बरेली: वृद्धाश्रम के शौचालय में फंदे से लटका मिला बुजुर्ग का शव, गले में पड़ी थी एक दिन पुरानी फूलों की माला
बरेली के कांधरपुर स्थित सेवाधाम वृद्धाश्रम में 85 साल के बुजुर्ग का शव शौचालय में फंदे से लटका मिला। उनके कोई बेटा नहीं है। दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बेटियों ने अपने चचेरे भाई पर आरोप लगाया है।
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बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के मंझा गांव निवासी रामनाथ (85 वर्ष) का शव सोमवार सुबह कांधरपुर स्थित सेवाधाम वृद्धाश्रम के शौचालय में फंदे से लटका मिला। वृद्धाश्रम प्रबंधक कांता गंगवार ने बताया कि रामनाथ दो जनवरी 2018 से वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी कला देवी और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। रामनाथ कभी-कभार अपने घर भी जाते थे। वह कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। रात में खाना खाकर सोए थे। सुबह छह बजे वह बिस्तर पर नहीं मिले।
वृद्धाश्रम के संचालक मरछू यादव को दूसरे वृद्धों ने बताया कि एक शौचालय का गेट अंदर से काफी देर से बंद है। उन्होंने गेट को जोर से धक्का देकर खोला तो रामनाथ का शव जंगले में उनकी धोती के सहारे लटक रहा था। सूचना पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
जब रामनाथ के शव को निकाला गया तो वह एक दिन पहले लाए नए कपड़े पहने थे। एक दिन पहले वृद्धाश्रम में सत्संग हुआ था, उसमें उनको जो फूलमाला पहनाई गई थी, वह भी उनके गले में पड़ी थी। यहां 134 और बुजुर्ग भी रहते हैं। कुछ से उनकी अच्छी दोस्ती थी। इनमें से एक ने बताया कि सात अक्तूबर को वह बड़ी बेटी से मिलने गए थे। आठ को बैंक से वृद्धावस्था पेंशन लेने भी गए थे। तब तक उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।
बेटियों ने चचेरे भाई पर लगाया आरोप
रामनाथ की बड़ी बेटी कांधरपुर में और छोटी बदायूं के दातागंज में ब्याही है। दोनों बेटियों ने पिता की आत्महत्या के लिए अपने चचेरे भाई को जिम्मेदार बताया। आरोप लगाया कि उनके पिता को फुसलाकर चचेरे भाई ने कुछ जमीन अपने नाम करवा ली है। चार दिन पहले ही ये सब धोखाधड़ी से किया गया। उन लोगों को जानकारी हुई तो पिता को हकीकत बताई। इसके बाद से उनके पिता दुखी थे। चचेरे भाई ने उनके साथ छल किया था।
भतीजा करता था देखभाल
सूत्र बताते हैं कि रामनाथ ने कांधरपुर में एक भूखंड खरीदा था, जिस पर मकान बनवाकर बड़ी बेटी वहीं रह रही हैं। रामनाथ के कहने पर बड़ी बेटी ने छोटी को भूखंड के हिस्से के तौर पर करीब पांच लाख रुपये दिए थे। खेती से मिले सवा लाख रुपये भी रामनाथ ने छोटी बेटी को दिए थे।
प्रबंधन के मुताबिक, रामनाथ का भतीजा अक्सर उनसे मिलने आता था और खाने-पीने की चीजें भी लाता रहता था। जब रामनाथ का घूमने का मन करता था तो वह उसी को सूचना देते थे। वह उन्हें घुमाकर वापस छोड़ जाता था। वह अक्सर दूसरे बुजुर्गों से चर्चा करते थे और भतीजे की तारीफ करते थे।
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि वृद्ध रामनाथ ने आत्महत्या क्यों की, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल, कोई शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। शव परिवार को सौंप दिया गया है।