलशों का विसर्जन 28 सितंबर को कछला में किया जाएगा।
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