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रामायण कॉन्क्लेव : जन-जन के राम कण-कण में राम
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रामायण कॉन्क्लेव में प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पर्यटन और संस्कृति विभाग ने आयोजित किया आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का किया आयोजन
बरेली। रामायण के प्रसंगों का भावविभोर करने वाला मंचन और वातावरण को राममय बनाने वाला संगीत और कथक के रंग... मौका था बरेली की धरती पर पहले रामायण कॉन्क्लेव का। जिले में आयोजित इस कॉन्क्लेव में कलाकारों ने बेहतरीन मंचन कर रामायण को जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों की प्रस्तुति देख दर्शक भावविभोर हो गए।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर चर्चा के साथ रामलीला मंचन, भरतनाट्यम और कथक नृत्य नाटिका का भी मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर तीन बजे होनी थी लेकिन अतिथियों के आने में विलंब होने की वजह से यह एक घंटा देर से शुरू हुआ। फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और तुलसी मठ के महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पहले सत्र में लोक गीतों में राम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महंत कमल नयन दास ने कहा कि रामचरित मानस एक ऐसा ग्रंथ है जो आज भी प्रासंगिक है, इसकी प्रासंगिता न तो कभी कम हुई थी न ही कभी कम होगी। उन्होंने कहा कि रामकथा हमारी रग-रग में समाई हुई है। हमें रामायण को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल ने कहा कि जीवन में ग्रंथ पढ़ने की रुचि को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। गोष्ठी में रंगकर्मी डॉ. कविता, डॉ. पूर्णिमा अनिल ने भी अपने विचार रखे।
रंग विनायक रंग मंडल ने किया नाटक मंचन
रामायण कॉन्क्लेव में बरेली के रंग विनायक रंग मंडल की ओर से रामलीला का मंचन किया गया। लगभग 50 मिनट की प्रस्तुति में कलाकारों ने राम के जीवन से जुड़े कई प्रसंगों की प्रभावी प्रस्तुति दी। राम का किरदार दानिश ने निभाया। निर्देशन अंबुज कुकरेती ने किया।
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16 जनपदों में चयनित हुआ बरेली और 16 लोग भी नहीं जुटा पाए
बरेली। रामायण कान्क्लेव के लिए प्रदेश भर के 16 जिलों में बरेली का चयन किया गया था लेकिन इस आयोजन में इतने लोग भी नहीं जुट सके और पूरा हॉल खाली पड़ा रहा। इस पर फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम विहारी लाल ने मंच से ही फटकार भी लगाई।
रामायण कॉन्क्लेव के सफल आयोजन के लिए लंबे समय से कागजी तैयारियां चल रही थी। अफसर बातों में ही इसका प्रचार-प्रसार करने में जुटे थे और यह सच्चाई बृहस्पतिवार को आयोजन के दौरान सामने भी आ गई। कार्यक्रम से जिला प्रशासन समेत दूसरे विभागों के ज्यादातर अफसर नदारद थे। अव्यवस्था भी शुरू से ही हावी रही। अपराह्न तीन बजे कार्यक्रम शुरू करने का समय था। महंत कमल नयन दास समेत कई अतिथि पहुंच भी गए लेकिन यह एक घंटा विलंब से शुरू हुआ। उसमें भी कुछ छोटे अधिकारी और कर्मचारी ही मौजूद थे। जनता के नाम पर 16 लोग भी इसमें नहीं पहुंचे, जिसके चलते पूरी दर्शक दीर्घा खाली रही। यह स्थिति देख विधायक प्रो. श्याम विहारी लाल ने मंच से ही अफसरों से कड़ी नाराजगी जताई कि राम के नाम पर कराए आयोजन को भी गंभीरता से नहीं लिया गया।
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बरेली। रामायण के प्रसंगों का भावविभोर करने वाला मंचन और वातावरण को राममय बनाने वाला संगीत और कथक के रंग... मौका था बरेली की धरती पर पहले रामायण कॉन्क्लेव का। जिले में आयोजित इस कॉन्क्लेव में कलाकारों ने बेहतरीन मंचन कर रामायण को जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों की प्रस्तुति देख दर्शक भावविभोर हो गए।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर चर्चा के साथ रामलीला मंचन, भरतनाट्यम और कथक नृत्य नाटिका का भी मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर तीन बजे होनी थी लेकिन अतिथियों के आने में विलंब होने की वजह से यह एक घंटा देर से शुरू हुआ। फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और तुलसी मठ के महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पहले सत्र में लोक गीतों में राम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महंत कमल नयन दास ने कहा कि रामचरित मानस एक ऐसा ग्रंथ है जो आज भी प्रासंगिक है, इसकी प्रासंगिता न तो कभी कम हुई थी न ही कभी कम होगी। उन्होंने कहा कि रामकथा हमारी रग-रग में समाई हुई है। हमें रामायण को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल ने कहा कि जीवन में ग्रंथ पढ़ने की रुचि को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। गोष्ठी में रंगकर्मी डॉ. कविता, डॉ. पूर्णिमा अनिल ने भी अपने विचार रखे।
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रंग विनायक रंग मंडल ने किया नाटक मंचन
रामायण कॉन्क्लेव में बरेली के रंग विनायक रंग मंडल की ओर से रामलीला का मंचन किया गया। लगभग 50 मिनट की प्रस्तुति में कलाकारों ने राम के जीवन से जुड़े कई प्रसंगों की प्रभावी प्रस्तुति दी। राम का किरदार दानिश ने निभाया। निर्देशन अंबुज कुकरेती ने किया।
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16 जनपदों में चयनित हुआ बरेली और 16 लोग भी नहीं जुटा पाए
बरेली। रामायण कान्क्लेव के लिए प्रदेश भर के 16 जिलों में बरेली का चयन किया गया था लेकिन इस आयोजन में इतने लोग भी नहीं जुट सके और पूरा हॉल खाली पड़ा रहा। इस पर फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम विहारी लाल ने मंच से ही फटकार भी लगाई।
रामायण कॉन्क्लेव के सफल आयोजन के लिए लंबे समय से कागजी तैयारियां चल रही थी। अफसर बातों में ही इसका प्रचार-प्रसार करने में जुटे थे और यह सच्चाई बृहस्पतिवार को आयोजन के दौरान सामने भी आ गई। कार्यक्रम से जिला प्रशासन समेत दूसरे विभागों के ज्यादातर अफसर नदारद थे। अव्यवस्था भी शुरू से ही हावी रही। अपराह्न तीन बजे कार्यक्रम शुरू करने का समय था। महंत कमल नयन दास समेत कई अतिथि पहुंच भी गए लेकिन यह एक घंटा विलंब से शुरू हुआ। उसमें भी कुछ छोटे अधिकारी और कर्मचारी ही मौजूद थे। जनता के नाम पर 16 लोग भी इसमें नहीं पहुंचे, जिसके चलते पूरी दर्शक दीर्घा खाली रही। यह स्थिति देख विधायक प्रो. श्याम विहारी लाल ने मंच से ही अफसरों से कड़ी नाराजगी जताई कि राम के नाम पर कराए आयोजन को भी गंभीरता से नहीं लिया गया।