{"_id":"597264784f1c1b73778b47a9","slug":"real-estate-business-opposition-to-increase-circle-rise","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्किल रेट बढोत्तरी के विरोध में उतरे रियल एस्टेट कारोबारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्किल रेट बढोत्तरी के विरोध में उतरे रियल एस्टेट कारोबारी
बरेली
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:00 AM IST
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रियल स्टेट में मंदी के बीच सर्किल रेट बढ़ाए जाने का प्रस्ताव किसी को राह नहीं आ रहा। खासकर रियल एस्टेट कारोबारी तो इसका खुला विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सर्किल रेट बढ़ने के बजाए घटना चाहिए। नोएडा और हरियाणा में प्रधानमंत्री के सबको घर देने का सपना साकार कराने के लिए सर्किल रेट घटाना चाहिए। रियल एस्टेट कारोबारी 29 जुलाई को नए सर्किल रेट को फाइनल करने के लिए होने वाली बैठक में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखकर विरोध करेंगे।
रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि मंदी के इस दौर में सर्किल रेट बढ़ जाएगा तो हालात और खराब होंगे। एक तरफ जहां सबको घर का सपना दिखाया जा रहा है ऐसे में महंगाई कहीं न कहीं तो असर करेगी ही। सर्किल रेट बढ़ाए जाने पर आपत्ति की जाएगी और 29 को अगर सर्किल रेट बढ़ाया जाता है तो इसका विरोध होगा।
वहीं सर्किल रेट के नए प्रस्ताव में सिविल लाइंस इलाके की भटनागर कालोनी का सर्किल रेट घटाकर 500 रुपये कम कर दिया गया। यहां छह और छह से नौ मीटर तक रोड वाले इलाके के सर्किल रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। जबकि नौ मीटर वाले रोड पर इस कालोनी में सर्किल रेट 40500 से घटाकर 40000 हजार रुपये कर दिया है।
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फोटो--
सर्किल रेट तो बढ़ने के बजाए घटने चाहिए। नोएडा और हरियाणा में सर्किल रेट घटा भी दिए गए हैं। प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाया तो यह प्रधानमंत्री के सबको घर देने के सपने में बाधक होगा। नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी की बिक्री पर ब्रेक लग चुका है।इनकम टैक्स की सख्ती से भी बैनामे घट रह हैं। सर्किल रेट बढ़ने से रियल स्टेट की हालत और खराब हो जाएगी-रमनदीप सिंह, अध्यक्ष, क्रेडाई
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सर्किल रेट डीएम साहब की मर्जी पर निर्भर है। कमरे में बैठकर सर्वे करके नया सर्किल रेट प्रस्तावित कर दिया गया। जहां आठ हजार रुपये गज जमीन बिक रही है। वहां का सर्किल रेट 11 से 15 हजार रुपये तक है। इनकम टैक्स की सख्ती की वजह से भी दिक्कत हो रही है। टीम बनकर सर्वे कराने के बाद सर्किल रेट और वास्तविक रेट आसपास होना चाहिए। नवाब अय्यूब हसन खां, उपाध्यक्ष, क्रेडाई
फोटो-
ईमानदारी की बात यह है कि जमीनें सस्ती हैं और सर्किल रेट ज्यादा हैं। सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति के पास अपना घर हो लेकिन कानून इतने सख्त कर दिए कि घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। छह महीने से आवाज आ रही थी सर्किल रेट घटने जा रहे हैं लेकिन उल्टा हो रहा है। बहुमंजिला भवन में 40 लाख रुपये में बिकने वाले फ्लैट का बैनामा 50 लाख रुपये के सर्किल रेट से कराना पड़ रहा है- सर्बजीत सिंह, रियल स्टेट कारोबारी
फोटो-
रियल स्टेट का वैसे ही बुरा हाल है। सर्किल रेट बढ़ाने से प्रापर्टी की खरीद फरोख्त और कम हो जाएगी। यह किसी भी तरह से उचित नहीं है। इससे घर बनाने का सपना देखने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ेगी। इसलिए प्रशासन को सोचना चाहिए कि सर्किल रेट को बढ़ाने के बजाए घटाए। ताकि लोग आसानी से अपना घर बनाएं-नवनीत अग्रवाल, रियल स्टेट कारोबारी
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रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि मंदी के इस दौर में सर्किल रेट बढ़ जाएगा तो हालात और खराब होंगे। एक तरफ जहां सबको घर का सपना दिखाया जा रहा है ऐसे में महंगाई कहीं न कहीं तो असर करेगी ही। सर्किल रेट बढ़ाए जाने पर आपत्ति की जाएगी और 29 को अगर सर्किल रेट बढ़ाया जाता है तो इसका विरोध होगा।
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वहीं सर्किल रेट के नए प्रस्ताव में सिविल लाइंस इलाके की भटनागर कालोनी का सर्किल रेट घटाकर 500 रुपये कम कर दिया गया। यहां छह और छह से नौ मीटर तक रोड वाले इलाके के सर्किल रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। जबकि नौ मीटर वाले रोड पर इस कालोनी में सर्किल रेट 40500 से घटाकर 40000 हजार रुपये कर दिया है।
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सर्किल रेट तो बढ़ने के बजाए घटने चाहिए। नोएडा और हरियाणा में सर्किल रेट घटा भी दिए गए हैं। प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाया तो यह प्रधानमंत्री के सबको घर देने के सपने में बाधक होगा। नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी की बिक्री पर ब्रेक लग चुका है।इनकम टैक्स की सख्ती से भी बैनामे घट रह हैं। सर्किल रेट बढ़ने से रियल स्टेट की हालत और खराब हो जाएगी-रमनदीप सिंह, अध्यक्ष, क्रेडाई
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सर्किल रेट डीएम साहब की मर्जी पर निर्भर है। कमरे में बैठकर सर्वे करके नया सर्किल रेट प्रस्तावित कर दिया गया। जहां आठ हजार रुपये गज जमीन बिक रही है। वहां का सर्किल रेट 11 से 15 हजार रुपये तक है। इनकम टैक्स की सख्ती की वजह से भी दिक्कत हो रही है। टीम बनकर सर्वे कराने के बाद सर्किल रेट और वास्तविक रेट आसपास होना चाहिए। नवाब अय्यूब हसन खां, उपाध्यक्ष, क्रेडाई
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ईमानदारी की बात यह है कि जमीनें सस्ती हैं और सर्किल रेट ज्यादा हैं। सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति के पास अपना घर हो लेकिन कानून इतने सख्त कर दिए कि घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। छह महीने से आवाज आ रही थी सर्किल रेट घटने जा रहे हैं लेकिन उल्टा हो रहा है। बहुमंजिला भवन में 40 लाख रुपये में बिकने वाले फ्लैट का बैनामा 50 लाख रुपये के सर्किल रेट से कराना पड़ रहा है- सर्बजीत सिंह, रियल स्टेट कारोबारी
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रियल स्टेट का वैसे ही बुरा हाल है। सर्किल रेट बढ़ाने से प्रापर्टी की खरीद फरोख्त और कम हो जाएगी। यह किसी भी तरह से उचित नहीं है। इससे घर बनाने का सपना देखने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ेगी। इसलिए प्रशासन को सोचना चाहिए कि सर्किल रेट को बढ़ाने के बजाए घटाए। ताकि लोग आसानी से अपना घर बनाएं-नवनीत अग्रवाल, रियल स्टेट कारोबारी