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हनुमान मंदिर और पहलवान साहब की मजार के कब्जों पर लाल निशान
बरेली
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:26 AM IST
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सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर और पहलवान साहब की मजार के आड़ में बनी दुकानों पर बुधवार को नगर निगम की टीम ने लाल निशान लगा दिए। इस तरह से दो दर्जन से अधिक दुकानें कार्रवाई की जद में आ गई हैं। मेयर उमेश गौतम का दावा है कि नगर निगम में इन दुकानों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। धार्मिक संस्थाओं की ओर से दुकानों का कोई ब्योरा भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
पिछले दिनों नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पहलवान साहब की मजार पर एक दुकान का बोर्ड तोड़ा तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद मेयर ने नगर निगम में पहलवान साहब की मजार और उससे कुछ दूरी पर बने हनुमान मंदिर का रिकॉर्ड निकलवाया तो नक्शे में सिर्फ धर्मस्थल की जानकारी मिली। किसी दुकान के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद मेयर ने दोनों धर्मस्थलों को पत्र लिखकर दुकानों के संबंध में जानकारी मांगी कि किस आधार पर निर्माण किया गया? धर्मस्थलों की ओर से भी अब तक दुकानों का कोई ब्योरा नगर निगम को नहीं दिया गया है। बुधवार दोपहर मेयर ने टीम भेजकर दोनों धर्मस्थलों में बनाई गई दुकानों का चिह्नीकरण करा दिया। इसके बाद से कार्रवाई को लेकर आशंकित व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पहलवान साहब की मजार की इंतजामिया कमेटी के सेक्रेटरी डॉ. नफीस खां ने नगर आयुक्त को पत्र देकर मजार का पूरा ब्योरा दिया है और दुकानें वैध होने की बात कही है।
12 फीट चौड़ा नाला गायब
जांच में यह भी सामने आया कि 1974 में जब बरेली नगर पालिका थी तो दोनों धर्मस्थलों के पीछे 12 फीट चौड़ा नाला भी था। अब यह नाला सिरे से ही गायब हो चुका है।
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वर्जन
धर्मस्थलों की आड़ में अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चिह्नीकरण करा लिया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश गौतम, मेयर
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पिछले दिनों नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पहलवान साहब की मजार पर एक दुकान का बोर्ड तोड़ा तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद मेयर ने नगर निगम में पहलवान साहब की मजार और उससे कुछ दूरी पर बने हनुमान मंदिर का रिकॉर्ड निकलवाया तो नक्शे में सिर्फ धर्मस्थल की जानकारी मिली। किसी दुकान के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद मेयर ने दोनों धर्मस्थलों को पत्र लिखकर दुकानों के संबंध में जानकारी मांगी कि किस आधार पर निर्माण किया गया? धर्मस्थलों की ओर से भी अब तक दुकानों का कोई ब्योरा नगर निगम को नहीं दिया गया है। बुधवार दोपहर मेयर ने टीम भेजकर दोनों धर्मस्थलों में बनाई गई दुकानों का चिह्नीकरण करा दिया। इसके बाद से कार्रवाई को लेकर आशंकित व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पहलवान साहब की मजार की इंतजामिया कमेटी के सेक्रेटरी डॉ. नफीस खां ने नगर आयुक्त को पत्र देकर मजार का पूरा ब्योरा दिया है और दुकानें वैध होने की बात कही है।
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12 फीट चौड़ा नाला गायब
जांच में यह भी सामने आया कि 1974 में जब बरेली नगर पालिका थी तो दोनों धर्मस्थलों के पीछे 12 फीट चौड़ा नाला भी था। अब यह नाला सिरे से ही गायब हो चुका है।
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धर्मस्थलों की आड़ में अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चिह्नीकरण करा लिया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश गौतम, मेयर