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Bareilly News: कच्चा बदमाश है रामनिवास, न रेकी कर सका न बाइक का जुगाड़
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बरेली। कहावत है कि अति आत्मविश्वास कभी-कभी इन्सान को ले डूबता है तो कई बार आलसी व्यक्ति किस्मत से बच निकलता है। कुछ ऐसा ही इस फायरिंग कांड में दिखा। यहां अति आत्मविश्वास में चेहरा खोलकर वारदात करने वाले गैंग लीडर रविंद्र की पुलिस की गोली से मौत हो गई, जबकि सुस्ती और आरामतलबी ने रामनिवास की जान बचा ली।
रामनिवास के बारे में पुलिस को झुमका चौराहे के आसपास की पोस्ट देखकर जानकारी हुई कि कोई पांचवां शख्स भी बरेली में मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, सर्च के दौरान सोनीपत में दोनों बाइकों की टंकी फुल कराकर निकलते बदमाशों की फुटेज मिली। इससे पांचवें शख्स पर मुहर लग गई और होटल की आईडी से तस्दीक हुई कि वह राजस्थान का निवासी रामनिवास उर्फ दीपक ही है। पुलिस ने देखा कि दस सितंबर की सुबह जब पांच लोग शहर में घुसे तो रामनिवास झुमका चौराहे के पास बाइक से उतरा और यात्री शेड में सो गया। तीन घंटे बाद करीब नौ बजे वह सोकर उठा और रामपुर की ओर जाता दिखा। पुलिस ने अनुमान लगाया कि वह किसी वाहन ने रामपुर की ओर चला गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता लगा कि रामनिवास शहर से गया नहीं था। वह पैदल ही परसाखेड़ा होकर थोड़ा आगे आया और सिटी स्टेशन व जंक्शन के पास घूमता रहा। दरअसल, मुख्य शूटर रविंद्र ही सबको खर्च दे रहा था और उसने झुमका चौराहे पर उतारते वक्त रामनिवास को पांच सौ रुपये दिए थे। कहा था कि वह कोई बाइक चोरी कर ले, ताकि सही नाम-पते वाली काली स्पलेंडर बाइक को हटाया जा सके। पुलिस के मुताबिक फोन पर अपने दोस्त गैराज संचालक अनिल से बात करते हुए रामनिवास ने कई बाइकें देखीं, लेकिन किसी का हैंडल लॉक खुला न मिल सका। वह निराश हो गया। उसने रविंद्र को यह बताने के लिए कॉल की तो वह भड़क गया।
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पहली रेकी में रामनिवास को ही भेजा
शाही थाना पुलिस ने पूछताछ की तो पता लगा कि 11 सितंबर की रात करीब तीन बजे पहली बार पाटनी की गली में रेकी करने के लिए रामनिवास को ही अकेले स्पलेंडर बाइक से भेजा गया। वह घबराया हुआ था और सही मकान को चिह्नित न कर सका। ये बात जब रविंद्र को अन्य साथियों ने फोन पर बताई तो वह गुस्सा हो गया। उसने कहा कि यह कोई काम सही से नहीं कर पाता, इसे हटा दो। तब रविंद्र के आदेश पर बागपत निवासी दोनों लड़के फायरिंग करने घुसे। हालांकि, रामनिवास की गलत रेकी की वजह से पाटनी के घर से काफी आगे एक हवाई फायर कर भाग आए। सुबह रविंद्र ने रामनिवास को भगा दिया।
बागपत के दोनों नाबालिग आरोपियों का बी वारंट मांगेगी बरेली पुलिस
दिशा पाटनी के घर पहले दिन यानी 11 सितंबर की सुबह फायरिंग करने वाले बागपत निवासी दोनों नाबालिग आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों से हथियार बरामदगी दिखाकर आर्म्स एक्ट की धारा लगाई हैं। दोनों पर ही बरेली के एडीजी जोन रमित शर्मा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। दोनों का बी वारंट लेने का प्रयास किया जाएगा। बरेली कोर्ट में इनके आने पर पुलिस कस्टडी रिमांड लेने का आवेदन किया जाएगा। इनसे पूछताछ या जरूरत के मुताबिक बरामदगी करने का प्रयास किया जाएगा। ब्यूरो
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रामनिवास के बारे में पुलिस को झुमका चौराहे के आसपास की पोस्ट देखकर जानकारी हुई कि कोई पांचवां शख्स भी बरेली में मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, सर्च के दौरान सोनीपत में दोनों बाइकों की टंकी फुल कराकर निकलते बदमाशों की फुटेज मिली। इससे पांचवें शख्स पर मुहर लग गई और होटल की आईडी से तस्दीक हुई कि वह राजस्थान का निवासी रामनिवास उर्फ दीपक ही है। पुलिस ने देखा कि दस सितंबर की सुबह जब पांच लोग शहर में घुसे तो रामनिवास झुमका चौराहे के पास बाइक से उतरा और यात्री शेड में सो गया। तीन घंटे बाद करीब नौ बजे वह सोकर उठा और रामपुर की ओर जाता दिखा। पुलिस ने अनुमान लगाया कि वह किसी वाहन ने रामपुर की ओर चला गया।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता लगा कि रामनिवास शहर से गया नहीं था। वह पैदल ही परसाखेड़ा होकर थोड़ा आगे आया और सिटी स्टेशन व जंक्शन के पास घूमता रहा। दरअसल, मुख्य शूटर रविंद्र ही सबको खर्च दे रहा था और उसने झुमका चौराहे पर उतारते वक्त रामनिवास को पांच सौ रुपये दिए थे। कहा था कि वह कोई बाइक चोरी कर ले, ताकि सही नाम-पते वाली काली स्पलेंडर बाइक को हटाया जा सके। पुलिस के मुताबिक फोन पर अपने दोस्त गैराज संचालक अनिल से बात करते हुए रामनिवास ने कई बाइकें देखीं, लेकिन किसी का हैंडल लॉक खुला न मिल सका। वह निराश हो गया। उसने रविंद्र को यह बताने के लिए कॉल की तो वह भड़क गया।
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पहली रेकी में रामनिवास को ही भेजा
शाही थाना पुलिस ने पूछताछ की तो पता लगा कि 11 सितंबर की रात करीब तीन बजे पहली बार पाटनी की गली में रेकी करने के लिए रामनिवास को ही अकेले स्पलेंडर बाइक से भेजा गया। वह घबराया हुआ था और सही मकान को चिह्नित न कर सका। ये बात जब रविंद्र को अन्य साथियों ने फोन पर बताई तो वह गुस्सा हो गया। उसने कहा कि यह कोई काम सही से नहीं कर पाता, इसे हटा दो। तब रविंद्र के आदेश पर बागपत निवासी दोनों लड़के फायरिंग करने घुसे। हालांकि, रामनिवास की गलत रेकी की वजह से पाटनी के घर से काफी आगे एक हवाई फायर कर भाग आए। सुबह रविंद्र ने रामनिवास को भगा दिया।
बागपत के दोनों नाबालिग आरोपियों का बी वारंट मांगेगी बरेली पुलिस
दिशा पाटनी के घर पहले दिन यानी 11 सितंबर की सुबह फायरिंग करने वाले बागपत निवासी दोनों नाबालिग आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों से हथियार बरामदगी दिखाकर आर्म्स एक्ट की धारा लगाई हैं। दोनों पर ही बरेली के एडीजी जोन रमित शर्मा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। दोनों का बी वारंट लेने का प्रयास किया जाएगा। बरेली कोर्ट में इनके आने पर पुलिस कस्टडी रिमांड लेने का आवेदन किया जाएगा। इनसे पूछताछ या जरूरत के मुताबिक बरामदगी करने का प्रयास किया जाएगा। ब्यूरो