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पुलिस ने रेप पीड़िता को तमाशा बना दिया
बरेली
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:39 AM IST
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भोजीपुरा इलाके की यह युवती शनिवार को रोडवेज की बस से गाजियाबाद से घर लौट रही थी। पीड़िता के मुताबिक बस में उसके साथ सीट पर बैठा एक शख्स उससे बातचीत करने लगा। सतीशचंद्र पुत्र जगदीश नाम के इस शख्स ने खुद को व्यापारी बताते हुए गाजियाबाद के सूर्यनगर का रहने वाला बताया। बातों-बातों में जब उसने यह बताया कि उसे नौकरी की तलाश है तो उसने बरेली में अपने परिचित के जरिये हाथोंहाथ नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसके झांसे में आकर वह बरेली में उतरने के बाद उसके साथ राजेंद्रनगर चली गई। वहां वह उसे एक घर में ले गया। घर पर जो व्यक्ति मौजूद था, वह खाना ले आया। युवती के मुताबिक खाना खाने के कुछ ही देर बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया गया।
रविवार को पीड़िता थाना प्रेमनगर पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन इसके बाद उसका ऐसा तमाशा बनाया कि वह बुरी तरह आहत है। पीड़िता के मुताबिक पुलिस उसे दो दिन से थाने बुला रही है। सोमवार को उसे राजेंद्रनगर के कई घरों में ले जाकर उस आदमी की शिनाख्त कराने की कोशिश की जिसके घर में उसके साथ बलात्कार किया गया। उसे ऐसे ही मंगलवार को भी घर-घर ले जाकर तमाशा बनाया गया। इस दौरान राजेंद्रनगर में कई लोगों से उसका आमना-सामना भी कराया गया।
ऐसे शर्मसार होने से अच्छा था खुदकुशी कर लेती
पीड़िता पुलिस के घर-घर घुमाने से इस कदर शर्मिंदा थी कि मंगलवार शाम थाने में बैठे-बैठे रो पड़ी। उसने कहा कि बलात्कार के बाद पुलिस आरोपी को पकड़ने के नाम पर बला सी टाल रही है। उस पर आरोपी का घर बताने का दबाव डालकर उसका घरों में ले जाकर लोगों से आमना-सामना कराया जा रहा है। रोते हुए पीड़िता बोली कि पुलिस उसे ऐसे शर्मसार कर रही है कि वह खुदकुशी कर लेती तो इससे ज्यादा अच्छा होता।
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नहीं हुआ अफसरों के प्रवचन का असर
रेप के मामलों में पुलिस न कायदे-कानून की परवाह कर रही है, न अफसरों के निर्देशों की। कुछ ही समय पहले अफसरों ने पुलिस को मानवाधिकार संबंधी एक कार्यक्रम में निर्देश दिया था कि रेप पीड़ित महिलाओं से वह अपनी मां-बहन की तरह सहानुभूतिपूर्ण बर्ताव करे। लेकिन लगातार पुलिस की संवेदनशून्यता के मामले सामने आ रहे हैं। फरीदपुर की पांचवीं की छात्रा से भी पुराने शहर के जिस होटल में गैंगरेप किया गया था, पुलिस उसे खुद ढूंढने के बजाय पीड़िता पर ही होटल का पता बताने का दबाव बनाए हुए है।
रविवार को पीड़िता थाना प्रेमनगर पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन इसके बाद उसका ऐसा तमाशा बनाया कि वह बुरी तरह आहत है। पीड़िता के मुताबिक पुलिस उसे दो दिन से थाने बुला रही है। सोमवार को उसे राजेंद्रनगर के कई घरों में ले जाकर उस आदमी की शिनाख्त कराने की कोशिश की जिसके घर में उसके साथ बलात्कार किया गया। उसे ऐसे ही मंगलवार को भी घर-घर ले जाकर तमाशा बनाया गया। इस दौरान राजेंद्रनगर में कई लोगों से उसका आमना-सामना भी कराया गया।
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ऐसे शर्मसार होने से अच्छा था खुदकुशी कर लेती
पीड़िता पुलिस के घर-घर घुमाने से इस कदर शर्मिंदा थी कि मंगलवार शाम थाने में बैठे-बैठे रो पड़ी। उसने कहा कि बलात्कार के बाद पुलिस आरोपी को पकड़ने के नाम पर बला सी टाल रही है। उस पर आरोपी का घर बताने का दबाव डालकर उसका घरों में ले जाकर लोगों से आमना-सामना कराया जा रहा है। रोते हुए पीड़िता बोली कि पुलिस उसे ऐसे शर्मसार कर रही है कि वह खुदकुशी कर लेती तो इससे ज्यादा अच्छा होता।
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नहीं हुआ अफसरों के प्रवचन का असर
रेप के मामलों में पुलिस न कायदे-कानून की परवाह कर रही है, न अफसरों के निर्देशों की। कुछ ही समय पहले अफसरों ने पुलिस को मानवाधिकार संबंधी एक कार्यक्रम में निर्देश दिया था कि रेप पीड़ित महिलाओं से वह अपनी मां-बहन की तरह सहानुभूतिपूर्ण बर्ताव करे। लेकिन लगातार पुलिस की संवेदनशून्यता के मामले सामने आ रहे हैं। फरीदपुर की पांचवीं की छात्रा से भी पुराने शहर के जिस होटल में गैंगरेप किया गया था, पुलिस उसे खुद ढूंढने के बजाय पीड़िता पर ही होटल का पता बताने का दबाव बनाए हुए है।