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Bareilly News: रश्मि के जज्बे ने पुरुषों के वर्चस्व वाले मंच पर बिखेरी चमक

Tue, 18 Jul 2023 01:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 18 Jul 2023 01:59 AM IST
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Rashmi's spirit shines on the male dominated stage
बरेली। दिन रात पसीना बहाकर बॉडी बनाना, फिर बॉडी शो में हिस्सा लेना, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग यह सब तो पुरुषों के खेल हैं। इसमें महिलाएं हिस्सा नहीं लेतीं। हतोत्साहित करने वाली ऐसी बातें युवतियों और महिलाओं ने अक्सर सुनी होंगी। मगर शहर की महिला बॉडी बिल्डर रश्मि छावड़ा ऐसी बातें सुनकर भी पुुरुषों के वर्चस्व वाले खेल में अपनी छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने साबित किया कि कोई भी खेल पुरुष और महिला के नाम पर बांटा नहीं जा सकता। इच्छाशक्ति और मेहनत के बूते महिलाएं भी सपने पूरे कर सकती हैं।
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नकटिया मोहनपुर की रश्मि नेशनल बॉडी बिल्डिंग व पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी हैं। उन्होंने सात वर्ष पहले फिट रहने के उद्देश्य से व्यायाम शुरू किया था। धीरे-धीरे जिम की ऐसी आदत लगी कि वह बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता के लिए तैयार होने लगीं। उन्होंने वर्ष 2021 में ग्वालियर में हुई प्रतियोगिता में पहला राष्ट्रीय पदक अपने नाम किया। वर्तमान में रश्मि प्रतियोगिताओं में खुद तो हिस्सा लेती ही हैं, अन्य महिलाओं को भी पावरलिफ्टिंग के लिए तैयार कर रही हैं।
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परिवार ने कहा- ऐसा खेल उचित नहीं
रश्मि ने बताया कि वर्ष 2016 में बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मन बनाया था। तब उनका परिवार इसके खिलाफ था। घरवालों का कहना था जिम का शौक स्वस्थ रहने भर के लिए होना चाहिए। शरीर सौष्ठव वाले खेलों में हिस्सा लेना उचित नहीं है। परिवार के इस फैसले के बाद वह थोड़ा हतोत्साहित हुईं। फिर विचार आया कि यह एक खेल है। समाज की सोच की वजह से वह अपने सपने को क्यों मारें? तब उन्होंने फैसला लिया कि घर से अलग रहकर बॉडी बिल्डिंग की तैयारी करेंगी।
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समाज महिलाओं के बॉडी बिल्डिंग को मानता है गलत
रश्मि बताती हैं कि समाज की सोच अभी भी बदली नहीं है। इस वजह से कई बार अपनी उपलब्धियों को परिजनों से छिपाना पड़ा। लंबे समय तक आस-पड़ोस के लोगों को पता नहीं था कि वह करती क्या हैं? जब जिम खोला तब भी वहां के लोग नहीं जानते थे कि कहां की रहने वाली हूं। खेल का खर्च आज भी खुद ही निकालती हैं। वह महिलाओं को फिट रहने के लिए प्रशिक्षित करती हैं। वहां से मिले पैसों से प्रतियोगिताओं की फीस भरती हैं।

निभाई निर्णायक की भूमिका, प्रशिक्षु भी कर रहे कमाल
रश्मि ने बताया कि अभी भी महिलाओं के मुकाबले कम होते हैं। राष्ट्र स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें कई बार पुरुषों की प्रतियोगिता में निर्णायक के तौर पर बुलाया गया। हाल ही में मुजफ्फरनगर में हुई मिस्टर नॉर्थ इंडिया बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में उन्हें जज बनाया गया था। खुशी की बात ये है कि उनकी एक प्रशिक्षु चंचल रौतेला ने हाल ही में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्ट्रांग वूमेन का खिताब जीता है।


वर्जन
बॉडी बिल्डिंग चुनौती भरा है। शारीरिक मेहनत के साथ ही मन से भी मजबूत होना पड़ता है। फिट रहने के लिए तले-भुने पर रोक लगानी होती है। प्रतियोगिता के दौरान नमक और चीनी खाने तक की मनाही होती है। अंडा, ओट्स, मावा ही डाइट में रखना होता है। पानी भी कम पीना होता है। यहां तक की दाल पानी निकालकर खानी पड़ती है।
रश्मि छावड़ा, महिला बॉडी बिल्डर
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