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पढ़ने दो भाई, तंग आ गए हैं रोज-रोज के हंगामे से

Wed, 13 Jan 2016 02:12 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 13 Jan 2016 02:12 AM IST
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Reading the two brothers , fed daily by the uproar
इस कॉलेज में सौ किलोमीटर दूर तक के छात्र-छात्राएं पढ़ने के मकसद से रोज आते हैं, लेकिन कॉलेज पहुंचते ही फिर वही दृश्य देखकर माथे पर बल पड़ जाते हैं। ... गुट बनाएं नारेबाजी और हंगामा करते तथाकथित छात्र नेता, कक्षाओं में घुसकर पढ़ाई ठप कराना और टीचरों से अभद्रता की हद पार करना। नवाबगंज से रोज कालेज आतीं बीए फाइन आर्ट की छात्रा सुमन की आवाज में रोज की परेशानी का गुस्सा झलका। यह सिर्फ एक विद्यार्थी की परेशानी नहीं है। यूथ अड्डा में छात्रों ने अपनी समस्याएं बतानी शुरू कीं तो समस्याओं के मूल में छात्र राजनीति और कालेज प्रशासन की तनातनी से प्रभावित होती आम छात्र की पीड़ा निकल कर आयी। बीएससी के छात्र वंश का मानना है कि छात्र संघ को जिम्मेदार और अपनी गतिविधियों के लिए जवाबदेह तब ही बनाया जा सकता है जब यह चुनाव शैक्षिक सत्र की शुरूआत में ही करा दिए जाएं। बीलिव की जेबा सिद्दीकी के मुताबिक बड़ी समस्या छात्र शिक्षक-संवाद की कमी और छात्र नेता का दबंग रवैया बताया। एमए अर्थशास्त्र की छात्रा नेहा का सुझाव है कि छात्र उपस्थिति के नियम कड़े किए जाएं, आईकार्ड व यूनिफार्म अनिवार्य किए जाने से ही इसका हल संभव है। बीएड के छात्र रोहित का कहना है कि बायोमीट्रिक सिस्टम टीचर और संस्थागत छात्रों के लिए लागू किया जाना चाहिए। बीएससी बायोटेक के छात्र अतुल गुस्से में दिखे, उनकी सीधी शिकायत शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर है। बोले पूरा कालेज एडहॉक टीचरों के बूते चल रहा है, ऐसे में छात्र से किस तरह अच्छे परफार्मेंस की उम्मीद की जा सकती है। बहेड़ी के हसन कहते हैं कि छात्र नेताओं की गुंडागर्दी से जिला प्रशासन को हरकत में आना पड़ा, यह कालेज के लिए बड़ी शर्म की बात है। एम की छात्रा श्वेता सुलझे हुए अंदाज में कहती हैं कि छात्रों को अपने अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए खुद ही आगे आना होगा। कालेज ने छात्र परामर्शदात्री समिति बनाकर 36 टॉपर विद्यार्थियों को मौका दिया कि वे अन्य छात्रों की समस्याएं रखें, लेकिन पहली मीटिंग में उनके समेत सिर्फ 6 छात्र ही पहुंचे। श्वेता मानती हैं कि इस तरह सिर्फ छात्र नेताओं को कोसने भर से कालेज में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाएगा, छात्रों को जागरूक होना पड़ेगा।
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